• Last Updates : 10:50 PM

इथियोपिया के प्रधानमंत्री की रैली में विस्फोट

अदीस अबाबा, 23 जून (आईएएनएस)।इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद की शनिवार को हुई रैली में विस्फोट हो गया। यहां हजारों की संख्या में भीड़ जुटी थी।

बीबीसी ने स्थानीय मीडिया के हवाले से कहा कि राजधानी मेस्कल स्क्वायर में अपने संबोधन के तुरंत बाद अहमद को सुरक्षाकर्मी दूर ले गए। किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है।

अदीस स्टैंडर्ड न्यूज वेबसाइट ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा कि यह एक मामूली सा विस्फोट था और कुछ ही लोगों को चोटें आई हैं।

हेलमरियम डेसलेग द्वारा अप्रत्याशित रूप से फरवरी में इस्तीफा देने के बाद अमहद ने प्रधानमंत्री पद की कमान संभाली।

--आईएएनएस

03:48 PM

जम्मू एवं कश्मीर : आईएस प्रमुख समेत 5 की मौत, जवान शहीद (राउंडअप)

श्रीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के कश्मीर घाटी में शुक्रवार को हिंसा की अलग-अलग वारदातों में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के प्रमुख व उसके तीन सहयोगी मारे गए और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सुरक्षाबलों के अधिकारियों ने पहली बार राज्य में आईएस की उपस्थिति की पुष्टि की।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने पुष्टि करते हुए कहा कि अनंतनाग में गोलीबारी में मारे गए चार आतंकवादियों का संबंध आतंकवादी संगठन आईएस से था।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, मारे गए आतंकवादी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट जम्मू एवं कश्मीर (आईएसजेके) से जुड़े हुए थे।

इस्लामिक स्टेट ने 2017 में अपनी वेबसाइट पर कहा था कि इसकी भारतीय शाखा अंसार गजवातुल हिंद का नेतृत्व कश्मीरी आतंकवादियों का कमांडर जाकिर मूसा कर रहा है।

बहुप्रतीक्षित सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने में महज कुछ दिन रह गए हैं। आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने खीरम गांव के एक घर में कार्रवाई शुरू की।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, जैसे ही क्षेत्र का घेराव किया गया, घर में छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी।

मारे गए आतंकवादियों की पहचान एचएमटी श्रीनगर के रहने वाले आईएसजेके प्रमुख दाऊद सलाफी उर्फ बुरहान, पुलवामा जिले के तलंगम गांव के रहने वाले मजीद मंजूर, आदिल हसन मीर और अशरफ ईटू (दोनों अनंतनाग के श्रीगुफवाड़ा के रहने वाले) के रूप में हुई है।

पुलिस ने कहा कि इस मुठभेड़ में जम्मू एवं कश्मीर विशेष अभियान समूह(एसओजी) का एक सदस्य भी शहीद हो गया, जबकि तीन अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वैद ने कहा, मारे गए आतंकवादियों के शव उस घर के अंदर देखे जा सकते हैं, जहां वे छिपे हुए थे। हम उनके शवों को बरामद कर रहे हैं।

इससे पहले, मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। झड़प में 20 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

वहीं प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच पुलवामा शहर और एचएमटी क्षेत्र में भी झड़प हो गई। मारे गए चार आतंकवादियों में से दो यहीं से हैं।

जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।

एक और घटना में, त्राल शहर में शुक्रवार को आतंकवादियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यहां आतंकवादियों ने कोर्ट रोड क्षेत्र में राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दस्ते पर ग्रेनेड फेका और फिर गोलीबारी की।

इस बीच, राज्यपाल एन.एन. वोरा ने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बालताल आधार शिविर का दौरा किया। अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू होने वाली है।

--आईएएनएस

09:41 PM

इंडोनेशिया में कट्टरपंथी इस्लामिक नेता को सजा-ए-मौत

जकार्ता, 22 जून (आईएएनएस)। इंडोनेशिया की एक अदालत ने शुक्रवार को 2016 और 2017 में हुए आतंकी हमले को अंजाम देने का दोषी करार देते हुए एक मुस्लिम धार्मिक नेता को मौत की सुजा सुनाई। इन आतंकी हमलों में दर्जनभर लोग मारे गए थे।

समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने जनवरी 2016 में हमले की योजना बनाने के लिए ओमान रॉकमैन के लिए अदातल से मौत की सजा की मांग की। जकार्ता स्थित व्यावसायिक केंद्र के पास हुए इस हमले में चार नागरिकों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

अदालत ने रॉकमैन को 2017 में जकार्ता में बस अड्डे के पास बम फोड़ने समेत दूसरे हमले को उकसाने का दोषी पाया। इस वारदात में दो आत्मघाती हमलावर समेत तीन पुलिसकर्मी मारे गए थे। वर्ष 2016 में बोर्नियो द्वीप में एक चर्च पर हमले में दो साल के एक बच्चे की मौत हो गई थी।

रॉकमैन 2015 में अस्तित्व में आए जमाह अंशारुत दौलाह (जएडी) नामक उग्रपंथी समूह के संस्थापकों में शामिल है। मई में जेएडी के सदस्यों ने देश के कई नगरों में हमले किए, जिनमें 30 लोगों की मौत हो गई और 50 लोग जख्मी हो गए।

अमेरिकी विदेश विभाग ने जनवरी 2017 में जेएडी को वैश्विक आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया।

इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश है और यहां कई आतंकी हमले हो चुके हैं, जिनमें 2002 में पर्यटक द्वीप बाली में हुए हमले में 202 लोगों की मौत हो गई थी।

--आईएएनएस

06:25 PM

आतंकवादी, नक्सली मानवधिकारों के लिए खतरा : जेटली

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि जेहादी और नक्सली नागरिकों के अधिकार पर खतरा हैं, लेकिन मानवधिकार संगठन इसपर कभी कुछ नहीं बोलते।

मंत्री ने कहा कि आम लोगों के मानवधिकारों की रक्षा के लिए आतंकवादियों से कठोरता से निपटना चाहिए।

जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा, हत्यारों के साथ निपटना कानून-व्यवस्था का मामला है। यह राजनीतिक समाधान का इंतजार नहीं करता। एक फिदायीन मरना चाहता है। वह हत्या करना भी चाहता है..जब वह किसी को मारने के लिए आगे बढ़ता है तो क्या सुरक्षा बल को उसे टेबल पर बैठने के लिए कहना चाहिए और उसके साथ बातचीत करनी चाहिए।

जेटली ने कहा, इसलिए ऐसी नीति होनी चाहिए जो आम लोगों की रक्षा करे..उन्हें आतंकवाद से मुक्त करे, उन्हें बेहतर जीवन व पर्यावरण मुहैया कराए। एक आतंकवादी जो आत्मसमर्पण करने से इंकार करता है, संघर्षविराम का उल्लंघन करता है, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी व्यक्ति के साथ किया जाता है।

उन्होंने कहा, विचारधारा के स्तर पर उग्रवाद और आतंकवाद फैलाने के लिए मुख्यत: दो समूह जिम्मेदार हैं। जिनमें जेहादी और अलगाववादी को पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित और वित्तपोषित किया जाता है। दूसरा, नक्सली मध्य भारत के कुछ जनजातीय जिलों में सक्रिय हैं। दोनों के बीच पारदर्शी समन्वय ज्यादा से ज्यादा स्पष्ट हो रहा है।

जेटली ने कहा, दोनों समूह संवैधानिक रूप से निर्वाचित सरकार को सत्ता से बाहर करना चाहते हैं। वे लोकतंत्र से घृणा करते हैं। वे लोग राजनीतिक बदलाव में प्रभाव डालने के लिए हिंसा का प्रयोग करते हैं। जिस तरह की प्रणाली के बारे में वे सोचते हैं, जहां लोकतंत्र, चुनाव, समानता, बोलने की आजादी नहीं है।

उन्होंने कहा, इसबीच, नक्सली जनजातीय क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नहीं होने देते हैं। उनसे सहमति नहीं रखने वाले निर्दोष जनजातीय लोगों की हत्या कर देते हैं। वे लोग सार्वजनिक इमारत को ध्वस्त कर देते हैं, सुरक्षाकर्मियों की हत्या करते हैं और यहां तक कि वे लोग असहाय नागरिकों से समानांतर कर वसूलते हैं।

जेटली ने मानवधिकार संगठनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग नागरिकों के मानवाधिकार हनन के बारे में कुछ नहीं बोलते और सुरक्षाबलों की जघन्य हत्या पर कभी आंसू नहीं बहाते।

--आईएएनएस

06:19 PM

पठानकोट हमले पर वृत्तचित्र

मुंबई, 22 जून (आईएएनएस)। वर्ष 2015 में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए हमले पर निर्मित वृत्तचित्र स्पेशल ऑपरेशंस इंडिया : पठानकोट से दोबारा इस परिदृश्य को लोगों के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश की जाएगी।

लगभग एक घंटे के वृत्तचित्र का निर्माण हिस्ट्री टीवी18 ने किया है और इसे 25 जून को प्रसारित किया जाएगा। इस वृत्तचित्र के अंतर्गत 2015 की नव वर्ष की संध्या पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह द्वारा पठानकोट के भारतीय वायुसेना अड्डे पर हुए हमले की वास्तविक घटना को दिखाने की कोशिश की जाएगी। आतंकवादियों का उद्देश्य रक्षा संपत्तियों का नुकसान करना और अधिक से अधिक भारतीय नागरिक को मारने का था।

यह वृत्तचित्र विशेष अभियान भारत के लिमिटेड सीरीज की तीसरी फिल्म है। इससे पहले इस सीरीज के अंतर्गत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक और म्यांमार के उग्रवादी शिविरों में भारतीय विशेष बल की कार्रवाई पर फिल्म बन चुकी है।

नेटवर्क18 के मुख्य संचालन अधिकारी अविनाश कौल ने कहा, स्पेशल ऑपरेशंस इंडिया : पठानकोट बहादुरी और बलिदान की प्रेरक सच्ची घटना को प्रदर्शित करने की हमारी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है।

इस वृत्तचित्र में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, एयर मार्शल एस.बी. देव, पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन वी. बदोनी, भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर यशु भारद्वाज, रक्षा विशेषज्ञ और लेखक नितिन गोखले व अन्य दिखेंगे। ये लोग घटना कैसे हुई, इसके बारे में जानकारी देंगे।

--आईएएनएस

05:09 PM

कश्मीर मुठभेड़ में 4 आईएस आतंकी ढेर (लीड-5)

श्रीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद शुक्रवार को अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंधित आतंकवादियों के बीच हुई पहली मुठभेड़ में आईएस के चार आतंकवादी मारे गए।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने ट्वीट किया, मारे गए आतंकवादी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट जम्मू एवं कश्मीर (आईएसजेके) से जुड़े हुए थे।

कश्मीर में आईएस आतंकवादियों के मारे जाने की यह पहली आधिकारिक पुष्टि है।

इस्लामिक स्टेट ने 2017 में अपनी वेबसाइट पर कहा था कि इसकी भारतीय शाखा अंसार गजवातुल हिंद का नेतृत्व कश्मीरी आतंकवादियों का कमांडर जाकिर मूसा कर रहा है।

मारे गए आतंकवादियों की पहचान एचएमटी श्रीनगर के रहने वाले आईएसजेके प्रमुख दाऊद सलाफी उर्फ बुरहान, पुलवामा जिले के तलंगम गांव के रहने वाले मजीद मंजूर, आदिल हसन मीर और अशरफ ईटू (दोनों अनंतनाग के श्रीगुफवाड़ा के रहने वाले) के रूप में हुई है।

खीरम गांव के एक घर में चार आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया।

बहुप्रतीक्षित सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने में महज कुछ दिन रह गए हैं। आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने गांव की घेरेबंदी कर दी।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, घेरेबंदी कड़ी होने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।

वैद ने कहा, मारे गए आतकंवादियों के शव उस घर के अंदर देखे जा सकते हैं, जहां वे छिपे हुए थे। हम उनके शवों को बरामद कर रहे हैं।

पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ के दौरान राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया, जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया।

जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।

--आईएएनएस

04:55 PM

भाजपा ने आजाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की उस टिप्पणी को लेकर उन पर हमला बोला और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारतीय सेना राज्य में आतंकवादियों की तुलना में नागरिकों की अधिक हत्या कर रही है।

भाजपा ने कहा कि आजाद का बयान गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक और बेहद अफसोसजनक है। भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहा कि वे आजाद के खिलाफ क्या कार्रवाई करने जा रहे हैं।

भाजपा ने कहा कि यह चकित करने वाला है कि यह बयान जम्मू एवं कश्मीर का मुख्यमंत्री रह चुके और राज्य में पाकिस्तानी आतंकवाद के क्रूर चेहरे का सामना कर चुके व्यक्ति की तरफ से आया है।

भाजपा के रविशंकर प्रसाद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के प्रति वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की नफरत इस हद तक पहुंच गई है, जहां वे सशस्त्र बलों के साहस और सम्मान से भी समझौता करने लगे हैं।

उन्होंने कहा, मैं इस (कार्रवाई) के बारे में पूछ रहा हूं, क्योंकि कांग्रेस के आजाद ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर में बल स्थानीय लोगों को ज्यादा मार रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, आजाद का बयान गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक और बेहद अफसोसजनक है। आज पाकिस्तान का समर्थन करने वाले लोग ज्यादा खुश होंगे।

आजाद के बयान के बाद लश्कर-ए-तैयबा संगठन ने एक बयान जारी कर कहा, हमारी भी गुलाम नबी आजाद व दूसरों जैसी ही समान राय है।

उन्होंने कहा, आज कांग्रेस के नेता जो कह रहे हैं उसका समर्थन एलईटी कर रही है। यह किस प्रकार की राजनीति है। कांग्रेस देश को तोड़ने की कोशिश करने वालों के साथ खड़ी है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा जिम्मेदारी लेती है, क्योंकि इसने कांग्रेस पर उसके राष्ट्र विरोधी रुख होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के आशीर्वाद व राहुल की अगुवाई वाली आज की कांग्रेस को आतंकवादियों और उनके संरक्षकों के साथ समन्वय व व्यवहार के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रसाद ने कहा, उनके कहने के क्या मायने हैं? वह क्या संकेत दे रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि हम सभी देश के लिए जीते हैं, जबकि सिर्फ, पुलिस, अर्धसैनिक बल व सशस्त्र बल देश के लिए कुर्बानी देते हैं।

जम्मू एवं कश्मीर में 2012 व 2018 के बीच सशस्त्र बलों द्वारा मारे गए आतंकवादियों का आंकड़ा देते हुए प्रसाद ने कहा कि 2012 में 72 आतंकवादी राज्य में मारे गए, जबकि 2013 में 67 आतंकवादी मारे गए।

उन्होंने कहा, साल 2014 में जब हमारी सरकार आई तो 110 आतंकवादी मारे गए, 2015 में 108 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए, 2016 में 150 आतंकवादी व 2017 में 217 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए और इस साल मई तक राज्य में 75 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं।

उन्होंने कहा, आजाद जी यह आपकी सरकार और हमारी सरकार की कहानी है। आप कह रहे हैं कि सशस्त्र बल आतंकवादियों से ज्यादा स्थानीय लोगों को मार रहे हैं।

--आईएएनएस

03:54 PM

कश्मीर मुठभेड़ में आईएस के 4 आतंकी ढेर (लीड-4)

श्रीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद शुक्रवार को अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंधित आतंकवादियों के बीच हुई पहली मुठभेड़ में आईएस के चार आतंकवादी मारे गए।

पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने यह जानकारी दी।

कश्मीर में आईएस आतंकवादियों के मारे जाने की यह पहली आधिकारिक पुष्टि है।

पुलिस प्रमुख ने ट्वीट कर कहा, मारे गए आतंकवादी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट जम्मू एवं कश्मीर (आईएसजेके) से जुड़े हुए थे।

इस्लामिक स्टेट ने 2017 में अपनी वेबसाइट पर कहा था कि इसकी भारतीय शाखा अंसार गजवातुल हिंद का नेतृत्व कश्मीरी आतंकवादियों का कमांडर जाकिर मूसा कर रहा है।

खिरम गांव के एक घर में चार आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया।

बहुप्रतीक्षित सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने में महज कुछ दिन ही रह गए हैं। आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने गांव की घेरेबंदी कर दी।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, घेरेबंदी कड़ी होने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।

वैद ने कहा,मारे गए आतकंवादियों के शव उस घर के अंदर देखे जा सकते हैं, जहां वे छिपे हुए थे। हम उनके शवों को बरामद कर रहे हैं।

पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मारे गए चार आतंकवादियों में से एक की पहचान पुलवामा जिले के तलंगम गांव के निवासी मजीद मंजूर के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य की पहचान श्रीनगर के एचएमटी इलाके के निवासी के रूप में हुई है। दो आतंकवादियों की शिनाख्त होनी अभी बाकी है।

मुठभेड़ में आतंकवादियों के अलावा एक नागरिक भी मारा गया, जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया।

मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया।

जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।

--आईएएनएस

03:06 PM

जम्मू एवं कश्मीर मुठभेड़ में आईएस के 3 आतंकवादी ढेर (लीड-3)

श्रीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में शुक्रवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के तीन आतंकवादी मारे गए।

पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने यह जानकारी दी।

कश्मीर में आईएस आतंकवादियों के मारे जाने की यह पहली आधिकारिक पुष्टि है।

डीजीपी ने कहा कि श्रीगुफवाड़ा क्षेत्र के खिरम गांव में हुई मुठभेड़ में आंतकवादी मारे गए।

वैद ने कहा,मारे गए आतकंवादियों के शव उस घर के अंदर देखे जा सकते हैं, जहां वे छिपे हुए थे। हम उनके शवों को बरामद रहे हैं।

उन्होंने कहा, मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल शहीद हो गया, जबकि एक नागरिक भी मारा गया।

पुलिस प्रमुख ने ट्वीट कर कहा, मारे गए आतंकवादी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट जम्मू एवं कश्मीर (आईएसजेके) से जुड़े हुए थे।

इस्लामिक स्टेट ने 2017 में अपनी वेबसाइट पर कहा था कि इसकी भारतीय शाखा अंसर गजवतुल हिंद का नेतृत्व कश्मीरी आतंकवादियों का कमांडर जाकिर मूसा कर रहा है।

मुठभेड़ में आतंकवादियों के अलावा एक नागरिक भी मारा गया, जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि मारे गए नागरिक की पहचान मुहम्मद यूसुफ के रूप में हुई है। आतंकवादी जिस घर में छिपे हुए थे, वह उस घर का मालिक था। श्रीगुफवाड़ा इलाके के खिरम गांव में मुठभेड़ जारी है।

पुलिस ने कहा, मुठभेड़ के दौरान मारे गए मकान मालिक की पत्नी हाफिजा भी गोली लगने से घायल हुई हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ के दौरान राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया, जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, घेराबंदी कड़ी होने पर आतंकवादियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है।

मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव करना शुरू कर दिया।

जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है।

--आईएएनएस

01:07 PM

जम्मू एवं कश्मीर मुठभेड़ में पुलिसकर्मी शहीद, 2 आतंकवादी ढेर (लीड-2)

श्रीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में शुक्रवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच जारी मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए। इसके साथ ही एक नागकि की मौत हो गई और एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि मारे गए नागरिक की पहचान मुहम्मद यूसुफ के रूप में हुई है। आतंकवादी जिस घर में छिपे हुए थे, वह उस घर का मालिक था। श्रीगुफवाड़ा इलाके के खिरम गांव में मुठभेड़ जारी है।

पुलिस ने कहा, मुठभेड़ के दौरान मारे गए मकान मालिक की पत्नी हाफिजा भी गोली लगने से घायल हुई हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ के दौरान राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया, जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, घेराबंदी कड़ी होने पर आतंकवादियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है।

मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव करना शुरू कर दिया।

जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है।

--आईएएनएस

11:16 AM
 इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

बेंगलुरू, 23 जून (आईएएनएस)। सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक व अध्यक्ष नंदन एम. नीलेकणि ने शनिवार को कहा कि मौजूदा रोमांचकारी दौर में इन्फोसिस कारोबार बढ़ाने के लिए डिजिटल रणनीति पर दांव लगा रही है।

कंपनी की 37वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को नीलेकणि ने बताया, हम अपने उद्योग के सफर के रोमांचकारी मोड़ पर हैं। आज हम साझेदारी करने और अपने ग्राहकों में इजाफा करने की जितनी संभावनाएं देख रहे हैं, उतनी संभावनाएं मैंने पहले कभी नहीं देखी है। डिजिटल क्रांति से हर उद्योग व क्षेत्र में बदलाव आ रहा है और हम उसमें निमग्न होते जा रहे हैं।

नीलेकणि (63) ने 10.94 अरब डॉलर का कारोबार करने वाली प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस में आठ साल बाद दोबारा अगस्त 2017 में अपनी नई पारी की शुरुआत की। पूर्व में कंपनी के सीईओ पद से त्यागपत्र देने के बाद वह केंद्र सरकार के संगठन यूआईडीएआई के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाले थे।

बतौर कंपनी अध्यक्ष पहली बार एजीएम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया, मनोरंजन, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाएं, खुदरा और फार्माश्युटिकल हर जगह डिजिटीकरण का क्षेत्र व्यापाक बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा, नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके, इंटरनेट ऑफ थिंग्स का लाभ उठाकर ग्राहक सेवा की नई विधि तैयार करके डिजिटल प्रौद्योगिकी व्यवसाय के नये तरीके पैदा कर रही है।

उन्होंने निवेशकों से कहा, जब मैं इन्फोसिस में अगस्त 2017 में दोबारा आया तो कंपनी की स्थिरता को लेकर आप चिंतित थे। हमारा बोर्ड काफी स्थायी है और सब लोग संगठित हैं और हम प्रभावशाली दौर में हैं।

एजीएम में पिछले साल की तरह कंपनी के सह संस्थापक एन. आर.नारायणमूर्ति मौजूद नहीं थे।

--आईएएनएस

08:47 PM
Stock Exchange
Live Cricket Score

Create Account



Log In Your Account