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जापान ने किम को परोसे जाने वाले व्यंजन पर जताई आपत्ति

टोक्यो, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन और उत्तर कोरिया के किम जोंग-उन के बीच शुक्रवार को ऐतिहासिक सम्मेलन में परोसे जाने वाले मिष्ठान्न को लेकर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई है।

अमेरिकी समाचार मीडिया सीएनएन की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक, टोक्यो ने मैंगो मूज को लेकर आपत्ति जताई है क्योंकि इस व्यंजन को कोरियाई प्रायद्वीप के मानचित्र पर दर्शाया गया है मगर इस पर जापान अपना दावा ठोकता है।

जापान के विदेशमंत्री ने बुधवार को कहा कि एशिया और ओशिनिया मामले के ब्यूरो के महानिदेशक केंजी कनसुगी ने दक्षिण कोरिया के दूतावास को बताया कि ताकाशिमा या दोक्दो द्वीप को शामिल करना अत्यंत खेदजनक और अस्वीकार्य है।

जापान ने कहा कि दक्षिण कोरिया अवैध रूप से प्रायद्वीप के पूरब में स्थित चट्टानी द्वीपों पर कब्जा कर रहा है। यह ऐसा मसला है जिसके कारण दोनों देशों के बीच संबंधों में लंबे समय से खटास रहा है।

--आईएएनएस

09:48 PM

अमृतसर मेट्रो बस परियोजना का परिचालन सितंबर से

चंडीगढ़, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। अमृतसर में मेट्रो बस परियोजना की व्यावहारिकता का आकलन करने के लिए जून में इसका परीक्षण संचालन किया जाएगा और इस सेवा का परिचालन सितंबर से किया जाएगा।

अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

यह फैसला पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल व स्थानीय सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।

अधिकारी ने कहा कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि करीब 1.25 लाख भक्त अमृतसर के हरमंदिर साहिब में रोजाना मत्था टेकने आते हैं, यह फैसला किया गया कि किसी भी कीमत पर परियोजना को शुरू किया जाएगा।

परियोजना के परिचालन की शुरुआत को सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कहा कि सभी निर्माण कार्य जुलाई तक समाप्त हो जाएंगे।

--आईएएनएस

08:17 PM

सिंगापुर एयरलाइंस शुरू करेगी दुनिया की पहली नॉन स्टॉप उड़ान

सिंगापुर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। सिंगापुर एयरलाइंस इस साल के अंत तक दुनिया की पहली नॉन स्टॉप उड़ान शुरू करने के लिए तैयार है। इस उड़ान में विमान करीब 20 घंटे तक हवा में रहेगा।

सीएनएन की खबर के मुताबिक, सिंगापुर एयरलाइंस का नवीनतन विमान द एयरबस ए350-900यूएलआर लंबी यात्रा के लिए हैं, जो रिकॉर्ड तोड़ यात्रा करेगा और सिंगापुर को सीधा न्यूयॉर्क से जोड़ेगा।

इससे पहले इस 9,500 मील लंबे मार्ग पर चार इंजन वाला गैस युक्त विमान ए340-500 उड़ान भरने के लिए प्रयोग किया जाता था, जिसमें 100 बिजनेस श्रेणी की सीटें होती थीं।

यह सेवा अपर्याप्त साबित हुई और सिंगापुर एयरलाइंस ने उड़ानों को 2103 में रद्द कर दिया।

सिंगापुर एयरलांइस अब नए लंबे चौड़े एयरबस ए350-900 का प्राप्त करने लगा है। विमानन कंपनी ने 67 विमानों का ऑर्डर दिया, जिसमें से इसके बेड़े में फिलहाल 21 विमान शामिल हो गए हैं।

इसने सात उच्च लंबी रेंज वाले विमान का भी ऑर्डर दिया है।

विमान का 23 अप्रैल को करीब पांच घंटे तक पहला परीक्षण किया गया। इसे फ्रांस के तुलूज स्थित एयरफ्रामर असेंबली प्लांट से रवाना किया गया था।

उच्च लंबी रेंज वाला विमान 11,160 मील की असाधारण उड़ान भरने में सक्षम है, जो पिछले स्टैंडर्ड ए350 से करीब 1,800 मील ज्यादा है। इसका मतलब है कि सिंगापुर एयरलाइंस दुनिया के सबसे लंबे नॉन स्टॉप वायुमार्ग पर उड़ान भरने का ताज अपने नाम कर सकता है।

--आईएएनएस

06:53 PM

आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद (राउंडअप)

जोधपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के अपने आश्रम में वर्ष 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में स्वयंभू संत आसाराम बापू को जोधपुर की अदालत ने बुधवार को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

आसाराम अपनी स्वभाविक मृत्यु तक जेल में ही रहेंगे।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मामलों के विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर केंद्रीय कारागार के अंदर अपना फैसला सुनाया। आसाराम इसी जेल में कैद हैं।

अदालत ने आसाराम आश्रम की वार्डन शिल्पी और उनके सहयोगी शरद को भी 20-20 साल कैद की सजा सुनाई।

अदालत ने हालांकि, आसाराम के सेवादार शिवा और रसोइए प्रकाश को बरी कर दिया।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक किशोरी द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद 2013 में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। किशोरी ने आरोप लगाया था कि आसाराम ने जोधपुर के बाहरी इलाके के मनई गांव स्थित अपने आश्रम में 15 अगस्त, 2013 को उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम आश्रम में 12वीं कक्षा की छात्रा थी।

बचाव पक्ष की वकील सुषमा धर ने कहा, आसाराम को स्वभाविक मृत्यु तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है..शिल्पी और शरद को एक-एक लाख रुपये जुर्माना भरने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि फैसले के खिलाफ और आसाराम की जमानत के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की जाएगी।

न्यायाधीश ने 474 पृष्ठों के फैसले में कहा है कि आसाराम (77) और दो अन्य आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 डी और बाल यौन अपराध निषेध अधिनियम (पोस्को) और किशोर न्याय अधिनियम (जेजे) के तहत दोषी पाया गया है।

बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अदालत में आसाराम सामान्य दिखे, लेकिन दोषी ठहराए जाने के बाद दुखी और चिंतित नजर आए।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अपने घर से बाहर पीड़िता के पिता ने फैसले का स्वागत किया और पत्रकारों को कहा, संघर्ष और कठिन परीक्षा की घड़ी में हमारे साहस की परीक्षा ली गई, लेकिन हमें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास था।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने फैसले का स्वागत किया और तीन गवाहों अमरुत प्रजापति, रसोइए अखिल गुप्ता और कृपाल सिंह के लिए भी न्याय की मांग की। इन तीनों की तीन अलग-अलग घटनाओं में जून 2014 से जून 2015 के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

माकपा ने एक बयान में कहा, नौ गवाहों पर हमला किया गया, जिनमें से तीन की मौत हो गई। अदालत को सुनिश्चित करना चाहिए कि गवाहों की हत्या समेत इससे संबंधित मामलों का निपटारा भी जल्द हो।

माकपा ने कहा कि आसाराम कठोर सजा का हकदार है और पीड़ित लड़की यौन उत्पीड़न के विरुद्ध लड़ाई का प्रतीक है।

एक फर्जी मुठभेड़ में कथित तौर शामिल रहने के आरोपी पूर्व पुलिस महानिरीक्षक डी.जी. बंजारा आसाराम के बचाव में सामने आ गए और उन्होंने कहा कि आसाराम को दुष्कर्मी कहना अनुचित है।

पुलिस ने छह नवंबर, 2013 को पोस्को अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आसाराम और चार अन्य सह-आरोपियों शिल्पी, शरद, शिवा और प्रकाश के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किए थे।

सात अप्रैल को इस मामले में अंतिम बहस पूरी कर ली गई थी और फैसला सुनाने के लिए 25 अप्रैल (बुधवार) की तिथि निर्धारित की गई थी।

आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर एक सितंबर, 2013 को जोधपुर लाया गया था। दो सितंबर, 2013 को उन्हें न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

आसाराम के अनुयायियों से कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका के मद्देनजर जोधपुर में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की गई थी।

गृह मंत्रालय ने भी अदालत के फैसले के मद्देनजर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मंगलवार को राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे।

आसाराम गुजरात में दायर यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले का भी सामना कर रहे हैं।

--आईएएनएस

09:54 PM

डीएसीए खत्म करने का ट्रंप का फैसला खारिज (लीड-1)

वाशिंगटन, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी अदालत के एक न्यायाधीश ने अवैध रूप से अमेरिका पहुंचने वाले बच्चों के निर्वासन से बचाव की नीति से संबंधित डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स प्रोग्राम (डीएसीए) को खत्म करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को अवैध करार दिया।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अवैध आप्रवासी बच्चों के बचाव के लिए डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स प्रोग्राम (डीएसीए) लाया था। इस कार्यक्रम के तहत अवैध आप्रवासी बच्चों के लिए निर्वासन बचाव का प्रावधान है।

अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डीएसीए खत्म का फैसला लिया था।

अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट अनुसार, अमेरिका के जिला न्यायाधीश जॉन बेट्स ने मंगलवार को डीएसीए कार्यक्रम को खत्म करने के सरकार के फैसले को हकीकत में बगैर व्याख्या के बताते हुए इसे अवैध करार दिया। हालांकि उन्होंने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) को इस कार्यक्रम को खत्म करने के बाबत ठोस तर्क पेश करने का मौका प्रदान करते हुए 90 दिन का वक्त दिया है।

बेट्स ने कहा, डीएसीए को रद्द करने का फैसला मनमाना व स्वेच्छाचारी है क्योंकि विभाग इस निष्कर्ष को बताने में विफल रहा है कि कार्यक्रम अवैध है।

ट्रंप प्रशासन की ओर से डीएसीए को निष्प्रभावी करने की कोशिशों के खिलाफ फैसला देने वाले बेट्स तीसरे न्यायाधीश हैं।

डीएसीए के तहत बिना दस्तावेज के बचपन में ही अमेरिका लाए जाने वालों को दो साल काम करने का परमिट प्रदान करने का प्रावधान है। साथ ही परमिट के आगे नवीनीकरण का भी प्रावधान है। इस कार्यक्रम के तहत इन बच्चों को निर्वासन से सुरक्षा प्रदान की जाती है। अमेरिका में ऐसे करीब 6,90,000 अवैध आप्रवासी हैं, जिन्हें ड्रीमर या स्वपद्रष्टा कहा गया है।

व्हाइट हाउस द्वारा पिछले साल सितंबर में डीएसीए समाप्त करने की घोषणा किए जाने के बाद न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को के संघीय न्यायाधीशों ने भी ट्रंप प्रशासन को डीएसीए के तहत संरक्षण प्रदान करने वाले नए आवेदनों को स्वीकार करने के आदेश दिए थे।

बेट्स ने लिखा, हर दिन एजेंसी जो एक दिन की देरी करती है, उससे वे आप्रवासी जो डीएसीए अनुदान लाभ के योग्य हो सकते हैं, उन्हें एजेंसी की गैर-कानूनी कार्रवाई के चलते इससे वंचित होना पड़ता है।

--आईएएनएस

08:47 PM

भारत मंगोलिया संग मिलकर बौद्ध विरासतों को संजो रहा है : सुषमा

उलानबातार, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि भारत मंगोलिया के साथ मिलकर बौद्ध धर्म के विरासतों को संजो रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रणनीतिक साझेदार से ज्यादा कहीं आध्यात्मिक साझेदार हैं।

बौद्ध धर्म के अति सम्मानित गुरु, लद्दाख के धर्मगुरु और मंगोलिया में भारत के पूर्व राजदूत कुशोक बाकुला रिनपोछे की जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सुषमा ने कहा, बौद्ध धर्म सदियों से सभ्यताओं का बड़ा संयोजक रहा है।

बाकुला रिनपोछे मंगोलिया में सबसे अधिक समय तक भारत के राजदूत रहे। उन्होंने भारत और मंगोलिया के बीच संबंधों को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विदेश मंत्री ने कहा, भले ही बौद्ध धर्म का उद्भव भारत में हुआ, लेकिन इसका प्रसार हिमालय के पार पूर्वी एशिया और सागर पार दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में हुआ।

उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म का प्रसार आखिरकार मंगोलिया के विशाल स्टेपी भूभाग में हुआ, जो दो हजार साल से इसका स्थायी निवास बना हुआ है।

सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत एक बार फिर से बुद्ध के दर्शन और शिक्षा में आस्था रखने वालों को एक साथ लाकर उनके बीच संबंधों में नवीनता ला रहा है। इस दिशा में मंगोलिया समेत पड़ोसी देशों व इतर क्षेत्र के तीर्थयात्रियों को भारत स्थित बौद्ध धर्म के तीर्थस्लों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि साझा बौद्ध परंपराओं को बौद्धिक संबंधों के सहारे पुनरुज्जीवित करने के लिए भारत ने सदियों पुराने नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुत्थान किया है।

विदेश मंत्री ने कहा, भारत ने दोनों देशों के बीच गहरी मैत्री के संकेत के तौर पर मंगोलिया स्थित गंदन बौद्ध मठ को भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि भारत बौद्ध धर्म के विद्वानों और विद्यार्थियों को आमंत्रित करना चाहता है, ताकि वे भारत आकर हमारी अमूल्य विरासत को देखें।

इससे पहले सुषमा स्वराज ने अपने मंगालियाई समकक्ष दमदिन सोगतबतार के साथ भारत-मंगोलिया संयुक्त परामदात्री समिति की छठी बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस मौके पर उन्होंने आर्थिक, ऊर्जा, रानीतिक, रणनीतिक, शैक्षणिक व सांस्कृतिक संबंधों के व्यापक मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के बाद विदेश मंत्री ने मंगोलिया के प्रधानमंत्री यू. खुर्मेल्सुख से मिलकर विकासपरक सहयोग, खनन, क्षमता निर्माण, आईटी, फिल्म और अन्य द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्र को लेकर बातचीत की।

उन्होंने मंगोलिया के मंत्री और कैबिनेट सचिवालय के प्रमुख गोंबोजाव जंदानशता, मंगोलियाई संसद स्टेट ग्रेट खुराल के अध्यक्ष एम. एंखबोल्ड के साथ बैठक की।

सुषमा स्वराज यहां मंगलवार को पहुंचीं। पिछले 42 सालों में मंगोलिया का दौरा करने वाली वह भारत की प्रथम विदेश मंत्री हैं।

--आईएएनएस

07:08 PM

डीएसीए खत्म करने का ट्रंप का फैसला खारिज

वाशिंगटन, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के तीसरे संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स प्रोग्राम (डीएसीए) खत्म करने के फैसले के खिलाफ अपना फैसला दिया है।

कोलंबिया सर्किट के जिला न्यायाधीश जॉन बेट्स ने मंगलवार को घरेलू सुरक्षा को इस कार्यक्रम को बंद करने को लेकर बेहतर स्पष्टीकरण के साथ आने के लिए कहा, अन्यथा वह डीएसीए को पूरी तरह से बहाल करने के आदेश देंगे।

डीएसीए एक अमेरिकी आव्रजन नीति है, जो बिना पुख्ता दस्तावेज के अवैध रूप से बचपन में अमेरिका लाए गए युवाओं को नवीनीकरण के तौर पर देश से निकाले जाने से दो साल के लिए छूट देती है और उन्हें काम करने योग्य बनने की अनुमति दी जाती है।

व्हाइट हाउस द्वारा पिछले साल सितंबर में डीएसीए समाप्त करने की घोषणा किए जाने के बाद न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को के संघीय न्यायाधीशों ने भी ट्रंप प्रशासन को डीएसीए के तहत संरक्षण प्रदान करने वाले नए आवेदनों को स्वीकार करने के आदेश दिए थे।

बेट्स ने लिखा, हर दिन एजेंसी जो एक दिन की देरी करती है, उससे वे आप्रवासी जो डीएसीए अनुदान लाभ के योग्य हो सकते हैं, उन्हें एजेंसी की गैर-कानूनी कार्रवाई के चलते इससे वंचित होना पड़ता है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, उन्होंने ट्रंप प्रशासन से डीएसीए की गैर-कानूनी, अस्थिरता, लगभग अस्पष्टता जैसी कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाने के लिए भी कहा।

--आईएएनएस

06:54 PM

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम को उम्रकैद (लीड-4)

जोधपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में स्वयंभू संत आसाराम बापू को जोधपुर की अदालत ने बुधवार को दोषी करार दिया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।

आसाराम अपनी स्वभाविक मृत्यु तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहेंगे।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मामलों के विशेषज्ञ न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर केंद्रीय कारागार के अंदर अपना फैसला सुनाया। आसाराम इसी जेल में कैद हैं।

अदालत ने आसाराम आश्रम की वार्डन शिल्पी और उनके सहयोगी शरद को भी 20-20 साल कैद की सजा सुनाई।

अदालत ने हालांकि, आसाराम के सेवादार शिवा और रसोईए प्रकाश को बरी कर दिया।

बचाव पक्ष की वकील सुषमा धारा ने कहा, आसाराम को स्वभाविक मृत्यु तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है..शिल्पी और शरद को एक-एक लाख रुपये जुर्माना भरने के निर्देश भी दिए गए हैं।

न्यायाधीश ने 474 पृष्ठों के फैसले में कहा है कि आसाराम (77) और दो अन्य आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 डी और बाल यौन अपराध निषेध अधिनियम (पोस्को) और किशोर न्याय अधिनियम (जेजे) के तहत दोषी पाया गया है।

सुषमा ने कहा कि फैसले के खिलाफ और आसाराम की जमानत के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अदालत में आसाराम सामान्य दिखे, लेकिन दोषी ठहराए जाने के बाद दुखी और चिंतित नजर आए।

पुलिस ने छह नवंबर, 2013 को पोस्को अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आसाराम और चार अन्य सह-आरोपियों शिल्पी, शरद, शिवा और प्रकाश के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किए थे।

आसाराम गुजरात में दायर यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले का भी सामना कर रहे हैं।

सात अप्रैल को इस मामले में अंतिम बहस पूरी कर ली गई थी और फैसला सुनाने के लिए 25 अप्रैल (बुधवार) की तिथि निर्धारित की गई थी।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक किशोरी द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद 2013 में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। किशोरी ने उन पर जोधपुर के बाहरी इलाके के मनई गांव स्थित आश्रम में 15 अगस्त, 2013 को उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पीड़िता मध्य प्रदेश के उनके छिंदवाड़ा आश्रम में 12वीं कक्षा की छात्रा थी।

आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर एक सितंबर, 2013 को जोधपुर लाया गया था। दो सितंबर, 2013 को उन्हें न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

आसाराम के अनुयायियों से कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका के मद्देनजर जोधपुर में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की गई थी।

गृह मंत्रालय ने भी अदालत के फैसले के मद्देनजर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मंगलवार को राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे।

--आईएएनएस

06:46 PM

खुर्शीद के बयान से पार्टी ने किया किनारा

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने एक बयान देकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस नेता ने सोमवार को एक जनसभा में कहा कि वह स्वीकार करते हैं कि कांग्रेस के हाथ खून से रंगे हैं। कांग्रेस ने हालांकि उनके बयान को निराधार बताया है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सवाल-जबाव के दौरान सांप्रदायिक दंगों में मुस्लिमों की मौत और अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद के सवाल पर उन्होंने यह विवादित बयान दिया।

कांग्रेस ने बयान को निराधार बताते हुए इसकी आलोचना की है। कांग्रेस ने कहा कि इनसे सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही फायदा होगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद ने प्रश्नकर्ता से कहा, यह एक राजनीतिक प्रश्न है लेकिन मैं इसका जरूर जबाव दूंगा इसलिए मुझे यह स्वीकार करने दीजिए कि हमारे हाथ खून से रंगे हैं। आप हमें यही बता रहे हैं कि अगर कोई आप पर हमला करता है तो हमें आपको बचाने के लिए आगे नहीं आना चाहिए।

उन्होंने कहा, हम आपको खून के दाग दिखाएं जिससे आप यह समझ जाएं कि हमारे ऊपर के दाग आप तक नहीं आने चाहिए। उन्होंने छात्र को इतिहास से सीखने तथा ऐसी परिस्थिति में ना पड़ने के लिए कहा जिससे 10 साल बाद ऐसा सवाल पूछने के लिए उन्हें कोई ना मिले।

सवाल पूछने वाले छात्र ने हाशिमपुरा और मुजफ्फरनगर जैसे सांप्रदायिक दंगों का उल्लेख किया था। उसने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में बाबरी मस्जिद ढांचे के दरवाजे खुले, उसके अंदर भगवान राम की मूर्तियां स्थापित की गईं और ढांचे को तोड़ा गया।

छात्र ने प्रश्न किया, मुस्लिमों का खून कांग्रेस के हाथों पर है। आप किन शब्दों से उन दागों को धोएंगे।

कांग्रेस के प्रवक्ता पी.एल. पूनिया ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी सलमान खुर्शीद के बयान से असहमत है।

उन्होंने कहा, यह सबको पता होना चाहिए कि आजादी से पहले और बाद में कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जिसने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गरीब, धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों सहित समाज के सभी धड़ों को साथ लाकर समतावादी समाज के निर्माण के लिए काम किया है।

पूनिया ने कहा, वर्तमान में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ऐसे आधारभूत मूल्यों पर प्रहार किया जा रहा है तो सभी नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि ऐसे बयानों से मोदी सरकार को बल मिलेगा। यह सरकार समाज को जाति और संप्रदाय के आधार पर बांट कर किसी भी कीमत पर सत्ता बरकरार रखना और हासिल करना चाहती है।

सलमान खुर्शीद इससे पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। उत्तर प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने पिछड़े मुस्लिमों के लिए नौ फीसदी उप आरक्षण की मांग की थी। इन चुनावों में उनकी पत्नी भी मैदान में थीं।

--आईएएनएस

10:51 PM

आसाराम पर फैसले के मद्देनजर गृह मंत्रालय का परामर्श जारी

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। आसाराम के खिलाफ निचली अदालत के फैसले से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को राजस्थान, गुजरात व हरियाणा को किसी भी अवांछित घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की सलाह दी है।

मंत्रालय संबंधित राज्यों के साथ संपर्क में भी है और केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने इस मुद्दे को लेकर शीर्ष स्तर के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है।

आसाराम के समर्थकों से कानून-व्यवस्था को खतरे की आशंका को लेकर राजस्थान के जोधपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जोधपुर की अदालत आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में बुधवार को अपना फैसला सुनाएगी।

राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार, निचली अदालत मामले में जोधपुर केंद्रीय कारागार परिसर में अपना फैसला सुनाएगी।

इस मामले में अंतिम सुनवाई एससी/एसटी की विशेष अदालत में सात अप्रैल को पूरी हुई थी और अदालत ने फैसले को सुरक्षित रखते हुए 25 अप्रैल को सुनाने की बात कही थी।

आसाराम को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक किशोरी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था।

पीड़िता आसाराम के मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम में अध्ययन करती थी। पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के पास मनाई इलाके में अपने आश्रम में बुलाकर उससे 15 अगस्त, 2013 को दुष्कर्म किया था।

--आईएएनएस

08:24 PM
 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

11:11 PM
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