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कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने भाजपा विधायक की धमकी की निंदा की

श्रीनगर, 23 जून (आईएएनएस)। कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने पूर्व मंत्री और भाजपा नेता चौधरी लाल सिंह के उस बयान की शनिवार को निंदा की, जिसमें उन्होंने एक दिन पहले कहा था कि कश्मीर के पत्रकारों को वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या बाद अपने आचरण के बारे में पता होना चाहिए।

गिल्ड ने एक बयान में कहा, वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या का उदाहरण देते हुए सिंह ने कश्मीरी मीडिया को एक रेखा खींचने और यह निर्णय करने का सुझाव दिया है कि क्या उन्हें बुखारी की तरह काम करना है। सिंह ने इससे भी आगे निकलकर कश्मीर की मीडिया को सीधे धमकी दे दी।

गिल्ड ने आगे कहा, लाल सिंह ने कश्मीरी मीडिया पर एक गलत वातावरण तैयार करने का आरोप लगाया है।

संपादकों की संस्था ने कहा कि लाल सिंह ने शुजात बुखारी की हत्या का उदाहरण ऐसे समय में दिया है, जब श्रीनगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और उनके बयान ने संकेत दिया है कि उनके पास हत्या के बारे में कुछ जानकारी है, जिसकी हर हाल में जांच की जानी चाहिए।

लाल सिंह ने हिंदू एकता मंच की तरफ से जनवरी में आयोजित एक रैली में हिस्सा लिया था, जिसके बाद अप्रैल में उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। यह रैली कठुआ में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के आरोपियों के समर्थन में आयोजित की गई थी।

लाल सिंह ने यह बयान शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दिया था।

गिल्ड ने कहा कि उसके पास विधायक के खिलाफ पुलिस में एक मामला दर्ज कराने का अधिकार है, क्योंकि यह विधायक कठुआ जांच के सिलसिले में अपनी बदनामी के लिए इसके पहले कई सारे संवाददाताओं को नाम लेकर जिम्मेदार ठहरा चुका है।

--आईएएनएस

07:09 PM

अगर पुरुष पुनर्विवाह कर सकते हैं, तो महिलाएं क्यों नहीं : वेंकैया

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को विधवाओं के प्रति मानसिकता बदलने का आह्वान किया और कहा, अगर कोई पुरुष पुनर्विवाह कर सकता है, तो महिला क्यों नहीं कर सकती?

नायडू ने अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस पर एक समारोह में कहा, लोगों की मानसिकता एक समस्या है, हमें इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि विधवापन पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए दुखी करने वाला होता है, लेकिन महिलाओं को अधिक पीड़ा उठानी पड़ती है।

यहां विज्ञान भवन में लूमबा फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी उसी प्रकार की भावनाएं व्यक्त की।

प्रसाद ने कहा, विधवाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम तब तक सफल नहीं होंगे, जब तक कि इसे जन आंदोलन के रूप में नहीं लिया जाता। रुख में बदलाव के बिना हम ज्यादा कुछ नहीं बदल सकते हैं।

यह फाउंडेशन दुनिया भर में विधवाओं के लिए काम कर रहा है। इसकी शुरुआत 1997 में लॉर्ड राज लूमबा सीबीई ने की थी।

लूमबा ने भारत सरकार से विधवाओं की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।

लूमबा ने कहा, भारत में 4.60 करोड़ विधवाएं हैं, जो किसी भी देश से अधिक है। मैंने भारत सरकार से महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग के साथ विधवाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग स्थापित करने का आग्रह किया है। मैंने सरकार से अल्पसंख्यक वर्ग में महिलाओं को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया है।

--आईएएनएस

03:54 PM

गोवा : समुद्र तट पर नो सेल्फी जोन निर्धारित

पणजी, 22 जून (आईएएनएस)। गोवा में समुद्रतटों पर डूबने और अन्य घटनाओं के मामले बढ़ने के बाद राज्य के प्रसिद्ध समुद्र तटों पर नो सेल्फी जोन निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राज्य के समुद्र तटों पर प्रबंधन का कार्य करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त निजी लाइफगार्ड एजेंसी दृष्टि मरीन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि शंकर ने आईएएनएस को बताया, समुद्र तटों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर नो सेल्फी जोन निर्धारित किए गए हैं। फिसलन भरी और पथरीली जगह पर फोटोग्राफी लेने के दौरान यहां अक्सर दुर्घटना हो जाती है। यहां समुद्र तटों पर मौजूद पथरीली जगह फोटोग्राफी प्रेमियों को और भी आकर्षित करती है।

शंकर ने कहा, एजेंसी ने 24 सेल्फी जोन्स को चिह्नित किया है। इनमें उत्तर गोवा में बागा रिवर, डोना पॉला जेट्टी, सिंकेरिम फोर्ट, अंजना, वागाटर, मोर्जिम, अश्वेम, अरमबोल, केरिम और बांबोलिम तथा सिरिदाओ के बीच (सभी समुद्र तट) हैं। दक्षिण गोवा में एगोंडा, बोगमालो, होलेंट, बाइना, जापाना गार्डन, बेतुल, कनगिनिम, पालोलेम, खोला, काबो डे रामा, पोलेम, गल्गीबाग, तालपोना और रागबाग (सभी समुद्र तट) चिह्नित किए हैं।

उन्होंने कहा, इसके बाद वहां लगे झंडों पर चित्रित दिशा-निर्देश, आपातकालीन निशुल्क फोन नंबर तथा क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए के निर्देश लिखे जा रहे हैं।

दो अलग-अलग मामलों में 17 जून को सेल्फी लेते समय तमिलनाडु निवासी दो पर्यटकों की मौत हो गई थी।

पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस घटना ने नो सेल्फी जोन बनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।

प्रतिवर्ष 60 लाख से ज्यादा पर्यटक गोवा पहुंचते हैं।

--आईएएनएस

07:06 PM

कश्मीर : अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर प्रसिद्ध सूफी मेला रद्द

जम्मू, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के सांबा जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के रामगढ़ सेक्टर में होने वाले वार्षिक बाबा चमलियाल मेला इस वर्ष सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया है। यह आयोजन वर्ष 1947 के बाद पहली बार रद्द किया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

बीएसएफ अधिकारियों ने कहा, हम उर्स कैसे आयोजित कर सकते हैं जब पाकिस्तान ने रामगढ़ सेक्टर में हमारे चार बहादुरों को मार डाला है।

सूफी संत बाबा चमलियाल का उर्स प्रत्येक वर्ष जून के अंतिम सप्ताह में आयोजित होता है, और दरगाह की एक झलक पाने के लिए सीमा के दोनों तरफ के श्रद्धालुओं का तांता लगता है।

पाकिस्तानी रेंजरों ने 13 जून को रामगढ़ सेक्टर में अचानक गोलीबारी कर दी थी, जिसमें एक असिस्टेंट कमांडेंट सहित बीएसएफ के चार जवान शहीद हो गए थे।

शहीद जवानों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र सिंह (34), उपनिरीक्षक रजनीश कुमार (32), सहायक उपनिरीक्षक राम निवास (52) और कांस्टेबल हंसराज गुर्जर (28) के रूप में हुई थी।

आमतौर पर बाबा चमलियाल की दरगाह पर होने वाले वार्षिक उत्सव की सारी व्यवस्था बीएसएफ करती है।

पाकिस्तानी सैनिकों सहित हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं। पाकिस्तानी सैनिक यहां पवित्र चादर चढ़ाते हैं।

बीएसएफ पाकिस्तानी सैनिकों का स्वागत शरबत से करता है और यहां आने वाले दरगाह से कुछ मिट्टी अपने साथ ले जाते हैं। कहा जाता है कि इसमें कई रोगों को ठीक करने की शक्तियां हैं।

--आईएएनएस

05:32 PM

मेलानिया ट्रंप की जैकेट को लेकर विवाद

वाशिंगटन, 22 जून (आईएएनएस)। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को अपनी जैकेट को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

मेलानिया ने टेक्सास स्थित प्रवासी बाल हिरासत केंद्र के दौरे के दौरान एक जैकेट पहन रखी थी, जिस पर लिखा था, मुझे वास्तव में कोई परवाह नहीं।

बीबीसी की गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सवार होने के दौरान मेलानिया ने जो जैकेट पहन रखी थी, उसके पीछे लिखा था, मुझे वास्तव में कोई परवाह नहीं है, क्या आपको है?

मेलानिया की प्रवक्ता ने कहा कि उनकी जैकेट पर लिखे वाक्य का कोई अर्थ नहीं था।

जारा ब्रांड की 39 डॉलर की इस जैकेट को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर सफाई देते हुए कहा कि उनकी पत्नी की जैकेट पर लिखे वाक्य का इशारा फेक न्यूज मीडिया की ओर था।

--आईएएनएस

11:23 AM

कश्मीर में बंद से जनजीवन प्रभावित, अलगाववादी नेता हिरासत में (लीड-1)

श्रीनगर, 21 जून (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में गुरुवार को अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद से जनजीवन प्रभावित रहा। अधिकारियों ने इस दौरान अलगाविदयों को एहतियातन हिरासत में ले लिया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।

पुलिस ने जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट(जेकेएलएफ) के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक को शहर में विरोध मार्च में भाग लेने से रोकने के लिए एहतियातन हिरासत में ले लिया।

श्रीनगर के बाहरी इलाके में मीरवाइज उमर फारुक और सैयद अली शाह गिलानी को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया।

सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और मुहम्मद यासीन मलिक के नेतृत्व में अलगाववादी समूह संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या और घाटी में लगातार हो रही नागरिकों की हत्या के विरोध में बंद का आह्वान किया था।

बुखारी की 14 जून को श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव में हत्या कर दी गई थी। उनके साथ उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे।

अधिकतर स्थानों पर दुकानें, सार्वजनिक परिवहन, शैक्षणिक संस्थान और अन्य प्रतिष्ठानों को बंद रखा गया है, जबकि सार्वजनिक परिवहन का साधन नहीं होने की वजह से बैंकों, डाकघरों और सरकारी कार्यालयों में भी कम ही लोग पहुंचे।

हालांकि, श्रीनगर के शहरी क्षेत्रों में निजी परिवहन और कुछ तिपहिया वाहन चल रहे थे।

पर्यटकों को सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग ले जानी वाली बसों का परिचालन सामान्य रहा। लेकिन, एहतियात के तौर पर रेल सेवाएं भी बंद कर दी गई।

घाटी में पथराव की किसी भी घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

बंद का असर घाटी के अन्य बड़े शहरों व कस्बों पर भी पड़ा। बंद के बावजूद, राज्यपाल एन.एन. वोहरा और राज्य सरकार के सभी वरिष्ठ नौकरशाह श्रीनगर सिविल सचिवालय स्थित अपने-अपने कार्यालय गए।

--आईएएनएस

07:29 PM

बच्चों ने योग दिवस को स्वच्छ भारत दिवस में तब्दील किया

देहरादून, 21 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में यहां के वन अनुसंधान संस्थान में योग करने आए बच्चों ने गुरुवार को समारोह समाप्त होने के बाद खुद से मैदान में फैली गंदगी को साफ किया। बच्चों ने यहां फैले बोतलों को कूड़ेदान में डाला।

लोग जब समारोह समाप्त होने के बाद प्रयोग किए गए बोतलों को छोड़ कर मैदान से जाने लगे, चार बच्चों के समूह ने मैदान को साफ करने का निर्णय लिया।

देहरादून टाइम्स वर्ल्ड स्कूल की कक्षा पांचवी की छात्रा यशवी गुप्ता से इस बारे में पूछे जाने पर, उसने कहा, अंकल, यह देखने में गंदा लग रहा था, मैंने सोचा जबतक मेरी मां यहां मुझे लेने आएगी तबतक मैं मैदान को साफ कर लूं।

वहीं इस बारे में कक्षा सातवीं की छात्रा शुभिका जैन से जब पूछा गया, तो उसने कहा, कोई बात नहीं, अगर यह मैदान मेरा घर नहीं है तो, यह देहरादून का खूबसूरत स्थान है, जिसे गंदा नहीं करना चाहिए।

मैदान साफ करने वाले बच्चों में सबसे बड़ी 12वीं कक्षा की छात्र आकांक्षा गुप्ता ने कहा, विदेश में लोग बिना प्रयोग वाली चीज जहां-तहां नहीं फेंकते हैं। अगर हम भारत को स्वच्छ बनाना चाहते हैं, तो हमें योगदान देना होगा।

इस समारोह में विदेशों के 35 से ज्यादा स्वंयसेवकों ने भाग लिया और 50,000 लोगों ने योग आसन किया। समारोह की अगुवाई करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बच्चों के साथ योग किया।

--आईएएनएस

07:12 PM
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 इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

बेंगलुरू, 23 जून (आईएएनएस)। सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक व अध्यक्ष नंदन एम. नीलेकणि ने शनिवार को कहा कि मौजूदा रोमांचकारी दौर में इन्फोसिस कारोबार बढ़ाने के लिए डिजिटल रणनीति पर दांव लगा रही है।

कंपनी की 37वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को नीलेकणि ने बताया, हम अपने उद्योग के सफर के रोमांचकारी मोड़ पर हैं। आज हम साझेदारी करने और अपने ग्राहकों में इजाफा करने की जितनी संभावनाएं देख रहे हैं, उतनी संभावनाएं मैंने पहले कभी नहीं देखी है। डिजिटल क्रांति से हर उद्योग व क्षेत्र में बदलाव आ रहा है और हम उसमें निमग्न होते जा रहे हैं।

नीलेकणि (63) ने 10.94 अरब डॉलर का कारोबार करने वाली प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस में आठ साल बाद दोबारा अगस्त 2017 में अपनी नई पारी की शुरुआत की। पूर्व में कंपनी के सीईओ पद से त्यागपत्र देने के बाद वह केंद्र सरकार के संगठन यूआईडीएआई के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाले थे।

बतौर कंपनी अध्यक्ष पहली बार एजीएम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया, मनोरंजन, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाएं, खुदरा और फार्माश्युटिकल हर जगह डिजिटीकरण का क्षेत्र व्यापाक बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा, नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके, इंटरनेट ऑफ थिंग्स का लाभ उठाकर ग्राहक सेवा की नई विधि तैयार करके डिजिटल प्रौद्योगिकी व्यवसाय के नये तरीके पैदा कर रही है।

उन्होंने निवेशकों से कहा, जब मैं इन्फोसिस में अगस्त 2017 में दोबारा आया तो कंपनी की स्थिरता को लेकर आप चिंतित थे। हमारा बोर्ड काफी स्थायी है और सब लोग संगठित हैं और हम प्रभावशाली दौर में हैं।

एजीएम में पिछले साल की तरह कंपनी के सह संस्थापक एन. आर.नारायणमूर्ति मौजूद नहीं थे।

--आईएएनएस

08:47 PM
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