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भारत मंगोलिया संग मिलकर बौद्ध विरासतों को संजो रहा है : सुषमा

उलानबातार, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि भारत मंगोलिया के साथ मिलकर बौद्ध धर्म के विरासतों को संजो रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रणनीतिक साझेदार से ज्यादा कहीं आध्यात्मिक साझेदार हैं।

बौद्ध धर्म के अति सम्मानित गुरु, लद्दाख के धर्मगुरु और मंगोलिया में भारत के पूर्व राजदूत कुशोक बाकुला रिनपोछे की जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सुषमा ने कहा, बौद्ध धर्म सदियों से सभ्यताओं का बड़ा संयोजक रहा है।

बाकुला रिनपोछे मंगोलिया में सबसे अधिक समय तक भारत के राजदूत रहे। उन्होंने भारत और मंगोलिया के बीच संबंधों को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विदेश मंत्री ने कहा, भले ही बौद्ध धर्म का उद्भव भारत में हुआ, लेकिन इसका प्रसार हिमालय के पार पूर्वी एशिया और सागर पार दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में हुआ।

उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म का प्रसार आखिरकार मंगोलिया के विशाल स्टेपी भूभाग में हुआ, जो दो हजार साल से इसका स्थायी निवास बना हुआ है।

सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत एक बार फिर से बुद्ध के दर्शन और शिक्षा में आस्था रखने वालों को एक साथ लाकर उनके बीच संबंधों में नवीनता ला रहा है। इस दिशा में मंगोलिया समेत पड़ोसी देशों व इतर क्षेत्र के तीर्थयात्रियों को भारत स्थित बौद्ध धर्म के तीर्थस्लों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि साझा बौद्ध परंपराओं को बौद्धिक संबंधों के सहारे पुनरुज्जीवित करने के लिए भारत ने सदियों पुराने नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुत्थान किया है।

विदेश मंत्री ने कहा, भारत ने दोनों देशों के बीच गहरी मैत्री के संकेत के तौर पर मंगोलिया स्थित गंदन बौद्ध मठ को भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि भारत बौद्ध धर्म के विद्वानों और विद्यार्थियों को आमंत्रित करना चाहता है, ताकि वे भारत आकर हमारी अमूल्य विरासत को देखें।

इससे पहले सुषमा स्वराज ने अपने मंगालियाई समकक्ष दमदिन सोगतबतार के साथ भारत-मंगोलिया संयुक्त परामदात्री समिति की छठी बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस मौके पर उन्होंने आर्थिक, ऊर्जा, रानीतिक, रणनीतिक, शैक्षणिक व सांस्कृतिक संबंधों के व्यापक मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के बाद विदेश मंत्री ने मंगोलिया के प्रधानमंत्री यू. खुर्मेल्सुख से मिलकर विकासपरक सहयोग, खनन, क्षमता निर्माण, आईटी, फिल्म और अन्य द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्र को लेकर बातचीत की।

उन्होंने मंगोलिया के मंत्री और कैबिनेट सचिवालय के प्रमुख गोंबोजाव जंदानशता, मंगोलियाई संसद स्टेट ग्रेट खुराल के अध्यक्ष एम. एंखबोल्ड के साथ बैठक की।

सुषमा स्वराज यहां मंगलवार को पहुंचीं। पिछले 42 सालों में मंगोलिया का दौरा करने वाली वह भारत की प्रथम विदेश मंत्री हैं।

--आईएएनएस

07:08 PM

अधिकतर पाकिस्तानी पार्टियां भारत के साथ बेहतर रिश्ता चाहती हैं : अय्यर

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा कि जमात ए इस्लामी को छोड़कर पाकिस्तान के राजनीतिक दल भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जुल्फिकार अली भुट्टो शासन के बाद से पड़ोसी देश की मानसिकता में बदलाव आया है।

सैयदा हमीद की भुट्टो पर लिखी पुस्तक बोर्न टू भी हैंग्ड पर सोमवार शाम को चर्चा में भाग लेने वाले अय्यर ने भुट्टो को बदला लेनेवाला शख्स करार दिया। उन्होंने कहा कि भुट्टो का एक दोषपूर्ण व्यक्तित्व था और उनकी प्रतिबद्धता केवल निजी फायदे तक सीमित थी।

भुट्टो को सेना ने सत्ता से बेदखल कर दिया था। उन्हें फांसी पर लटका दिया गया था।

अय्यर ने पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्तों की ओर कदम उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, जमात ए इस्लामी को छोड़कर पाकिस्तान के सभी दलों ने भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने का संकल्प लिया है। भुट्टो के बाद पाकिस्तान की मानसिकता बदली है और वे हमारा दोस्त बनना चाहते हैं। हम (वर्तमान) पाकिस्तान के साथ दोस्ती करने के बजाए भुट्टो वाले पाकिस्तान से लड़ रहे हैं।

सैयदा हमीद ने कहा कि साहित्य की विद्यार्थी के रूप में वह हमेशा से ही जुल्फिकार अली भुट्टो को यूनानी त्रासदी के नायक जैसा मानती रही हैं। लारकाना के जुल्फिकार और थेबेस के ओडीपस की कहानियों में भरपूर समानता है। दोनों व्यक्ति जिंदगी में एक हीरो की तरह रहे लेकिन आत्म विश्वास, अभिमान और प्रबलता जैसे गुण होने के बावजूद वह शिकार हुए। जैसा कि शायद ग्रीक कहेंगे कि उन्हें ईश्वर से शाप मिला हुआ था।

--आईएएनएस

07:21 PM

सीबीएसई के 6 लाख विद्यार्थी बुधवार को फिर से देंगे परीक्षा

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पाठ्यक्रम को दोबारा पढ़ने को लेकर परेशान और परीक्षा में पिछले प्रदर्शन जैसे या फिर उससे बेहतर करने को लेकर चिंतित देश भर में 12वीं कक्षा के करीब छह लाख विद्यार्थी बुधवार को फिर से होने वाली अर्थशास्त्र की परीक्षा में शामिल होंगे।

प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद सीबीएसई ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। देश भर के चार हजार केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।

बोर्ड ने विदेशी विद्यार्थियों को दोबारा से होने वाली परीक्षा में शामिल होने से छूट दी है। बोर्ड ने अपनी जांच में पाया कि पेपर लीक होने का प्रभाव उनके नतीजों पर नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, बुधवार को चार हजार केंद्रों पर होने वाली परीक्षा में करीब छह लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने परीक्षा कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिन्हें सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं किया जा सकता।

दूसरी बार परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों ने आईएएनएस को बताया कि वे कम तैयारी को लेकर चिंतित नहीं है, बल्कि इस बार कठिन प्रश्न-पत्र की संभावना को लेकर चिंतित हैं।

मायापुरी स्थित टैगोर सीनियर सेकंडरी स्कूल की छात्रा सृष्टि ने कहा, दोबारा से पेपर देना बड़ा तकलीफदेह है। मैंने उसी तरीके से तैयारी की, जैसे पिछली बार की थी। लेकिन कुछ कह नहीं सकते अगर उन्होंने कठिन पेपर तैयार किया हो।

इससे पहले परीक्षा 26 मार्च को हुई थी, लेकिन पेपर लीक की खबरें मीडिया में आने के बाद उसे रद्द कर 25 अप्रैल को दोबारा निर्धारित किया गया।

--आईएएनएस

05:33 PM
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 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

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