• Last Updates : 11:11 PM

जज लोया मामले में आरएसएस के इशारे पर दी गई जनहित याचिका : कांग्रेस

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस ने गुरुवार को न्यायमूर्ति बी.एच. लोया की मौत के मामले में अपंजीकृत संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर अमित शाह को बचाने के लिए प्रेरित जनहित याचिका दायर करने का आरोप लगाया और कहा कि इसे आरएसएस नेता भैयाजी जोशी के निर्देशों पर भाजपा कार्यकर्ता सूरज लोलागे ने दायर किया। जोशी ने लोलागे को इसे सर्वोच्च न्यायालय से वापस नहीं लेने का भी निर्देश दिया था।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सब जज लोया की मौत के मामले को बंद करवाने के लिए प्रायोजित तरीके से किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पिछले हफ्ते इस संबंध में एसआईटी जांच की मांग को खारिज किए जाने के आदेश के दौरान यह कहे जाने से भी सहमत हैं कि एक जनहित याचिका का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग हो सकता है और वही हुआ भी।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम सर्वोच्च न्यायालय से सहमत हैं कि इस तरह की कई जनहित याचिकाएं पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इच्छित फल की प्राप्ति के लिए दाखिल की जाती हैं।

सिब्बल ने कहा कि सूर्यकांत लोलागे उर्फ सूरज लोलागे ने पिछले वर्ष कारवां पत्रिका की रिपोर्ट के आधार पर 27 नवंबर को बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष पहली जनहित याचिका दायर की थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि लोलागे इस वर्ष जनवरी में वकील व सामाजिक कार्यकर्ता सतीश उके के साथ कांग्रेस के संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए थे, जहां पार्टी ने दिसंबर 2014 में न्यायाधीश लोया की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की जांच एसआईटी से करवाने की मांग की थी।

सिब्बल ने कहा कि पार्टी को उस वक्त लोलागे की पृष्ठभूमि और भाजपा व आरएसएस से उसकी निकटता के बारे में पता नहीं था।

उन्होंने कहा, हमें बाद में पता चला कि सूरज लोलागे को भैयाजी जोशी ने जनहित याचिका दायर करने और सर्वोच्च न्यायालय से इसे वापस न लेने का निर्देश दिया था। उनका आशय सूरज लोलागे और सतीश उके के भाई प्रदीप उके की फरवरी, 2018 में हुई बातचीत से स्पष्ट हो जाता है।

गौरतलब है कि जज लोया की बहन ने कहा था कि उनके भाई की मौत की खबर और उनका सामान लेकर आरएसएस का एक कार्यकर्ता उनके घर गया था, तभी उन्हें संदेह हो गया था कि 44 वर्षीय जज लोया की स्वाभाविक मौत नहीं हुई है। उनके परिवार को पहले से फोन पर धमकियां दी जा रही थीं।

कुछ दिनों पहले जज लोया के बेटे का मीडिया के सामने आकर अचानक यह कहना कि वह अपने पिता की मौत की जांच नहीं करवाना चाहता और उधर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जांच की मांग वाली याचिका खारिज हो जाना संदेह उत्पन्न करता है। रंजन गोगोई सहित चार न्यायाधीशों ने इस ओर इशारा किया था कि मामले को रफा-दफा करने का उपाय लगाया जा रहा है। बेहतर यह होता कि जांच का आदेश दे दिया जाता तो जांच के बाद अमित शाह की बेगुनाही साबित हो जाती और पीड़ित परिवार को भी तसल्ली हो जाती।

--आईएएनएस

10:45 PM

मोदी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, गूगल ने गड़बड़ी सुधारी

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के तौर पर गूगल सर्च पर दिखाने की गड़बड़ी को गूगल ने सुधार लिया है। गूगल की इस गड़बड़ी को लेकर ट्विटर पर लोगों ने काफी नाराजगी जताई।

गूगल पर बुधवार को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के बारे में सर्च करने पर वीकीपीडिया पर जो पहला पेज खुला उसमें भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची में जवाहरलाल नेहरू का नाम और उनके बारे में पूरा विवरण मिला। मगर, नेहरू की तस्वीर की जगह मोदी की तस्वीर लगी थी।

इसके बाद अनेक लोगों ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जताई।

कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रभारी दिव्या स्पंदना ने एक ट्वीट में लिखा, एट द रेट गूगल एट द रेट गूगल इंडिया आपकी किस कलन विधि से ऐसा हुआ? आपके पास इतना कचरा भरा पड़ा है।

कई लोगों ने सर्च इंजन को टैग करके लिखा कि आखिर क्या चल रहा है।

एक ने लिखा, मैं जानना चाहता हूं कि क्या जवाहरलाल नेहरू नरेंद्र मोदी की तरह लगते हैं।

गूगल को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने गुरुवार को गड़बड़ी सुधार ली।

--आईएएनएस

10:09 PM

दिल्ली में पारा 42 के पार, गुरुवार साल का सबसे गर्म दिन (लीड-1)

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली में गुरुवार का दिन इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। गुरुवार को अधिकतम तापमान मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री अधिक 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) भी सबसे बेकार 312 दर्ज किया गया। यह गणना शून्य से 500 सूचकांकों के बीच मापी जाती है। इसका स्तर बहुत खराब तथा कुछ स्थानों पर गंभीर स्तर पर पाया गया।

भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि गुरुवार को कुछ स्थानों पर पारा 42 डिग्री के आंकड़े को भी पार कर गया। तापमान जहां पालम क्षेत्र में मौसम के सामान्य से चार अंक अधिक 43.9 डिग्री दर्ज किया गया वहीं आयानगर में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पड़ोसी गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

विभाग के अनुसार गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली के सबसे गर्म स्थान पालम पर न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन अंक अधिक था।

मौसम विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान में भारत के सबसे गर्म स्थान पूर्वी राजस्थान से गर्म और शुष्क पच्छम हवाएं आ रही हैं। पिछले तीन दिन से असामान्य रूप से गर्मी बढ़ने से यहां अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शुक्रवार और शनिवार को हवाओं की दिशा पच्छम से आद्र्र और शांत पुरवाई में बदलने से कुछ राहत मिलेगी।

मौसम विभाग के निदेशक महेश पलवत ने आईएएनएस को बताया, शनिवार तक तापमान में मामूली गिरावट देखी जा सकती है, इसके साथ ही गरज के साथ वर्षा तथा बिजली भी कड़क सकती है जिससे मामूली राहत मिलने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि गुरुवार को आद्र्रता 16 से 58 फीसदी के बीच रही। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इस दौरान दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में पिछले चार दिनों में प्रबल गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जो स्तर मध्यम था, गुरुवार को बहुत बुरा हो गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) वायु गुणवत्ता सूचकांक रोहिणी में गंभीर स्तर पर 400 सूचकांक के पार दर्ज किया गया जबकि पश्चिमोत्तर में वजीरपुर (441), पूर्व में आनंद विहार (407) और जहांगीरपुरी (404) दर्ज किया गया।

इस दौरान दक्षिण में सीरी फोर्ट पर 399 और ओखला पर 396, मध्य में मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 396 और पश्चिमोत्तर दिल्ली में अशोक विहार सहित अन्य स्थानों पर वायु की गुणवत्ता बहुत बेकार स्तर पर दर्ज की गई।

--आईएएनएस

10:06 PM

ट्रेन ने स्कूली वैन को टक्कर मारी, 13 छात्रों की मौत (राउंडअप)

नई दिल्ली/गोरखपुर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में एक मानवरहित रेल क्रासिंग के पास पैसेंजर ट्रेन और एक स्कूली वैन के बीच हुई टक्कर में 10 वर्ष से कम उम्र के 13 छात्रों की मौत हो गई।

डॉक्टरों और अधिकारियों ने कहा, वाहन चालक समेत कम से कम चार छात्र घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाहन चालक वाहन चलाते वक्त कान में ईयरफोन लगाए हुए था।

यह घटना उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के मानव रहित दुदही बेहपुरवा रेलवे क्रासिंग पर गुरुवार सुबह 7:10 मिनट पर हुई जब गोरखपुर-सिवान पैसेंजर ट्रेन, स्कूली बच्चों से भरी वैन से टकरा गई। सभी बच्चे डिवाइन पब्लिक स्कूल के छात्र थे।

भारतीय रेल के प्रवक्ता वेद प्रकाश ने आईएएनएस से कहा, घायलों को घटनास्थल से 30 किलोमीटर दूर पंद्रुना अस्पताल ले जाया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताया है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने हादसे के बाद कहा कि भारतीय रेल मानवरहित स्तर के क्रासिंग को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

लोहानी ने नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, हम मानवरहित स्तर के क्रासिंग को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोहानी ने यात्रियों को मानवरहित क्रासिंग से गुजरते वक्त सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा, वस्तुत:, लोगों को रेलवे ट्रेक पार करते वक्त सावधान रहना चाहिए, इसका कोई विकल्प नहीं है। हम ऐसा कोई कदम नहीं उठा सकते, जो फुल-प्रूफ हो।

रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सिवान से गोरखपुर जा रही ट्रेन रुकने से पहले स्कूल वैन को घसीटते हुए करीब 100 मीटर तक आगे ले गई।

पूर्वोत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि घटना के वक्त वैन में 25 लोग सवार थे जिसमें अधिकतर 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे।

रेलवे मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख की सहायता राशि, गंभीर रूप से घायलों के लिए 1 लाख और मामूली रूप से घायलों के लिए 50,000 रुपये की घोषणा की है।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक बयान में कहा, मैं कुशीनगर के मानवरहित क्रासिंग पर स्कूली बच्चों के मारे जाने की घटना से काफी पीड़ा में हूं। मेरी संवेदना मृतकों के परिजनों के साथ है और मैं घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

गोयल ने कहा कि उन्होंने घटना के संबंध में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

रेल मंत्री ने कहा, हम भविष्य में ऐसे किसी भी संभावित घटना को टालने के हरसंभव प्रयास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सुबह हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में जुटने का निर्देश दिया है।

योगी ने घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल में घायल बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने गोरखपुर के विभागीय कमिश्नर को घटना की जांच करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायल बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

उन्होंने अस्पताल में घायलों से मुलाकात करने के बाद कहा, मुझे बताया गया कि वाहन चलाते वक्त चालक ने कान में ईयरफोन लगाया हुआ था। यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है।

उन्होंने कहा, एक जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच के आधार पर, दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।

योगी ने यह भी कहा कि उन्होंने घटना के संबंध में तत्काल मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी स्कूली वैन की जांच करने के आदेश दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि ये वाहन सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करते हैं या नहीं।

लखनऊ में, आम आदमी पार्टी (आप) ने लोगों की सलामती के लिए पूरे देश के सभी मानवरहित स्तर के क्रासिंग में रेलवे कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की है।

--आईएएनएस

09:57 PM

मुझे मुख्यमंत्री पद की भूख नहीं : कमलनाथ

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने गुरुवार को मध्य प्रदेश की कांग्रेस इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद कहा कि वह मुख्यमंत्री पद के भूखे नहीं हैं और उनके चयन का फैसला इसलिए किया गया है क्योंकि पार्टी को लगता है कि वह सबको साथ लेकर चल सकते हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके चयन का यह मतलब नहीं है कि वह साल के अंत में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।

समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में कमलनाथ ने कहा कि उन्हें राज्य के अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ चर्चा करने के बाद ही पार्टी प्रमुख नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने महसूस किया कि वह सबको साथ लेकर चल सकते हैं।

वह अरुण यादव की जगह अध्यक्ष पद संभालेंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी नियुक्ति का मतलब यह है कि वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, कमलनाथ ने जवाब दिया, ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है।

उन्होंने कहा, मैं मुख्यमंत्री पद या किसी अन्य पद का भूखा नहीं हूं। मैं भाजपा सरकार के दलदल से राज्य को बाहर निकालने का भूखा हूं।

जब उनसे फिर पूछा गया कि क्या उन्हें मध्य प्रदेश के भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा, आप कांग्रेस पार्टी के साथ मध्य प्रदेश के भविष्य को देख रहे हैं।

कमलनाथ ने कहा कि उनका नाम पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पार्टी के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के नेताओं के साथ व्यापक चर्चा के बाद चुना गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल गांधी ने एक महीने पहले इसका संकेत दे दिया था।

उन्होंने कहा, मैंने यह बयान दिया था कि मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया के पूर्ण समर्थन में हूं...दिग्विजय सिंह से ज्यादा राज्य को कोई भी बेहतर नहीं समझ सकता। मुझे यकीन है कि राहुल गांधी उनके लिए एक भूमिका तलाशेंगे। हर किसी को कोई न कोई भूमिका निभानी होगी, हमें सिर्फ एक चेहरे की जरूरत नहीं बल्कि कई चेहरों की जरूरत है।

--आईएएनएस

09:40 PM

इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति पर रोक लगाने से शीर्ष अदालत का इनकार

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह की याचिका पर यह फैसला दिया।

याचिका में जयसिंह ने मल्होत्रा को सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश के तौर पर शपथ नहीं दिलाने और सरकार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ के नाम की भी सिफारिश (सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद के लिए) करने का निर्देश सरकार को देने की मांग की थी।

पीठ ने कहा, बार की एक सदस्य की नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए वकीलों की ओर से याचिका दायर करना अकल्पनीय, सोच से परे, समझ से बाहर और कभी नहीं सुनी जाने वाली बात है। सरकार को इस बात का अधिकार है कि वह (न्यायाधीश पद के लिए) उसे भेजे गए नाम पर पुनर्विचार करने के लिए कह सके।

पीठ ने कहा, संवैधानिक औचित्य के तहत इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति के वारंट को लागू किया जाना चाहिए।

केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत कॉलेजियम को न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत करने की सिफारिश पर पुनर्विचार करने को कहा लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की।

सरकार के इसी फैसले का जिक्र करते हुए इंदिरा जयसिंह ने पीठ से कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि या तो दोनों नामों की सिफारिश की जाए या फिर दोनों खारिज कर दिए जाएं।

इस पर अदालत ने कहा कि सरकार किसी भी नाम को वापस पुनर्विचार के लिए भेजने का हक रखती है और फिर कॉलेजियम संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के आधार पर फैसला करता है।

अधिवक्ता ने याचिका पर त्वरित सुनवाई की मांग की जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया।

इंदिरा जयसिंह ने अदालत को बताया कि 100 से अधिक अधिवक्ताओं ने याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं और केंद्र के अपने मनमाफिक चुनाव के फैसले पर सवाल उठाया है।

हस्ताक्षरकर्ताओं ने न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के मसले पर विचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की शीघ्र बैठक बुलाने की मांग पर सहमति जताई है।

--आईएएनएस

08:54 PM

अपोलो अस्पताल के पास जलललिता के खून का नमूना नहीं

चेन्नई, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। अपोलो अस्पताल ने गुरुवार को मद्रास उच्च न्यायालय से कहा कि उसके पास तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री के खून के नमूने नहीं हैं।

अदालत ने बुधवार को अपोलो अस्पताल को जयललिता के रक्त के नमूने के संबंध में एक रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे। जयललिता को इस अस्पताल में 22 सितंबर 2016 को भर्ती कराया गया था और 5 दिसंबर को उनका इसी अस्पताल में निधन हुआ था।

अदालत ने यह आदेश एस. अमृता की एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिया था, जोकि जयललिता की पुत्री होने का दावा कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 जून को मुकर्रर की है।

अमृता ने खुद को जयललिता की पुत्री साबित करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। उसने डीएनए टेस्ट की जांच की अनुमति देने के लिए न्यायालय में याचिका दाखिल की है।

--आईएएनएस

08:25 PM

केंद्र ने न्यायाधीश जोसेफ की सिफारिश वापस भेजी

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र ने गुरुवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के . एम. जोसेफ को पदोन्नति देकर उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनाने संबंधी शीर्ष अदालत की कॉलेजियम की सिफारिश पुनर्विचार के लिए वापस लौटा दी।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को लिखे पत्र में कहा, के. एम. जोसेफ के मामले के पुनर्विचार के प्रस्ताव को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की मंजूरी है।

पत्र में यह भी बताया गया है कि वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा को सर्वोच्च न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने के फैसले को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है।

--आईएएनएस

08:24 PM

कांग्रेस विदेशी एजेंसियों को किराए पर रखकर झूठ फैला रही : मोदी (लीड-1)

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना से इनकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कांग्रेस पर विदेशी एजेंसियों को किराए पर रखकर झूठ फैलाने व समाज को धर्म व जाति को लेकर बांटने का आरोप लगाया।

नमो मोबाइल एप से कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों, राज्य के पदाधिकारियों व नेताओं से 40 मिनट के बातचीत के सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में समस्याएं कांग्रेस के पाप की वजह से हैं। जब तक कांग्रेस की संस्कृति समाप्त नहीं होती, समस्याएं हल नहीं होंगी।

उन्होंने कहा, अगर आप बीते कुछ चुनावों का विश्लेषण करें तो आप को एहसास होगा कैसे कुछ पार्टियां समाज को बांटने में शामिल रही हैं। वे (कांग्रेस) धर्म, जाति व मजहब की राजनीति करती रही है और उनका विकास की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा एक भारत, श्रेष्ठ भारत व सबका साथ, सबका विकास के मंत्र में विश्वास करती है।

लिंगायत को एक धार्मिक अल्पसंख्यक घोषित करने को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि यह कांग्रेस की कार्य संस्कृति है जिसमें वे चुनावों से पहले एक समुदाय के भावनाओं का फायदा उठाते है और बाद में भूल जाते हैं।

उन्होंने कहा, वे कभी अपने काम का विवरण नहीं देंगे। वे चुनावों से पहले एक निश्चित समुदाय को लॉलीपॉप देते हैं और फिर भूल जाते हैं। जब अगला चुनाव अता है तो वे अपने दूसरे वोटरों को लुभाते हैं।

उन्होंने दिल्ली से अपने वीडियो संबोधन में कहा, क्या कोई इनकार कर सकता है भारत की मुख्यधारा की राजनीति कांग्रेस के पापों से जुड़ी हुई है। कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता। यह समस्या दूसरे राजनीतिक दलों में भी कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति के कारण मौजूद है। मुख्यधारा की राजनीति से कांग्रेस संस्कृति के समाप्त हुए बगैर राजनीतिक शुचिता स्थापित नहीं की जा सकती।

कांग्रेस द्वारा आक्रामक तरीके से झूठ फैलाने को लेकर हमला करते हुए मोदी ने पार्टी कार्यताओं से विपक्ष के झूठ में नहीं आने को कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस ने चुनावों में लगातार हार के बाद आक्रामक तरीके से झूठ फैलाने का सहारा लिया है। इससे पहले कांग्रेस अपने द्वारा उठाए गए पांच से दस मुद्दों पर झूठ फैलाती थी। अब 50 मुद्दों में 40-45 झूठ पर आधारित होते हैं।

मोदी ने कार्यकर्ताओं से उनके झूठ का खुलासा करने व कांग्रेस के विदेशी एजेंसियों को किराए पर रखकर लोगों को बहकाने के तरीके से लड़ने को कहा।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि त्रिशंकु विधानसभा के बारे में माहौल को बनाया जाना सिर्फ कांग्रेस के शुभचिंतकों का प्रचार है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में बदलाव चाहने वाले लोगों को भ्रमित करने के लिए है।

उन्होंने कहा, कर्नाटक के लोगों ने राज्य में बदलाव का निर्णय लिया है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा एक झूठ फैलाया जा रहा है ..कि इस बार राज्य में त्रिशंकु विधानसभा होगी।

उन्होंने कहा, इस तरह का झूठ 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी फैलाया गया था। नतीजों के आने तक उन्होंने ऐसा किया। यह कुछ नहीं बल्कि बदलाव चाहने वाले लोगों को भरमाने की साजिश है।

उन्होंने कहा, केंद्र में 30 सालों के बाद हमें पूर्ण बहुमत की सरकार मिली और हमें फैसले लेने में नीतिगत अक्षमता से मुक्ति मिली और वैश्विक स्तर पर देश को सम्मान बढ़ा।

उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया की अगुवाई वाली कर्नाटक सरकार अगर संकीर्ण राजनीति में शामिल नहीं रही होती और पूरा सहयोग दिया होता तो राज्य का इससे बेहतर विकास हो सकता था।

--आईएएनएस

08:21 PM

स्वच्छ भारत से जनस्वास्थ्य के मुद्दे हल हो सकते हैं : प्रभु

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को कहा कि सरकार के स्वच्छ भारत या क्लीन इंडिया की पहल से जन स्वास्थ्य के मुद्दों के हल के साथ देश में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।

उद्योग प्रकोष्ठ फिक्की-आईएससी स्वच्छता सम्मेलन में मंत्री ने मिट्टी की उर्वरता सुधारने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जमीन की सुरक्षा खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण अवयव है।

उन्होंने कहा, स्वच्छ भारत देश के लिए बड़ा बदलाव का कारक हो सकता है। इसमें आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने की बड़ी क्षमता है।

उन्होंने कहा, एक बार इस अभियान की सफल हो जाने पर आर्थिक विकास होगा क्योंकि स्वच्छता के मुद्दे से निपटा जा सकेगा, जिससे जन स्वास्थ्य के मुद्दे पर ध्यान दिया जा सकेगा, जो आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा।

उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि स्वच्छ भारत अभियान से कई मुद्दों से निपटा जा सकता है। हम जन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को हल कर सकते हैं..इससे तेजी से बढ़ रहे पर्यटन के क्षेत्र को भी स्वच्छ भारत से फायदा पहुंचेगा।

उन्होंने कहा, स्वच्छता एक ऐसी चीज है जिसमें सिर्फ सरकार के ही नहीं बल्कि सभी के प्रयासों की जरूरत होती है। सरकार सिर्फ प्रेरणा, सुविधा और सहायता दे सकती है, बिना खुद से प्रेरित हुए बगैर हम इसे नहीं कर सकते।

इस मौके पर प्रभु ने बिजनेस ऑफ चेंज-थिंकिंग बियांड शिटपोट्स एंड एक्कोलेड्स शीर्षक से सर्वोत्तम प्रथाओं का एक संग्रह जारी किया।

--आईएएनएस

08:20 PM
 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

11:11 PM
Stock Exchange
Live Cricket Score

Create Account



Log In Your Account