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पाकिस्तान गरिमापूर्ण तरीके से चाहता है भारत से वार्ता : कुरैशी

बिश्केक, 15 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि उनका मुल्क समानता के आधार और गरिमापूर्ण तरीके से भारत के साथ वार्ता चाहता है।

पाकिस्तान ने कहा है कि अब नई दिल्ली को यह तय करना है कि वह इस्लामाबाद के साथ मुद्दों को सुलझाना चाहती है या नहीं।

कुरैशी ने यहां 19वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के मौके पर शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी के बीच हुए अभिवादन के आदान-प्रदान की पुष्टि करते हुए यह बात कही।

कुरैशी ने किर्गिस्तान की राजधानी में जियो न्यूज से कहा, हां, मुलाकात हुई, दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया।

हालांकि उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत सरकार अभी तक अपनी चुनावी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है।

कुरैशी ने कहा, हमें जो कहना था, हमने कहा। भारत सरकार अपनी चुनावी मानसिकता से बाहर नहीं आई है। अपने क्षेत्र में उन्होंने जो वोटबैंक के लिए चरम स्थिति बनाई थी, वे उससे बाहर नहीं आए हैं।

उन्होंने कहा, भारत को फैसला करना है। हम न तो जल्दबाजी में हैं, न ही परेशान हैं। जब भारत खुद को बातचीत के लिए तैयार कर लेगा, वह देखेगा कि हम पहले से तैयार हैं। लेकिन हम समानता के आधार पर, गरिमापूर्ण तरीके से बातचीत करेंगे।

कुरैशी ने कहा, हमें (पाकिस्तान) न तो किसी के पीछे भागने की जरूरत है, न ही जिद दिखाने की। पाकिस्तान का ²ष्टिकोण यथार्थवादी और सुविचारित है।

पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद से नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव बढ़ गया था। हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान मारे गए थे।

खान और कुरैशी ने मोदी को पत्र लिखकर वार्ता फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है।

--आईएएनएस

06:48 PM

तेल टैंकर हमला : संयुक्त राष्ट्र का स्वतंत्र जांच का आह्वान

संयुक्त राष्ट्र, 15 जून (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने इसी सप्ताह ओमान की खाड़ी में तेल के दो टैंकरों पर हुए हमलों की स्वतंत्र जांच कराने का आह्वान किया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के हवाले से कहा, सच का पता लगना बहुत जरूरी है, और जवाबदेही स्पष्ट होना बहुत जरूरी है।

वे यहां पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तभी हो सकता है जब कोई स्वतंत्र संस्था उन तथ्यों का सत्यापन करे।

हमलों और उनकी जांच से संबंधित एक प्रश्न का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में जो भी हो, हम इस संबंध में किसी भी पहल का समर्थन करेंगे, बशर्ते यह स्वतंत्र हो।

गुटेरस ने आगे कहा कि दुनिया खाड़ी में भारी संघर्ष बर्दाश्त नहीं कर सकती।

इससे पहले गुरुवार को ओमान की खाड़ी में तेल के दो टैंकरों पर हमला कर दिया गया था। इनमें से कम से कम एक का संचालन जापानी कंपनी कर रही थी।

ये हमले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की ईरान यात्रा के बीच हुए हैं। ईरान अमेरिका के साथ जारी अपने तनाव को कम करने के लिए मदद मांग रहा है।

इससे पहले मई में, संयुक्त अरब अमीरात के तट पर भी चार व्यापारिक जहाजों में ऐसी ही तोड़फोड़ की गई थी।

--आईएएनएस

12:08 PM

ट्रंप ने अमेरिका-ईरान तनाव कम करने के प्रयासों के लिए आबे का आभार जताया

वॉशिंगटन, 15 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से फोन पर ईरान तथा द्विपक्षीय व्यापार के मुद्दों पर बात की।

व्हाइट हाउस के बयान के हवाले से समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं ने शुक्रवार को आबे की हालिया ईरान यात्रा, वर्तमान में चल रही अमेरिका-जापान द्विपक्षीय व्यापार वार्ता और जून के अंत में ओसाका में होने वाले जी-20 सम्मेलन में ट्रंप के दौरे के संबंध में चर्चा की।

बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से वार्ता कराने के प्रयासों के लिए आबे का आभार जताया।

आबे ने इसी सप्ताह ईरान का दौरा किया था। साल 1978 में ताकियो फुकुडा के बाद ईरान का दौरा करने के बाद आबे जापान के पहले प्रधानमंत्री हैं।

यह दुर्लभ दौरा वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से किया गया।

ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने गुरुवार को हालांकि आबे से कहा कि ट्रंप से बात करने का कोई फायदा नहीं है।

ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट किया, जहां मैं अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने ईरान जाने के लिए प्रधानमंत्री आबे की बहुत प्रशंसा करता हूं, वहीं मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि अभी समझौता करने के बारे में सोचना भी जल्दबाजी होगी। वे तैयार नहीं हैं, और ना ही हम तैयार हैं।

आबे की यात्रा गुरुवार को ओमान की खाड़ी में तेल के दो टैंकरों पर हुए हमलों की खबर में दब गई, जिसमें से कम से कम एक जहाज जापानी कंपनी द्वारा संचालित था।

ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है, वहीं तेहरान ने अमेरिका के आरोपों को जोड़-तोड़ की कूटनीति बताया।

--आईएएनएस

11:40 AM

सिख जत्थे को वीजा नहीं देने पर भारत ने पाकिस्तान से नाखुशी जताई

नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। भारत ने आधिकारिक सिख जत्थे को पाकिस्तान द्वारा वीजा नहीं दिए जाने पर पाकिस्तान सरकार के समक्ष अपना जोरदार विरोध दर्ज कराया है। इस जत्थे में 87 श्रद्धालु शामिल हैं, जो सिख गुरु अर्जुन देव की शहादत की बरसी पर होने वाले आयोजन में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जाना चाहते हैं। यह जानकारी शुक्रवार को सूत्रों ने दी।

सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने इन तीर्थयात्रियों के लिए 1974 के धर्मस्थल की यात्रा करने के द्विपक्षीय समझौते के आधार पर वीजा जारी करने का अनुरोध किया है।

सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा भारतीय तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाओं और श्रद्धा के प्रति असम्मान दिखाने पर अपनी चिंता व्यक्त की है, खासकर पाकिस्तान द्वारा एकतरफा तरीके से भारतीय तीर्थयात्रियों के एक निजी समूह को सीमित वीजा (केवल ट्रेन से यात्रा) देने पर।

सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से बिना किसी प्रतिबंध के तुरंत वीजा जारी करने के लिए कहा है।

--आईएएनएस

10:07 PM

मोदी, इमरान ने एक-दूसरे का अभिवादन किया

बिश्केक (किर्गिस्तान), 14 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर बैठक से अलग यहां एक-दूसरे का अभिवादन किया।

सूत्रों के अनुसार, यह अभिवादन सामान्य प्रकृति का था और यह उस समय हुआ, जब दोनों लीडर्स लाउंज में थे।

पुलवामा में फरवरी में एक सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में आई खटास के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच यह अपने तरह का पहला अभिवादन का आदान-प्रदान था।

--आईएएनएस

09:33 PM

विदेश मंत्रालय पंजाब की 2 महिलाओं की वापसी सुनिश्चित करे : आप

चंडीगढ़, 14 जून (आईएएनएस)। पंजाब के आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि वे ऑस्ट्रेलिया और कुवैत में फंसी दो पंजाबी महिलाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।

एक जारी बयान में विधायक कुलतार सिंह संधवान और जय किशन सिंह सिंह रोरी ने नई दिल्ली में अवर सचिव जीडी पांडे और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और महिलाओं की रिहाई के बावत उनसे आग्रह किया।

आप नेताओं ने कहा कि राज्य के युवा लड़के और लड़कियां राज्य और केंद्र सरकारों की गलत नीतियों के कारण विदेश जाने का पसंद कर रहे हैं।

नेताओं ने कहा कि बेईमान ट्रैवल एजेंट राज्य में नापाक व्यापार चला रहे हैं।

संधवान ने मांग की कि जब उन ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात हो जो निर्दोष युवाओं को फंसाने के लिए फर्जी वीजा की व्यवस्था करके उनके व्यवसाय का प्रबंधन कर रहे हैं, तो सरकार को चाहिए कि वह उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

--आईएएनएस

08:18 PM

अटारी में फंसे पाकिस्तान जाने वाले सिख तीर्थयात्री

अमृतसर, 14 जून (आईएएनएस)। भारत से शुक्रवार को पाकिस्तान जाने वाले कम से कम 130 सिख तीर्थयात्री अटारी रेलवे स्टेशन पर फंस गए हैं। उन्हें भारत सरकार से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने की अनुमति नहीं मिली है।

तीर्थयात्रियों में ज्यादातर बुजुर्ग और पंजाब के विभिन्न हिस्सों के लोग हैं जो पांचवें सिख गुरु, गुरु अर्जन देव की शहादत की बरसी पर होने वाले आयोजन के लिए पाकिस्तान जाना चाहते हैं।

वे सुबह ही अटारी स्टेशन पर पहुंच गए, लेकिन पाकिस्तान की विशेष ट्रेन को भारत में प्रवेश करने की मंजूरी नहीं मिली।

भारतीय रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस बाबत सरकार से उन्हें कोई अनुमति नहीं मिली है, इसलिए पाकिस्तानी ट्रेन को अनुमति नहीं दी गई।

फंसे हुए एक यात्री ने कहा, विदेश मंत्रालय और भारतीय रेलवे के बीच संवाद की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

इन श्रद्धालुओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने यह भी शिकायत की कि उन्हें यहां पीने के पानी और शौचालय की सुविधा का भी अभाव देखना पड़ा।

स्टेशन मास्टर एम. एल. राय ने पत्रकारों से कहा, जैसे ही हमें आदेश मिल जाएंगे, हम ट्रेन को अटारी में प्रवेश करने देंगे।

एसजीपीसी प्रत्येक वर्ष, एक साल में चार जत्थे पाकिस्तान भेजती है।

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जन्मस्थली ननकाना साहिब में उनकी जयंती मनाने के लिए सबसे बड़ा जत्था नवंबर में भारत से पाकिस्तान रवाना किया जाता है।

एक और जत्था अप्रैल में बैसाखी के त्योहार पर वहां जाता है।

गुरु अर्जन देव की शहादत की बरसी और सिख साम्राज्य के संस्थापक महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर मई-जून में शेष दो जत्थे वहां जाते हैं।

--आईएएनएस

06:29 PM

आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों को जवाबदेह बनाया जाए : मोदी (लीड-1)

बिश्केक (किर्गिस्तान), 14 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान की मौजूदगी में कहा कि वे देश जो आतंकवाद का समर्थन, प्रोत्साहान, वित्तपोषण करते हैं, उन्हें निश्चित ही जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने इसके साथ ही आतंकवाद से निपटने पर बातचीत के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने का भी आह्वान किया।

आठ देशों के समूह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में यहां एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मानवता की ताकतों को अपने संकीर्ण मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए और आतंकवाद को मिटाना चाहिए।

मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन समेत अन्य सदस्य देशों के नेताओं के समक्ष कहा, एससीओ देशों को आतंकवाद मिटाने के लिए एससीओ-आरएटीएस (शंघाई कॉपोरेशन ऑर्गनाइजेशन-रीजनल एंटी टेरेरिस्ट स्ट्रक्चर) के अंतर्गत अपनी पूरी ताकत का प्रयोग करना चाहिए।

मोदी ने कहा, गत रविवार मैं श्रीलंका के सेंट एंटनी चर्च (21 अप्रैल को हुए हमलों में शामिल जगह) गया था, जिसके बाद मैंने महसूस किया कि आतंकवाद का कुरूप चेहरा कहीं भी सिर उठाकर निर्दोष लोगों की जान ले लेता है।

उन्होंने कहा, आतंकवाद का समर्थन, सहायता या वित्तपोषण करने वाले देश को जिम्मेदार ठहराया जाना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आतंकवाद से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने का आह्वान करता है।

एससीओ क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा की जरूरत को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध अफगानिस्तान महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान की अगुवाई, अफगानिस्तान के स्वामित्व और अफगानिस्तान के नियंत्रण वाले शांति प्रक्रिया प्रयासों का स्वागत करता है और अपनी खुशी जाहिर करता है कि एससीओ-अफगानिस्तान संपर्क समूह के लिए रोडमैप तैयार हो गया है।

मोदी ने एससीओ देशों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सुविधा, वैकल्पिक ऊर्जा और लोगों की जरूरतों के क्षेत्र में सहयोग पर भी जोर दिया।

--आईएएनएस

06:18 PM

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में 13,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा जापान

अगरतला, 14 जून (आईएएनएस)। भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों में चालू व नई परियोजनाओं में जापान 13,000 करोड़ रुपये (205.784 अबर येन) का निवेश करेगा। यह जानकारी शुक्रवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।

आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) मंत्री जितेंद्र सिंह और भारत में जापान के राजदूत केंजी हिरमत्सु की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल के बीच बुधवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद आधिकारिक तौर पर बताया गया कि जापान सरकार भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों में चल रही व नई योजनाओं में 13,000 करोड़ रुपये निवेश करने जा रही है।

जापान जिन महत्वपूर्ण योजनाओं में सहयोग करेगा, उनमें असम में गुवाहाटी जल आपूर्ति परियोजना और गुवाहाटी मलजल निकासी परियोजना, असम और मेघालय में फैली पूर्वोत्तर सड़क नेटवर्क संपर्क सुधार परियोजना, मेघालय में पूर्वोत्तर नेटवर्क संपर्क सुधार परियोजना, सिक्किम में जैव-विविधता संरक्षण व वन प्रबंधन परियोजना, त्रिपुरा में टिकाऊ वन प्रबंधन परियोजना, मिजोरम में टिकाऊ कृषि व सिंचाई तकनीकी सहयोग परियोजना और नगालैंड में वन प्रबंधन परियोजना शामिल है।

विज्ञप्ति के अनुसार, सिंह ने पिछले तीन से चार साल के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास और बदलाव लाने में जापान के योगदान की सराहना की।

--आईएएनएस

05:04 PM

आतंकवाद का समर्थन करने वालों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए : मोदी

बिश्केक, 14 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जो देश आतंकवाद का समर्थन करते हैं, इसे प्रोत्साहित करने के साथ-साथ वित्तीय सहायता मुहैया कराते हैं, ऐसे देशों को उनके क्रियाकलापों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

यहां एससीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इसके सदस्य देशों का विजन क्षेत्र में स्वस्थ सहयोग को मजबूत करना है और हेल्थ इसके लिए एक अच्छा जरिया हो सकता है।

उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि एचईएएलटीएच (हेल्थ) में एच हेल्थकेयर कोऑपरेशन (स्वास्थ्य सुविधा सहयोग), ई इकोनामिक कोऑपरेशन (व्यापारिक सहयोग), ए अल्टरनेट एनर्जी (वैक्लपिक ऊर्जा), एल लिटरेचर एंड कल्चर (साहित्य और संस्कृति), टी टेररिज्म फ्री सोसाइटी (आतंक मुक्त समाज) और एच ह्यूमनटेरियन कोऑपरेशन (मानवतावादी सहयोग) का द्योतक है।

मोदी ने कहा कि श्रीलंका में आतंक प्रभावित स्थल का दौरा करने के दौरान उन्होंने आतंकवाद का कुरूप चेहरा देखा, जो कहीं भी सिर उठा सकता है और निर्दोष लोगों की जान ले सकता है।

उन्होंने कहा, इन सबसे निपटने के लिए, सभी मानवीय ताकतों को अपने संकीर्ण चिंताओं से मुक्त होकर सामने आना चाहिए और एकजुट होना चाहिए। आतंकवाद को समर्थन, सहायता या वित्तपोषण करने वाले देश को जिम्मेदार ठहराया जाना जरूरी है। एससीओ देशों को आतंकवाद मिटाने के लिए एसीओ-आरएटीएस (शंघाई कॉपोरेशन ऑरगेनाइजेशन-रीजनल एंटी टेरेरिस्ट स्ट्रक्चर) के अंतर्गत सहयोग के संभावनाओं का प्रयोग करना चाहिए। भारत आतंकवाद से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने का आह्वान करता है।

--आईएएनएस

04:26 PM
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 मोदी ने कृषि में संरचनात्मक सुधारों के लिए उच्चस्तरीय समिति घोषित की

मोदी ने कृषि में संरचनात्मक सुधारों के लिए उच्चस्तरीय समिति घोषित की

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कृषि में संरचनात्मक सुधारों की सिफारिश के लिए एक उच्चस्तरीय समिति की घोषणा की, जिसमें मुख्यमंत्रियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने राज्यों से 2024 तक भारत को 50 खरब डॉलर (5,000 अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देने का आग्रह किया।

नीति आयोग की शासी परिषद की 5वीं बैठक में अपनी समापन टिप्पणी में उन्होंने एक भारत, श्रेष्ठ भारत अंब्रेला के तहत विभिन्न राज्यों के निवासियों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां वर्तमान में भारत को एक अनूठा अवसर प्रदान करती हैं, क्योंकि देश खुद को ईज ऑफ डुइंग बिजनेस जैसे वैश्विक बेंचमार्क पर स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा, हमें 2024 तक भारत को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का प्रयास जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए, राज्यों को अपनी अर्थव्यवस्था को 2 से 2.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके परिणामस्वरूप आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ जाएगी।

मोदी ने मुख्यमंत्रियों से अपने राज्य की निर्यात क्षमता का अध्ययन करने और निर्यात संवर्धन पर काम करने का आह्वान किया।

कृषि में संरचनात्मक सुधारों पर समिति के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें कुछ मुख्यमंत्रियों को भी शामिल किया जाएगा और इस विषय पर समग्र दृष्टिकोण लिया जाएगा।

केंद्र में बनाए गए दो नए मंत्रालयों और एक नए विभाग के निर्माण का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय में द्वीप विकास विभाग, लगभग 1,300 द्वीपों के विकास पर काम करेगा जो भारत का हिस्सा हैं।

उन्होंने तटवर्ती राज्यों से आग्रह किया कि वे समुद्र तट से सटे द्वीपों के संबंध में एक पहल करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है, लेकिन उन्होंने याद दिलाया कि कई राज्यों में खदानों के परिचालन में अड़चनें अभी भी बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा, नीति आयोग इन मुद्दों पर काम कर रहा है।

उन्होंने राज्यों को समय-समय पर आकांक्षी जिलों की प्रगति की समीक्षा करने का भी आह्वान किया और कहा कि आकांक्षी जिलों में शासन के एक नए मॉडल को स्थापित करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ साझेदारी करने और भारत के विकास के लिए मिलकर काम करने की इच्छुक है।

उन्होंने कहा कि भारत को अपनी पानी की समस्याओं को हल करने के लिए प्राथमिकता देने और सही कदम उठाने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण के लिए एक परिणाम आधारित दृष्टिकोण का आह्वान किया।

--आईएएनएस

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