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आईएस यूरोप की ओर विस्थापन को बढ़ावा दे रहा : संयुक्त राष्ट्र

ब्रसेल्स, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख ने कहा कि सीरिया छोड़ रहे इस्लामिक स्टेट (आईएस) का कमांडर अफ्रीका में कट्टरवादी समूहों के साथ मिलकर यूरोप जाने के लिए विसथापन की नई लहर को बढ़ावा देने की साजिश रच रहा है।

गार्डियन की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कैरोलिना के पूर्व रिपब्लिकन गवर्नर डेविड बेस्ले ने कहा कि यूरोप को अफ्रीक के साहेल क्षेत्र के चरमपंथियों की रणनीति के प्रति सर्तक रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सीरिया से जबरन निकाले गए लोग स्थानीय आतंकवादी समूह दोनों साथ मिलकर खाद्य संकट को भर्ती के औजार के रूप में इस्तेमाल कर लाखों अफ्रीकियों को यूरोप की तरफ धकेल रहे हैं।

बेस्ले ने गार्डियन से कहा, आप सालों पहले जो हुआ उसी तरह के, बल्कि उससे ज्यादा आईएसआईएस व चरमपंथी समूहों के घुसपैठ प्रवासन का सामना करने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, जो हमारे यहां आ रहे हैं, वे यूरोप में प्रवासन के लिए चरमपंथी समूहों जैसे बोको हराम व अल कायदा के साथ साझेदारी कर रहे हैं, जहां वे घुसपैठ और अराजकता फैला सकते हैं।

--आईएएनएस

07:57 PM

कश्मीर : सीआरपीएफ के गश्ती दल पर आतंकवादी हमला, नागरिक की मौत

श्रीनगर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में गुरुवार को सीआरपीएफ गश्ती दल पर आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक नागरिक के गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कार में सवार आतंकवादियों ने अनंतनाग में श्रीनगर-पहलगाम रोड पर लाजीबल इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के गश्ती दल पर गोलीबारी की। इस गोलीबारी में शफीक शब्बीर नाम का एक व्यक्ति घायल हो गया।

अधिकारी ने कहा, घायल नागरिक को विशेष इलाज के लिए श्रीनगर ले जाया जा रहा था, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने से उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।

अधिकारी ने कहा, आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाशी शुरू की गई है।

--आईएएनएस

06:51 PM

अफगानिस्तान : सेना की कार्रवाई में 24 तालिबान आतंकी ढेर

काबुल, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत में गुरुवार को सैन्य बलों की कार्रवाई में आतंकवादी संगठन तालिबान के कम से कम 24 आतंकवादी मारे गए और 36 घायल हो गए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सेना के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया, सरकारी बलों ने गुरुवार तड़के 1.30 बजे तालिबान के ठिकानों पर जमीनी और हवाई हमले किए।

तालिबान ने बुधवार को अपने कथित वसंत अभियान की शुरुआत की थी जिसके बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में अफगान बलों के साथ उनका संघर्ष जारी है।

--आईएएनएस

02:59 PM

त्राल मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों में एक जेईएम का कमांडर था

जम्मू, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि मंगलवार को त्राल के वनक्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारे गए चार आतंकवादियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का कमांडर था।

राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वेद ने कहा, त्राल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुरू की गई संयुक्त कार्यवाही में मारे गए आतंकवादियों में जेईएम के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती यासीर भी थे।

गौरतलब है कि आठ घंटे चली मुठभेड़ में जेईएम के चार आतंकवादी, एक जवान और राज्य पुलिस का एक हवलदार भी मारा गया।

डीजीपी ने मारे गए आतंकवादी की तस्वीर ट्विटर पर अपलोड की, जिसमें वह जेईएम के संस्थापक मसूद अजहर के साथ खड़ा है।

यह तस्वीर मीडिया ने कुछ सालों पहले पाकिस्तान में ली थी।

अजहर को 1999 में जम्मू जिले की कोटबलवाल जेल से रिहा कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था, जहां उसे इंडियन एयरलाइंस की उड़ान संख्या आईसी814 के बंधक बनाए गए 158 यात्रियों के बदले छोड़ दिया गया था।

मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य आतंकवादियों में शेख उमर और मुस्ताक अहमद जरगर भी थे, उन्हें भी यात्रियों को बंधक बनाए जाने के बदले छोड़ दिया गया था।

--आईएएनएस

01:05 PM

आतंकवादियो ने पुलिस सुरक्षाचौकी पर हमला कर हथियार लूटे

श्रीनगर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीनगर के बाहरी इलाके में सशस्त्र पुलिस सुरक्षाचौकी पर आतंकवादियों ने हमला कर पुलिसकर्मियों के हथियार लूट लिए।

पुलिस का कहना है कि आतंकवादियों ने बुधवार देर रात गोरीपोरा शहर की पुलिस सुरक्षाचौकी पर हमला किया।

पुलिस का कहना है कि आतंकवादी चार सर्विस राइफल लेकर भाग खड़े हुए। उनकी तलाश जारी है।

--आईएएनएस

08:53 AM

महाराष्ट्र में मारे गए नक्सलियों की संख्या 38 हुई

गढ़चिरौली (महाराष्ट्र), 25 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के कसनासुर के जंगलों में चार दिनों के बाद एक अन्य महिला नक्सली का शव पाया गया है। महिला की रविवार को सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियान में गोली लगने से मौत हो गई थी। इस तरह अभियान में मृत नक्सलियों की संख्या 38 पहुंच गई है।

सुरक्षा अधिकारियों ने संदेह जताया है कि उसने शायद कमांडों द्वारा की गई गोलीबारी से बचने की कोशिश की हो, या गोलीबारी में उसके चोटिल होने के बाद मरने से पहले साथियों ने उसे कुछ दूरी तक खींचकर ले जाने की कोशिश की हो, या उसके साथी उसे छोड़कर भाग गए हों।

गढ़चिरौली में रविवार शाम व सोमवार शाम को चलाए गए दोहरे अभियान में 20 महिलाएं व 18 पुरुष नक्सली मारे गए। गढ़चिरौली को देश में सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है।

प्रौद्योगिकी और गैजेट के जरिए तलाशी के प्रयास लगातार जारी हैं और इंद्रावती नदी में भी खोजी अभियान चल रहे है, जहां से सोमवार-मंगलवार को 15 नक्सलियों के गोलियों से छलनी शव बरामद किए गए।

इस सफल अभियान को सुरक्षा बलों को चार दर्जन नक्सलियों की जंगल में प्रस्तावित बैठक के बारे में सटीक गुप्त सूचना के मिलने के बाद रविवार शाम को अंजाम दिया गया। सुरक्षा बल नक्सलियों के एकदम सटीक स्थान पर पहुंच गए और उन्हें निशाना बनाया।

हालांकि, इस बैठक को लेकर विवादित रपटें भी आ रही हैं, जिसमें विवाह समारोह या किसी प्रमुख आक्रमण की योजना बनाने की बात शामिल है, लेकिन अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।

यह बीते 38 सालों में सबसे बड़ा नक्सल रोधी अभियान है।

इस अभियान में मारे गए प्रमुख नक्सली नेताओं में दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख श्रीकांत उर्फ रवतु विजेंद्र (50), इसके अलावा अहेरी, गट्टा व परमिली दलम (नक्सलवादी लड़ाकों की इकाइयां) के कमांडर मारे गए हैं। इसमें एक महिला प्रमुख, एक उपकमांडर व विभिन्न समूहों के प्रमुख सदस्य शामिल थे।

--आईएएनएस

09:38 PM

तालिबान ने अफगान सरकार का वार्ता प्रस्ताव ठुकराया

काबुल, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। तालिबान ने बुधवार को अफगानिस्तान सरकार के वार्ता प्रस्ताव को ठुकरा दिया और इसे धोखा देने और षड्यंत्र रचने का प्रयास बताया। इसके साथ ही तालिबान ने नए वसंत हमले की घोषणा की।

खामा प्रेस की रपट के अनुसार, आतंकवादी समूह ने एक बयान में कहा कि ताजा हमले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अगस्त में घोषित नए रणनीति की प्रतिक्रिया में हैं, जिसके तहत अफगानिस्तान में हजारों विदेशी सैनिकों की तैनाती करने का प्रस्ताव है।

तालिबान ने कहा, ऑपरेशन अल-खंदक पूरे देश में बुधवार से शुरू होगा, जिसके अंतर्गत हमलोग अफगान और विदेशी ताकतों खासकर अमेरिकी आक्रांताओं और उनके खुफिया एजेंटों को निशाना बनाकर हमले जारी रखेंगे।

तालिबान ने अफगानिस्तान के नागरिकों के साथ अफगानी सैनिकों और दस्तों को भी विदेशी परिसरों से दूर रहने के लिए कहा।

तालिबान ने 28 फरवरी को सरकार द्वारा शुरू की गई पहल पर भी निशाना साधा, जिसमें राष्ट्रपति गनी ने बिना पूर्व शर्त और साथ में राजनीतिक मान्यता देने, पासपोर्ट जारी करने, उनके परिजनों का स्थानांतरण और कैदियों की रिहाई के साथ शांति वार्ता की पेशकश की थी।

यह तालिबान के लिए अबतक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रस्ताव था। आतंकवादी समूह ने अफगानिस्तान सरकार की पहल को विदेशी अधिकारियों द्वारा अफगानिस्तान के मौजूदा प्रतिरोध को हतोत्साहित करने, कुचलने और अंतत: शांत करने का षड़यंत्र बताया।

इस वर्ष जनवरी में अमेरिका के साथ वार्ता की पेशकश कर चुके आतंकवादी संगठन ने वाशिंगटन पर युद्ध समाप्त करने के लिए गंभीर या ईमानदार मंशा नहीं अपनाने का आरोप लगाया।

तालिबान ने कहा, वे लोग अफगानिस्तान और पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में धकेल कर इसे तेज और लंबा खींचना चाहते हैं, ताकि वे यहां अपने हस्तक्षेप और प्रभावित करने के मौके को सुनिश्चित कर सके।

--आईएएनएस

05:50 PM

भारत, मंगोलिया व्यापार बढ़ाने, आतंकवाद से मिलकर मुकाबला करने पर सहमत (लीड-1)

उलानबातार, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को अपने मंगोलियाई समकक्ष दमदिन सोगतबातर के साथ आतंकवाद पर चर्चा की और दोनों नेताओं ने आतंकी समूह बनाने और उनका समर्थन करने वालों से मिलकर मुकाबला करने पर सहमति जताई।

सुषमा चीन का अपना दौरा पूरा करने के बाद मंगलवार को मंगोलिया की राजधानी पहुंचीं। सुषमा ने देश के व्यापारिक समुदाय को भारत के विकास से आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।

उन्होंने भारत-मंगोलिया संयुक्त परामर्श समिति (आईएमजेसीसी) के छठे संस्करण की सह-अध्यक्षता की, जिसमें आर्थिक, ऊर्जा, राजनीतिक, रणनीतिक, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

सुषमा 42 सालों में मंगोलिया का दौरा करने वाली भारत की पहली विदेश मंत्री हैं।

नरेंद्र मोदी 2015 में इस एशियाई देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। उनके दौरे से चीन की व्याकुलता बढ़ गई थी।

सोगतबातर के साथ बातचीच के बाद सुषमा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, हमने विशेष रूप से आतंकवाद और मानवता को प्रभावित करने वाली वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर हम सहमत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत मंगोलिया को पूर्वी एशिया में स्थिरता के एक कारक के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि देश का सामाजिक और आर्थिक विकास क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए जरूरी है।

भारत वर्तमान में मंगोलिया को उसकी पहली तेल रिफाइनरी के निर्माण में एक अरब डॉलर की मदद कर रहा है, ताकि उसकी निर्भरता पड़ोसी देशों पर कम हो सके।

सुषमा ने कहा, हमने मंगोलियाई सरकार द्वारा चयनित तेल रिफाइनरी परियोजना समेत हमारी चल रही सहयोगी परियोजनाओं की समीक्षा की है। तेल रिफाइनरी के लिए भारत ने सरकार को एक अरब डॉलर का समर्थन दिया हुआ है।

उन्होंने कहा, हमने हमारे अधिकारियों को इन परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए प्रत्येक पक्ष के नियामक कदम उठाने का निर्देश दिया है। हमारे मजबूत राजनीतिक संबंधों को व्यापार, अर्थव्यवस्था और निवेश के अनुरूप स्तरों द्वारा पूरा किया जाना चाहिए।

सुषमा ने कहा कि भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। अपने विशाल प्राकृतिक संसाधनों और विकास की मजबूत अकांक्षा के साथ मंगोलिया भारत की विकास की कहानी में एक अहम साझेदार हो सकता है।

सुषमा ने कहा, विदेश मंत्री सोगतबातर और मैं हमारे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने और समान हितों के सभी क्षेत्रों में सहयोग के नए क्षेत्रों को पहचानने के लिए संभावित तरीकों को तलाशने पर सहमत हुए हैं। हमने आईटी, आधारभूत संरचना विकास, ऊर्जा और सेवा जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।

उन्होंने कहा, मैंने मंगोलियाई व्यापारी समुदाय से भारत के बढ़ते विकास के आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया है।

बुधवार को हुई बैठक में दोनों देश व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों से लोगों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए संस्थागत और ता*++++++++++++++++++++++++++++र्*क बाधाएं दूर करने पर सहमत हुए हैं।

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, मैंने विदेश मंत्री सोगतबातर को मंगोलिया के लोगों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इन कार्यक्रमों में उन्हें अंग्रेजी भाषा और आईटी में प्रशिक्षण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आईटी, आधारभूत सरंचना, ऊर्जा और सेवा समेत सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की है।

उन्होंने कहा, हम मंगोलिया के विद्यार्थियों को भारतीय कला, संगीत और संस्कृति में अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जो हमारे सांस्कृतिक रिश्ते को बढ़ावा देगा।

सुषमा स्वराज ने मंगोलियाई विद्यार्थियों को भारत की यात्रा करने और बौद्ध अध्ययन क्षेत्र में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

--आईएएनएस

--आईएएनएस

05:26 PM

भारत, मंगोलिया व्यापार बढ़ाने, आतंकवाद से मिलकर मुकाबला करने पर सहमत

उलानबातार, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को अपने मंगोलियाई समकक्ष दमदिन सोगतबातर के साथ आतंकवाद पर चर्चा की और दोनों नेताओं ने आतंकी समूह बनाने और उनका समर्थन करने वालों से मिलकर मुकाबला करने पर सहमति जताई।

सुषमा चीन का अपना दौरा पूरा करने के बाद मंगलवार को मंगोलिया की राजधानी पहुंचीं। सुषमा ने देश के व्यापारिक समुदाय को भारत के विकास से आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।

वह यहां भारत-मंगोलिया संयुक्त परामर्श समिति (आईएमजेसीसी) के छठे संस्करण की सह-अध्यक्षता करेंगी, जिसमें आर्थिक, ऊर्जा, राजनीतिक, रणनीतिक, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।

सुषमा 42 सालों में मंगोलिया का दौरा करने वाली भारत की पहली विदेश मंत्री हैं।

नरेंद्र मोदी 2015 में इस एशियाई देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। उनके दौरे से चीन की व्याकुलता बढ़ गई थी।

सोगतबातर के साथ बातचीच के बाद सुषमा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, हमने विशेष रूप से आतंकवाद और मानवता को प्रभावित करने वाली वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर हम सहमत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत मंगोलिया को पूर्वी एशिया में स्थिरता के एक कारक के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि देश का सामाजिक और आर्थिक विकास क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए जरूरी है।

भारत वर्तमान में मंगोलिया को उसकी पहली तेल रिफाइनरी के निर्माण में एक अरब डॉलर की मदद कर रहा है, ताकि उसकी निर्भरता पड़ोसी देशों पर कम हो सके।

सुषमा ने कहा कि उन्होंने तेल रिफाइनरी परियोजना और जारी अन्य परियोजनाओं की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा, भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। अपने विशाल प्राकृतिक संसाधनों और विकास की मजबूत अकांक्षा के साथ मंगोलिया भारत की विकास की कहानी में एक अहम साझेदार हो सकता है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आईटी, आधारभूत संरचना, ऊर्जा और सेवा समेत नए क्षेत्रों में सहयोग की पहचान की है।

दोनों देश व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत और ता*++++++++++++++++++++++++++++र्*क बाधाएं दूर करने पर सहमत हुए हैं।

उन्होंने भारत का दौरा करने वाले और बौद्ध अध्ययन क्षेत्र में शामिल होने वाले मंगोलियाई विद्यार्थियों को नई छात्रवृत्ति देने की घोषणा की।

--आईएएनएस

03:26 PM

एससीओ बैठक : आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का सीतारमण का आह्वान (लीड-1)

बीजिंग, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों से आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में सीतारमण ने यहां कहा कि आतंकवाद विकास की आकांक्षाओं को पटरी से उतारता है और देश व इसकी सीमा से बाहर लगातार अस्थिरता पैदा करता है।

उन्होंने सदस्य देशों से इस पर नजदीक से समन्वय बनाने का आह्वान किया। भारत एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहली बार भाग ले रहा है।

एससीओ एक यूरेशियाई अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका गठन 2001 में शंघाई में कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस व उज्बेकिस्तान द्वारा किया गया था।

भारत के साथ पाकिस्तान को बीते साल जून में कजाकिस्तान के अस्ताना में एससीओ शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्यता का दर्जा प्रदान किया गया था।

अपने भाषण में सीतारमण ने तर्क दिया कि राजनीतिक सुविधा के लिए आतंकवादी समूहों या संगठनों की अनुपस्थिति का तर्क ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं होगा, चाहे यह आतंकवादी समूह या संगठन आतंकवाद का समर्थन सामग्री या किसी भी तरह से करते हो।

उन्होंने कहा कि दुनिया को अब एहसास हो गया है कि कोई आतंकवादी अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचे के साथ दृढ़ता से जुड़ाव जारी रखेगा।

इस संदर्भ में उन्होंने एससीओ सदस्य देशों से स्थिर, सुरक्षित व शांतिपूर्ण अफगानिस्तान की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।

सीतारमण ने कहा, एससीओ को अफगानिस्तान में आतंकवाद के खतरे की दिशा में एक समझौते से परे दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र में शांति व समृद्धि को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा, भारत अफगानिस्तान को स्थिरता हासिल करने और देश की अर्थव्यवस्था और राजनीति के पुनर्निर्माण में सहायता के लिए कुछ भी करने को बचनबद्ध है।

इसमें क्षमता निर्माण व अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ाने में सहयोग शामिल है। ऐसा करने में भारत अफगानिस्तान सरकार की निधि संबंधी आवश्यकताओं व अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साझा उद्देश्यों के अनुसार काम करेगा।

सीतारमण ने भारत के यूरेशियाई क्षेत्र की सीमा के साथ व्यापक साझेदारी विकसित करने में भी रुचि जताई।

रक्षामंत्री ने कहा कि भारत एससीओ भागीदारों के साथ इस क्षेत्र के देशों के साथ पुराने आत्मीय संबंधों को सक्रिय व पुनर्जीवित करने का काम करेगा।

उन्होंने आर्थिक, व्यापार व सांस्कृतिक सहयोग के साथ-साथ रक्षा व सुरक्षा के आपसी लाभ के हितों पर मजबूत वार्ता व ठोस शुरुआत के साथ भविष्य की तरफ देखने बात कही।

उन्होंने कहा, भारत एससीओ ढांचे के तहत रक्षा सहयोग से जुड़े सभी मुद्दों पर खुले दिमाग के साथ व सकारात्मक दृष्टिकोण से जुड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भारत ने रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए एससीओ के रक्षा मंत्रियों के तहत विशेषज्ञ कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) तंत्र की स्थापना का निर्णय लिया है।

सीतारमण ने कहा, एससीओ ढांचे के रक्षा सहयोग के उद्देश्यों के लिए और हमारी साझा जरूरतों को अच्छे से पूरा करने के लिए ईडब्ल्यूजी तंत्र का कैसे बेहतरीन विकास किया जा सकता है, इस पर आगे चर्चा की जरूरत है।

उन्होंने कहा, भारत ने पहले ही रक्षा वचनबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए ढांचे के तहत व्यावहारिक कदम उठाए हैं। यह हमारी मंत्रिस्तरीय बैठक की पहली उपस्थिति में भी दिखाई देता है और भारतीय सेना बैंड की फैनफेयर फॉर पीस मिलिट्री टैटू पर भागीदारी में भी दिखता है।

भारतीय रक्षामंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश एससीओ के शांति मिशन व संयुक्त युद्धाभ्यास में भाग लेगा। युद्धाभ्यास इस साल के अंत में रूस में आयोजित हो रहा है।

आपसी सलाह व लाभ की साझेदारी के जरिए क्षेत्रीय परिवहन व संचार नेटवर्क में सुधार को महत्व देते हुए सीतारमण ने कहा कि इससे भौतिक व डिजिटल संपर्क का नेटवर्क बनाया जा सकता है, जो रूस के उत्तरी क्षेत्र से हिंद महासागर के तट तक फैला हो सकता है।

उन्होंने इस दिशा में अंतर्राष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारे को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

हालांकि, उन्होंने कहा कि यह भी जरूरी है कि इस तरह की शुरुआत में सभी देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाए।

--आईएएनएस

09:20 PM
 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

11:11 PM
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