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कांग्रेस का धन जुटाओ अभियान मोदी को शर्मिदा करने के लिए : राहुल

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ओडिशा के लोगों के साथ मजाक करने को लेकर उन्हें शर्मिदा करने के लिए धन जुटाने (फंड रेजिंग) का अभियान शुरू किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राउरकेला में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने का अपना वादा नहीं निभा कर ओडिशा के लोगों के साथ मजाक किया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए कहा, एक अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री ने ओडिशा के लोगों को मूर्ख बनाया था जैसा कि वीडियो में दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री को उनके वादे याद नहीं रखने पर शर्मिदा करने के लिए धन जुटाने का अभियान शुरू किया है।

--आईएएनएस

10:48 PM

तृणमूल ने श्यामा प्रसाद की प्रतिमा तोड़ने में नक्सलियों का इस्तेमाल किया : भाजपा

कोलकाता, 23 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाने के पश्चिम बंगाल सरकार के निर्णय की शनिवार को सराहना की, लेकिन इसके साथ ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर मार्च में उनकी प्रतिमा तोड़ने के लिए नक्सलियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के मंत्री फरहाद हाकिम और सोवनदेब चट्टोपाध्याय शनिवार को मुखर्जी की 65वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दक्षिण कोलकाता के केओरताला शवदाहगृह में उनकी प्रतिमा के समक्ष एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुए और दावा किया कि भारत और बंगाल के महान सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करने में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

इसपर, प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के सचिव राहुल सिन्हा ने यहां पत्रकारों से कहा, तृणमूल ने मुखर्जी की प्रतिमा ढहाने के लिए नक्सलियों का इस्तेमाल किया और वे अब अपने पाप को धोने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि तृणमूल को समझने में समय लगेगा कि मुखर्जी की वजह से ही बंगाल अभी भी भारत का अंग है।

बंगाल सरकार के निर्णय की सराहना करते हुए, भाजपा के राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने हालांकि कहा, यह काफी देरी से हुआ है।

उन्होंने कहा, मैंने श्यामा प्रसाद की पुण्यतिथि मनाने के राज्य सरकार के निर्णय के बारे में सुना। यह महान विचार और अच्छा कार्य है। लेकिन यह काफी देरी से हुआ है। हालांकि, इसकी प्रशंसा की जानी चाहिए और मैं सरकार के निर्णय की प्रशंसा करता हूं।

राज्य मंत्री हाकिम ने कहा, जब भाजपा यहां कहीं नहीं थी, हमने मुखर्जी की प्रतिमा पर हार चढ़ाया था। हमारी पार्टी ने वर्षो से उनका सम्मान किया है और हम भारत के महान सपूतों को हमेशा सम्मान देते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या इस निर्णय के पीछे कोई राजनीतिक मंशा है? चट्टोपाध्याय ने कहा, मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के पीछे कोई राजनीति नहीं है। वह बंगाल के महान सपूत थे। उन्हें सम्मान देना हमारा कर्तव्य है।

--आईएएनएस

09:13 PM

इथोपिया : प्रधानमंत्री की रैली में विस्फोट, 1 की मौत 154 घायल (लीड-1)

अदीस अबाबा, 23 जून (आईएएनएस)। इथोपिया के नए सुधारक प्रधानमंत्री अबी अहमद की शनिवार की रैली के दौरान हुए ग्रेनेड विस्फोट में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 154 से ज्यादा घायल हो गए। यहां रैली में हजारों की संख्या में भीड़ जुटी थी।

बीबीसी के मुताबिक, राजधानी के मेस्कल स्क्वेयर में अहमद का भाषण समाप्त होने के तुरंत बाद विस्फोट हुआ। उन्होंने तुरंत ही सार्वजनिक टेलीविजन के माध्यम से लोगों को हमले की सूचना दी, हालांकि उन्होंने मृतकों की संख्या का जिक्र नहीं किया।

इथोपिया के स्वास्थ्य मंत्री अमीर अमान ने ट्वीट किया कि एक व्यक्ति की मौत हुई है और 154 घायल हुए, जिसमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

अहमद ने इसे उन बलों द्वारा किया एक असफल प्रयास करार दिया, जो इथोपिया को एक होते हुए नहीं देखना चाहते और कहा कि यह हमला उनके सत्तारूढ़ गठबंधन के सुधारवादी कार्यक्रमों को रोक नहीं पाएगा।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, उन्हें विस्फोट के तुरंत बाद वहां से दूर ले जाया गया। घटना स्थल से दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है।

हेलमरियम डेसलेग द्वारा अप्रत्याशित रूप से फरवरी में इस्तीफा देने के बाद अहमद ने प्रधानमंत्री पद की कमान संभाली थी।

--आईएएनएस

09:03 PM

कांग्रेस आजाद, सोज के खिलाफ कार्रवाई करे : शाह

जम्मू, 23 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस से उसके वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज द्वारा कश्मीर पर दिए गए बयान के लिए माफी मांगने के लिए कहा और इसके साथ ही शाह ने कांग्रेस को दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती भी दी।

शाह ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, भारतीय जनता पार्टी द्वारा पीडीपी-नीत गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के बाद, कांग्रेस ने चुनाव के लिए अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।

महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के बाद राज्य के दौरे पर पहली बार गए शाह ने कहा कि सत्ता में बने रहना भाजपा की प्राथमिकता नहीं है, बल्कि जम्मू एवं कश्मीर का कल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है।

उन्होंने कहा, सभी को एहसास है कि जल्द ही यहां चुनाव होंगे। भाजपा जहां भारत माता की जय का नारा बुलंद करती है, वहीं कांग्रेस ने चुनाव की चाहत में अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं।

शाह ने कहा, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने जो बयान दिया था, वह यहां मैं दोहरा भी नहीं सकता। और इसके तत्काल बाद, लश्कर-ए-तैयबा(एलईटी) ने उनके बयान का समर्थन किया।

आजाद ने कहा था कि भारतीय सेना जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों से ज्यादा नागरिकों को मार रही है।

शाह ने कांग्रेस के नेता सोज के बयान को भी आड़े हाथ लिया।

सोज ने कहा था कि पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का बयान सही था कि कश्मीरी नागरिक आजादी पसंद करेंगे।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा ऐसा कभी नहीं होने देगी। जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यह बदल नहीं सकता।

उन्होंने कांग्रेस से दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने और दोनों के बयान के लिए देश से माफी मांगने की मांग की।

--आईएएनएस

08:42 PM

गोयल ने नोटबंदी घोटाला छिपाने नाबार्ड पर दबाव डाला : कांग्रेस (लीड-1)

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को वित्तमंत्री पीयूष गोयल पर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के नोटबंदी घोटाले को छिपाने के लिए उन्होंने नाबार्ड को बयान जारी करने को बाध्य किया। कांग्रेस ने नाबार्ड सहित मामले की ऑडिट रपट सार्वजनिक करने की मांग की।

कांग्रेस ने भाजपा पर घोटालेबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में एक और बैंक घोटाला प्रकाश में आया है, जिसमें डी. एस. कुलकर्णी (डीएसके) समूह ने 2,000 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, पीयूष गोयल ने नाबार्ड पर प्रेस को बयान जारी करने के लिए दबाव डाला। नाबार्ड की वेबसाइट पर जारी बयान भाजपा का बयान प्रतीत होता है, जिसमें सिर्फ अमित शाह का बचाव किया गया है।

उनका आरोप है कि नाबार्ड ने जानबूझकर सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए प्रकाश में आए तथ्यों को हटा दिया है, जिसमें 3,118.51 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट महज पांच दिनों के दौरान गुजरात के 11 सहकारी बैंकों में जमा होने का खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इन बैंकों के साथ जुड़े हुए हैं।

खेड़ा ने कहा, भाजपा और इसके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों के जिला सहकारी बैंकों में महज पांच दिनों में सभी सहकारी बैंकों में जमा प्रतिबंधित नोटों का 64.18 फीसदी यानी 22,270.80 करोड़ रुपये मूल्य के नोट जमा हुए।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में नोटबंदी के दौरान भारी मात्रा में नोट जमा होने के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी केवाईसी के दिशानिर्देशों का पालन होने का दावा किए जाने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता का यह बयान आया है।

आईएएनएस ने आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के आधार पर शुक्रवार को अपनी एक रपट में बताया था कि जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में जिस बैंक में नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट जमा हुए थे, अमित शाह उस बैंक के निदेशक हैं।

खेड़ा ने कहा, गोयल ने पीत पत्रकारिता का जिक्र करते हुए एक बयान ट्वीट किया है, जोकि संघ के इको-सिस्टम से सीधे लिया गया है और उन्होंने इस तरह की बचकानी बातें कर एक तिनका पकड़ने के लिए अथाह कड़ी मेहनत की है, जोकि आरएसएस-भाजपा के बौद्धिक जगत का एक हालमार्क है।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार के लिए यह उचित होगा कि हमारे सरल सवालों का जवाब दे और जिला सहकारी बैंकों में प्रतिबंधित नोटों की जमा में बढ़ोतरी की पूरी जांच का आदेश दे।

उन्होंने गोयल से बतौर अस्थायी वित्तमंत्री मामले की निष्पक्ष जांच का आदेश देने की मांग की।

खेड़ा ने यह भी मांग की है कि नाबार्ड नोटबंदी के पांच दिनों के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित नोट जमा लेने वाले सहकारी बैंकों की ऑडिट रपट सार्वजनिक करे।

खेड़ा ने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता ने डीएसके समूह के घोटाले का पर्दाफाश किया, जिसमें समूह ने कई वित्तीय संस्थानों से 5,400 करोड़ रुपये उधार लिए और उसकी वापसी करने में विफल रहे।

उन्होंने कहा, कुलकर्णी आरएसएस और भाजपा से जुड़े रहे हैं। भाजपा की सरकार में यह 12वां बैंक घोटाला है।

उन्होंने कहा कि डीएसके समूह ने घर खरीदने का सपना देखने वालों और मियादी जमा करने वाले 8,000 लोगों को चूना लगाया है, जिनमें ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक हैं।

--आईएएनएस

07:49 PM

शिवसेना ने आरबीआई गवर्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। शिवसेना ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी से पूछा कि बड़े उद्योगपतियों द्वारा घोटाला कर देश से भागने के मामले में मौजूदा वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आरबीआई गवर्नर और बैंकों के प्रमुखों के खिलाफ क्या कार्रवाई की।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना और दोपहर का सामना के संपादकीय में कहा, घोटाले का ऋण देने के लिए बैंक के कितने चेयरमैन को जेल भेजा गया? यहां तक कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक के निदेशक हैं.. इसमें नोटबंदी के बाद केवल पांच दिनों में ही 745.59 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट जमा किए गए।

पार्टी ने कहा कि गुजरात के कैबिनेट मंत्री जयेश वी. राडाडिया राजकोट डीसीबी के चेयरमैन हैं, इस बैंक ने भी देश में प्रतिबंधित नोट संग्रह करने में दूसरा स्थान हासिल किया। यहां 693.19 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट जमा किए गए।

शिवसेना ने कहा, कैसे इतनी बड़ी मात्रा में केवल एक एडीसीबी बैंक में पैसा जमा कराया जा सकता है? यह एक गंभीर समस्या है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

गोयल पर इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं देखने का आरोप लगाते हुए, भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने कहा कि सहकारी बैंकों में भेदभाव होता है और देश में विभिन्न सहकारी बैंकों के साथ अलग-अलग नियम लागू किए जाते हैं।

शिवसेना ने कहा, महाराष्ट्र के डीसीसीबी को पुराने नोटों को बदलने या स्वीकार करने से रोका गया, बाद में हालांकि इस निर्णय को वापस ले लिया गया, लेकिन इससे बैंकों की आर्थिक हालत काफी खस्ता हो गई।

संपादकीय के अनुसार, देश अभी भी नोटबंदी के प्रभाव से जूझ रहा है..रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर इसके सबसे बड़े दोषी हैं और इसके लिए उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

शिवसेना ने कहा, देश को बताया गया था कि नोटबंदी के बाद जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद समाप्त हो जाएगा। लेकिन वास्तविकता में, प्रधानमंत्री द्वारा किए गए इस घोषणा के एक दिन बाद ही राज्य में 2000 रुपये के नए नोटों के कई बंडल मिले थे।

--आईएएनएस

07:19 PM

विधवा कल्याण मामले में निर्णायक हस्तक्षेप : प्रसाद

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि उनका मंत्रालय सर्वोच्च न्यायालय में विधवाओं के कल्याण से संबंधित एक मामले में निर्णायक हस्तक्षेप करेगा।

विश्व अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस के अवसर पर एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कानून मंत्रालय को निश्चय ही न्यायपालिका से दूर रहना चाहिए। लेकिन मैं अपने मंत्रालय से यह आग्रह करूंगा कि वह विधवाओं के अधिकार के लिए निर्णायक हस्तक्षेप करे।

सर्वोच्च न्यायालय ने फरवरी में कहा था कि देश के कई राज्य प्रशासन विधवाओं के कल्याण के प्रति ध्यान नहीं देते हैं।

न्यायालय ने न केवल विधवाओं के जीवन स्तर को सुधारने के लिए संयुक्त प्रयास की महत्ता पर जोर दिया था बल्कि विधवाओं के कल्याण के लिए कदम नहीं उठाने पर आठ राज्यों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया था। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।

--आईएएनएस

07:17 PM

कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने भाजपा विधायक की धमकी की निंदा की

श्रीनगर, 23 जून (आईएएनएस)। कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने पूर्व मंत्री और भाजपा नेता चौधरी लाल सिंह के उस बयान की शनिवार को निंदा की, जिसमें उन्होंने एक दिन पहले कहा था कि कश्मीर के पत्रकारों को वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या बाद अपने आचरण के बारे में पता होना चाहिए।

गिल्ड ने एक बयान में कहा, वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या का उदाहरण देते हुए सिंह ने कश्मीरी मीडिया को एक रेखा खींचने और यह निर्णय करने का सुझाव दिया है कि क्या उन्हें बुखारी की तरह काम करना है। सिंह ने इससे भी आगे निकलकर कश्मीर की मीडिया को सीधे धमकी दे दी।

गिल्ड ने आगे कहा, लाल सिंह ने कश्मीरी मीडिया पर एक गलत वातावरण तैयार करने का आरोप लगाया है।

संपादकों की संस्था ने कहा कि लाल सिंह ने शुजात बुखारी की हत्या का उदाहरण ऐसे समय में दिया है, जब श्रीनगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और उनके बयान ने संकेत दिया है कि उनके पास हत्या के बारे में कुछ जानकारी है, जिसकी हर हाल में जांच की जानी चाहिए।

लाल सिंह ने हिंदू एकता मंच की तरफ से जनवरी में आयोजित एक रैली में हिस्सा लिया था, जिसके बाद अप्रैल में उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। यह रैली कठुआ में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के आरोपियों के समर्थन में आयोजित की गई थी।

लाल सिंह ने यह बयान शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दिया था।

गिल्ड ने कहा कि उसके पास विधायक के खिलाफ पुलिस में एक मामला दर्ज कराने का अधिकार है, क्योंकि यह विधायक कठुआ जांच के सिलसिले में अपनी बदनामी के लिए इसके पहले कई सारे संवाददाताओं को नाम लेकर जिम्मेदार ठहरा चुका है।

--आईएएनएस

07:09 PM

गोयल ने नोटबंदी घोटाले को छिपाने नाबार्ड पर दबाव डाला : कांग्रेस

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को वित्तमंत्री पीयूष गोयल पर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के नोटबंदी घोटाले को छिपाने के लिए उन्होंने नाबार्ड को बयान जारी करने को बाध्य किया। कांग्रेस ने मामले की पूरी जांच करवाने की मांग की है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, पीयूष गोयल ने नाबार्ड पर बयान जारी करने के लिए दबाव डाला। नाबार्ड की वेबसाइट पर जारी बयान भाजपा का बयान प्रतीत होता है, जोकि अमित शाह का बचाव करता है।

उनका आरोप है कि नाबार्ड ने जानबूझकर सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए प्रकाश में आए तथ्यों को हटा दिया है, जिसमें 3,118.51 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट महज पांच दिनों के दौरान गुजरात के 11 सहकारी बैंकों में जमा होने का खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इन बैंकों के साथ जुड़े रहे हैं।

खेड़ा ने कहा, भाजपा और इसके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों के जिला सहकारी बैंकों में महज पांच दिनों में सभी सहकारी बैंकों में जमा प्रतिबंधित नोटों का 64.18 फीसदी यानी 22,270.80 करोड़ रुपये मूल्य के नोट जमा हुए।

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में नोटबंदी के दौरान भारी मात्रा में नोट जमा होने के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी केवाईसी के दिशानिर्देशों का पालन होने का दावा किए जाने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता का यह बयान आया है।

आईएएनएस ने आरटीआई में मिली जानकारी के आधार पर शुक्रवार को अपनी एक खबर में बताया था कि जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में जिस बैंक में नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट जमा हुए थे, अमित शाह उस बैंक के निदेशक हैं।

खेड़ा ने कहा, गोयल ने पीत पत्रकारिता का एक बयान ट्वीट किया है, जोकि संघ के इको-सिस्टम से सीधे लिया गया है और उन्होंने इस तरह की बचकानी बातें कर एक तिनके पकड़ने के लिए अथाह कड़ी मेहनत की है, जोकि आरएसएस-भाजपा के बौद्धिक जगत का एक हालमार्क है।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार के लिए यह उचित होगा कि हमारे सरल सवाल का जवाब दे और जिला सहकारी बैंकों में प्रतिबंधित नोटों की जमा में बढ़ोतरी की पूरी जांच का आदेश दे।

उन्होंने गोयल से बतौर अस्थायी वित्तमंत्री मामले की निष्पक्ष जांच का आदेश देने की मांग की।

--आईएएनएस

06:15 PM

त्रिपुरा : 2 पत्रकारों की हत्या की जांच सीबीआई करेगी

अगरतला, 23 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार के आग्रह को मानते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) राज्य में पिछले वर्ष हुए दो पत्रकारों की हत्या के मामले की जांच करेगा।

देब ने आईएएनएस से कहा, राज्य सरकार के आग्रह को मानते हुए, पिछले सप्ताह जरूरी अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके अंतर्गत सीबीआई त्रिपुरा के दो पत्रकारों की हत्या की जांच करेगा।

कार्मिक, लोक शिकायत एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने पिछले सप्ताह दो अलग-अलग अधिसूचना जारी किए थे, जिसके अंतर्गत पिछले वर्ष पत्रकार शांतनु भौमिक(28) और सुदीप दत्ता भौमिक(50) की हत्या की जांच की जाएगी।

राज्य के गृह विभाग का भी जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के चुनाव-पूर्व वादे के अनुसार, राज्य सरकार ने मार्च में कैबिनेट के निर्णय के बाद डीओपीटी को सीबीआई से राज्य में दो पत्रकारों की जघन्य हत्या की जांच कराने के लिए आदेश देने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा, वाम मोर्चा की सरकार ने भाजपा और पत्रकार संगठनों की सीबीआई जांच की मांग को ठुकरा दिया था। राज्य सरकार सीबीआई को जांच में सभी प्रकार का सहयोग देगी। हमें विश्वास है कि दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को इंसाफ मिलेगा।

एक स्थानीय अखबार के पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की पिछले वर्ष 21 नवंबर को पश्चिम त्रिपुरा के रामचंद्र नगर के त्रिपुरा राज्य राइफल्स(टीएसआर) की दूसरी बटालियन के मुख्यालय में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

जबकि टेलीविजन पत्रकार शांतनु भौमिक(28) की 20 सितंबर, 2017 को मंडाई में जनजातीय आधारित राजनीतिक पार्टी के प्रदर्शन को कवर करते वक्त हत्या कर दी गई थी।

वाम मोर्चा की सरकार ने दोनों हत्याओं की जांच के लिए क्रमश: पुलिस उपमहानिरीक्षक अरिंदम नाथ और पुलिस महानिरीक्षक जी.एस. राव की अगुवाई में एसआईटी जांच बिठाई थी।

नाथ की अगुवाई में एसआईटी ने टीएसआर की दूसरी बटालियन के कमांडेंट तपन देबबर्मा समेत टीएसआर के चार कर्मियों को गिरफ्तार किया था।

फॉरम ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट(एफपीजे) के संयोजक प्रणब सरकार ने यहां मीडिया से कहा, हमने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पीएमओ के मंत्री जितेन्द्र सिंह, भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति(सेवानिवृत्त) सी.के. प्रसाद से मुलाकात की।

अनुभवी संपादक सुबल कुमार डे ने एक प्रेस वार्ता संबोधित करते हुए कहा, हम हत्यारों को सजा और पीड़ितों के परिजनों को न्याय दिलवाने के लिए सीबीआई जांच तेजी से करने की मांग करते हैं।

एफपीजे ने इस मामले में सीबीआई जांच की इजाजत देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।

--आईएएनएस

05:46 PM
 इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

बेंगलुरू, 23 जून (आईएएनएस)। सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक व अध्यक्ष नंदन एम. नीलेकणि ने शनिवार को कहा कि मौजूदा रोमांचकारी दौर में इन्फोसिस कारोबार बढ़ाने के लिए डिजिटल रणनीति पर दांव लगा रही है।

कंपनी की 37वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को नीलेकणि ने बताया, हम अपने उद्योग के सफर के रोमांचकारी मोड़ पर हैं। आज हम साझेदारी करने और अपने ग्राहकों में इजाफा करने की जितनी संभावनाएं देख रहे हैं, उतनी संभावनाएं मैंने पहले कभी नहीं देखी है। डिजिटल क्रांति से हर उद्योग व क्षेत्र में बदलाव आ रहा है और हम उसमें निमग्न होते जा रहे हैं।

नीलेकणि (63) ने 10.94 अरब डॉलर का कारोबार करने वाली प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस में आठ साल बाद दोबारा अगस्त 2017 में अपनी नई पारी की शुरुआत की। पूर्व में कंपनी के सीईओ पद से त्यागपत्र देने के बाद वह केंद्र सरकार के संगठन यूआईडीएआई के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाले थे।

बतौर कंपनी अध्यक्ष पहली बार एजीएम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया, मनोरंजन, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाएं, खुदरा और फार्माश्युटिकल हर जगह डिजिटीकरण का क्षेत्र व्यापाक बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा, नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके, इंटरनेट ऑफ थिंग्स का लाभ उठाकर ग्राहक सेवा की नई विधि तैयार करके डिजिटल प्रौद्योगिकी व्यवसाय के नये तरीके पैदा कर रही है।

उन्होंने निवेशकों से कहा, जब मैं इन्फोसिस में अगस्त 2017 में दोबारा आया तो कंपनी की स्थिरता को लेकर आप चिंतित थे। हमारा बोर्ड काफी स्थायी है और सब लोग संगठित हैं और हम प्रभावशाली दौर में हैं।

एजीएम में पिछले साल की तरह कंपनी के सह संस्थापक एन. आर.नारायणमूर्ति मौजूद नहीं थे।

--आईएएनएस

08:47 PM
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