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उत्तर कोरिया के साथ वार्ता जारी रखेगा अमेरिका : पोम्पियो

वॉशिंगटन, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ बातचीत जारी रखने की दिशा में काम करता रहेगा।

इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तर कोरिया द्वारा एक नए सामरिक निर्देशित हथियार के परीक्षण के बाद पोम्पियो की यह टिप्पणी सामने आई है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, देश के दौरे पर आए वरिष्ठ जापानी अधिकारियों के साथ अमेरिकी विदेश विभाग के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने कहा, मुझे विश्वास है कि हमारे पास अभी भी उस परिणाम (परमाणु निरस्त्रीकरण) को हासिल करने का एक वास्तविक अवसर है और हमारी राजनयिक टीम आगे भी इस मामले को देखती रहेगी।

पोम्पियो ने उत्तर कोरिया की उस मांग को अनदेखा कर दिया जिसमें उसने वार्ता के लिए उनकी जगह ज्यादा सावधान और परिपक्व शख्स को लाने की मांग की थी।

उन्होंने कहा, कुछ भी नहीं बदला है। हम बातचीत के लिए काम करना जारी रखा है। मैं अभी भी टीम का प्रभारी हूं।

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को बताया था कि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की निगरानी में बुधवार को एक नए सामरिक निर्देशित हथियार का परीक्षण किया गया।

--आईएएनएस

12:01 PM

ट्रंप ने लीबिया के विद्रोही जनरल हफ्तार से बात की

वाशिंगटन, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लीबिया के पूर्वी कमांडर जनरल खलीफा हफ्तार से बात की है, जिनकी सेना राजधानी त्रिपोली पर हमला कर रही है।

बीबीसी की शुक्रवार की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सोमवार को फोन पर वार्ता के दौरान जनरल हफ्तार के आतंकवाद से निपटने के प्रयासों और लीबिया के तेल को सुरक्षित करने के प्रयासों को मान्यता दी और दोनों ने लीबिया के भविष्य के बारे में चर्चा की।

ट्रंप के फोन कॉल से संकेत मिलता है कि वह अपने सहयोगियों में से कुछ के विपरीत जनरल हफ्तार का समर्थन करते हैं।

तीन सप्ताह पहले लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक 200 से अधिक लोग मारे गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र समर्थित प्रधानमंत्री फायेज अल-सेराज ने जनरल हफ्तार की सेनाओं द्वारा किए गए हमले के बीच अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों की चुप्पी की गुरुवार को निंदा की।

लंबे समय तक लीबिया पर शासन करने वाले शासक मुअम्मर गद्दाफी के 2011 में सत्ता से बेदखल होने और मारे जाने के बाद से लीबिया में हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है।

नया संकट तीन सप्ताह पहले तब शुरू हुआ जब जनरल हफ्तार की सेनाएं त्रिपोली को कब्जे में लेने के लिए उसकी धरती पर उतरीं जिसे सेराज ने तख्तापलट का प्रयास बताया।

जनरल हफ्तार की सेना विभिन्न दिशाओं से शहर के बाहरी इलाके में आगे बढ़ रही है और उनका कहना है कि उन्होंने त्रिपोली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपने नियंत्रण में कर लिया है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और जनरल हफ्तार ने लीबिया को एक स्थिर, लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रणाली में परिवर्तित करने के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की।

--आईएएनएस

11:08 AM

त्रिपोली से भारतीय तुरंत निकल जाएं : सुषमा

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को देश के उन लोगों से, जिनके रिश्तेदार त्रिपोली में रहते हैं, अपील की कि वे उनसे लीबिया की राजधानी तुरंत छोड़ने को कहें, क्योंकि वहां हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

सुषमा ने ट्वीट किया, लीबिया से बड़ी संख्या में पलायन और यात्रा पर प्रतिबंध के बाद भी त्रिपोली में 500 से ज्यादा भारतीय नागरिक हैं। त्रिपोली के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। इस समय, विमानों का संचालन हो रहा है। कृपया अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कहिए कि वे तुरंत त्रिपोली छोड़ दें। हम उन्हें बाद में वहां से नहीं निकाल पाएंगे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र समर्थित लीबियाई सरकार और त्रिपोली के इर्दगिर्द रह रही पूर्वी क्षेत्र की सेना के बीच लड़ाई में 213 लोग मारे गए हैं और 1,009 घायल हो गए हैं।

खलीफा हफ्तार की अगुवाई वाली सेना त्रिपोली पर कब्जा के लिए अप्रैल की शुरुआत से ही सैन्य अभियान चला रही है।

लीबिया वर्ष 2011 में मोहम्मद गद्दाफी शासन के पतन के बाद से असुरक्षा का माहौल खत्म कर लोकतांत्रिक व्यवस्था लाने के लिए संघर्षरत है।

--आईएएनएस

10:52 PM

बीआरआई में भारत की अनुपस्थिति से संबंधों पर असर नहीं : वांग

बीजिंग, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन ने शुक्रवार को कहा कि 25 से 27 अप्रैल के बीच होने वाले दूसरे बेल्ट एवं रोड फोरम में भारत की अनुपस्थिति से दोनों देशों के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और दोनों देश इस वर्ष अपने नेताओं के बीच वुहान जैसे सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं।

समारोह से पहले एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चीन के शीर्ष कूटनीतिज्ञ और विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि नई दिल्ली और बीजिंग के बीच मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए।

भारत लगातार दूसरे वर्ष चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे(सीपीईसी) के विरोध में इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा। यह गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है।

वर्ष 2017 में भी, भारत ने सीपीईसी के विरोध में बेल्ट एवं रोड फोरम के लांच का बहिष्कार किया था। तब नई दिल्ली ने कहा था कि कोई भी देश एक ऐसी परियोजना को स्वीकार नहीं कर सकता जो संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उसकी प्रमुख चिंताओं को नजरअंदाज करता है।

इस वर्ष भी भारत चीन के इस समारोह में शामिल नहीं होगा। इस फोरम में पाकिस्तान, नेपाल सहित 37 देशों के नेता या राष्ट्राध्यक्ष और 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

वांग ने कहा, हमारे बीच मतभेद होना स्वभाविक है। यह केवल स्वभाविक है। मैं याद करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिक्र किया था कि हमें हमारे मतभेदों को विवाद में तब्दील नहीं होने देना चाहिए। भारतीय पक्ष मतभेदों को एक उचित स्तर पर ही रखना चाहता है, ताकि हमारे संबंधों के समुचित विकास में किसी तरह की समस्या न आए।

विदेश मंत्री से पूछा गया कि क्या मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीते वर्ष वुहान में हुई सफल बैठक के बाद समारोह में भारत की अनुपस्थिति का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा? यी ने कहा, बुनियादी मतभेदों में से एक यह है कि कैसे बेल्ट और रोड पहल को देखा जाए। भारतीय पक्ष की अपनी चिंताएं हैं।

उन्होंने कहा, हम समझते हैं और इसलिए हम कई अवसरों पर स्पष्ट तौर पर बताते हैं कि बेल्ट और रोड पहल समेत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा केवल आर्थिक पहल है।

उन्होंने कहा, यह किसी तीसरे देश पर निशाना नहीं साधता है और इस पहल का दोनों देशों के बीच इतिहास की वजह से पैदा हुई संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दे से कुछ लेना देना नहीं है। निश्चित ही, भारत का इन विवादों पर बुनियादी पक्ष है। हमारा सहयोग उन मुद्दों पर किसी भी पक्ष केरुख को कमजोर नहीं करेगा।

वांग ने यह भी कहा कि भारत और चीन इस वर्ष दोनों देशों के नेताओं के बीच अगली बैठक की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, दोनों नेताओं(मोदी और शी) के बीच वुहान में बहुत सफल बैठक हुई थी। बैठक ने नेतृत्व के बीच आपसी विश्वास स्थापित किया था और दोनों ने चीन-भारत संबंधों की मजबूती और भविष्य की बेहतरी के लिए संयुक्त रूप से योजना बनाई थी।

वांग ने कहा, वुहान सम्मेलन के बाद हमने देखा कि दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में सहयोग में बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत-चीन संबंधों की उज्ज्वल संभावना है, जोकि हमारे नेताओं की अगली बैठक में परिलक्षित होगी।

--आईएएनएस

05:48 PM

भारत ने सीमा पार व्यापार बंद किया (लीड-2)

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने सीमा पार व्यापार गुरुवार से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सरकार ने कहा है कि इसके जरिए अवांछित और राष्ट्र विरोधी तत्व देश में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से से हवाला के जरिए धन और हथियारों को देश में पहुंचाते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि जो व्यक्ति यहां से पाकिस्तान गए और आतंकवादी संगठन में शामिल हो गए, उन्होंने वहां कंपनी खोल ली और ये आतंकवादियों के नियंत्रण में है और अब ये कंपनियां सीमा पार व्यापार में संलिप्त हैं।

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पहले ही पाकिस्तान से सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा वापस ले लिया है।

बयान में कहा गया है कि उसके बाद यह कदम इसलिए उठाया गया है, क्योंकि नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार से कंपनियां उच्च कर से खुद को मुक्त कर लेती थीं।

बयान में कहा गया है, इसके बाद सरकार ने फैसला किया कि नियंत्रण रेखा के आर-पार जम्मू एवं कश्मीर के चक्कन-दा-बाग और सलामाबाद से व्यापार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।

सरकार ने कहा, नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार में यह पाया गया कि पाकिस्तानी तत्व ड्रग्स, अवैध हथियार और जाली नोट की आपूर्ति कर रहे हैं।

यह व्यापार आदान-प्रदान के समझौते के तहत सप्ताह में चार दिन किया जाता है।

--आईएएनएस

09:12 PM

सऊदी अरब में फंसे भारतीय को सुषमा ने दिया मदद का भरोसा

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सऊदी अरब में फंसे एक भारतीय को गुरुवार को रियाद स्थित भारतीय दूतावास से सभी प्रकार की मदद मिलने का आश्वासन दिया।

सऊदी अरब में फंसे उस व्यक्ति ने कहा था कि अगर वह भारत नहीं लौट पाया तो वह खुदकुशी कर लेगा।

सुषमा स्वराज ने एक ट्वीट में कहा, खुदकुशी की बात नहीं सोचते। हम हैं ना। हमारी एंबेसी आपकी पूरी मदद करेगी।

उन्होंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।

दूतावास को किए ट्वीट में व्यक्ति ने खुद की पहचान अली के रूप में की और कहा कि वह करीब एक साल से दूतावास से मदद की गुहार लगा रहे हैं। अगर उनको भारत भेजा जाता है तो यह बड़ी मदद होगी। उन्होंने कहा कि उनके चार बच्चे हैं।

हालांकि इस ट्वीट को बाद में हटा लिया गया।

अली ने ट्वीट में यह भी कहा कि उनके भारत स्थित परिवार में कुछ समस्याएं हैं और बगैर कोई छुट्टी लिए 21 महीने से सऊदी अरब में हैं।

एक अन्य ट्वीट सें सुषमा स्वराज ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग से गुजरात के उस परिवार की मदद करने को कहा जिसने 10 अप्रैल को लंदन में एक सड़क हादसे में अपने एक सदस्य को खो दिया है।

--आईएएनएस

08:21 PM

भारत ने सीमा पार व्यापार निलंबित किया

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने सीमा पार व्यापार गुरुवार से निलंबित कर दिया।

--आईएएनएस

07:03 PM
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 ब्रिटिश पाउंड में मजबूती के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट

ब्रिटिश पाउंड में मजबूती के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट

न्यूयॉर्क, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ब्रिटिश पाउंड में आई मजबूती के बीच, अमेरिकी डॉलर में अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई।

पहली तिमाही में ब्रिटिश खुदरा बिक्री के सकारात्मक आंकड़ों से देश के आर्थिक विकास में वृद्धि के संकेत से ब्रिटिश पाउंड में मजबूती दर्ज की गई।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, न्यूयॉर्क ट्रेडिग में शुक्रवार को यूरो बीते कारोबार में 1.1230 डॉलर के मुकाबले बढ़कर 1.1245 डॉलर रहा।

ब्रिटिश पाउंड बीते कारोबार में 1.2988 डॉलर के मुकाबले बढ़कर 1.2994 डॉलर रहा।

आस्ट्रेलियाई डॉलर बीते कारोबार में 0.7146 डॉलर के मुकाबले बढ़कर 0.7148 डॉलर रहा।

यूरो, पाउंड, येन समेत छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचकांक डॉलर इंडेक्स 0.09 फीसदी की कमजोरी के साथ 97.3650 पर रहा।

--आईएएनएस

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