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राफेल फैसला : कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, गलती सुधारने अदालत पहुंची सरकार (राउंडअप)

नई दिल्ली, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने तथ्यात्मक गलती के जरिए सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करने और झूठ बोलने के लिए शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा, वहीं केंद्र ने फैसले में गलतियों को सुधारने के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया।

राफेल सौदे में कथित अनियमितता की जांच वाली कई याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कैग रपट पर भरोसा कर खारिज कर दिया था। इस मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कैग रपट का कोई भी हिस्सा न तो संसद में पेश किया गया और न ही यह सार्वजनिक है।

इसबीच कांग्रेस मामले के संबंध में महान्यायवादी और कैग को लोक लेखा समिति(पीएसी) के समक्ष तलब करने का दबाव बना रही है, वहीं केंद्र ने सर्वोच्च न्यायाल में याचिका दाखिल कर कहा है कि वह फैसले में गलतियों को सही करवाना चाहती है और इसके साथ ही उसने दावा किया कि गलती शायद गलत व्याख्या की वजह से हुई है।

दोनों पक्षों के बीच विवाद की मुख्य वजह फैसले का पैराग्राफ 25 है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है, विमान की कीमत की जानकारी हालांकि कैग के साथ साझा की गई और कैग रपट की जांच पीएसी ने की। रपट का केवल संपादित हिस्सा ही संसद में पेश किया गया और यह सार्वजनिक है।

लोक लेखा समिति(पीएसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह महान्यायवादी और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक(कैग) को तलब करने का दबाव बनाएंगे और उनसे पूछेंगे कि कब सीएजी की रपट पेश की गई और कब पीएसी ने उसकी जांच की।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यहां मीडिया से कहा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सही तथ्य पेश नहीं किए और अदालत में सरकार ने झूठ बोला है।

उन्होंने कहा, सरकार ने वहां दिखाया कि कैग रपट पेश की गई है और पीएसी ने उसकी जांच की है।

खड़गे ने कहा, सरकार ने अदालत में यह झूठ बोला कि कैग रपट को सदन और पीएसी में पेश किया गया है। उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि पीएसी ने इसकी जांच की है। उन्होंने दावा किया कि रपट सार्वजनिक है। यह कहां है? क्या आपने इसे देखा है? मैं पीएसी के अन्य सदस्यों के समक्ष इस मामले को ले जाने वाला हूं।

कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने यहां मीडिया को संबांधित करते हुए कहा कि शुक्रवार का फैसला तथ्यात्मक रूप से गलत था, जिसके लिए मोदी नीत केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

सिब्बल ने कहा, फैसले में तथात्मक गलती है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है, न कि अदालत। अगर आप अदालत को गलत तथ्य देंगे और उस आधार पर अदालत तथ्यात्मक दावे करती है, तो इस मामले में सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, हमें महान्यायवादी को पीएसी में तलब करना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्यों इस प्रकार के दावे अदालत के समक्ष किए गए और क्यों ऐसे हलफनामे पेश किए गए, जो सच्चाई नहीं दर्शाते हैं।

पूर्व कानून मंत्री ने कहा, अदालत के समक्ष इस तरह के गलत तथ्य पेश करने के लिए महान्यायवादी जिम्मेदार हैं। यह एक संगीन मुद्दा है और संसद में इसपर चर्चा होनी चाहिए। पीएसी महान्यायवादी को बुलाएंगे।

इस ओर ध्यान दिलाते हुए कि सर्वोच्च न्यायालय ने कीमत के मुद्दे या फिर विमान के तकनीकी पहलुओं पर फैसला नहीं सुनाया, सिब्बल ने मोदी सरकार को फैसले को खुद के लिए क्लीन चिट बताने पर निशाना साधा।

सिब्बल ने भाजपा के प्रमुख नेताओं द्वारा फैसले को मोदी सरकार के लिए क्लीन चिट बताने और कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाने वाले बयानों के संदर्भ में कहा, यह बचकानी बात है कि सरकार और भाजपा जीत का दावा कर रही है।

वहीं मामले में विपक्ष की ओर से जोरदार हमले झेल रही केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय में उपसचिव के जरिए फैसले के पैराग्राफ 25 में हुई गलती को सही करने का आग्रह किया है, जिसमें दावा किया गया है कि यह गलत व्याख्या की वजह से हुआ और फलस्वरूप सार्वजनिक रूप से विवाद पैदा हुआ।

केंद्र ने कहा कि कीमत की जानकारियों के संबंध में बयान(फैसले के पैरा 25 से) के बारे में ऐसा प्रतीत होता है कि वह भारतीय संघ द्वारा 31 अक्टूबर को अदालत के निर्देश पर कीमतों के विवरण के साथ सौंपी कई टिप्पणी पर आधारित हैं।

इसके साथ ही केंद्र ने कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से सही है कि सरकार ने कैग के साथ कीमतों के विवरण साझा किए हैं।

--आईएएनएस

10:03 PM

भूपेश बघेल हो सकते हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री (लीड-1)

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भारी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष भूपेश बघेल को संभवत: पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए चुन लिया है, और इसकी औपचारिक घोषणा रविवार को हो सकती है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में चार दावेदारों -भूपेश बघेल, टी.एस. सिंह देव, ताम्रध्वज साहू और चरण दास महंत के बीच यहां राहुल के आवास पर हुई बैठकों के बाद यह खबर बाहर आई है।

कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और छत्तीसगढ़ के पार्टी प्रभारी पी.एल. पुनिया भी बैठक में उपस्थित थे।

विश्वस्त सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व का मुद्दा सुलझ गया है और नाम की औपचारिक घोषणा रविवार को रायपुर में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में की जाएगी।

सूत्रों ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री पद के एक दावेदार साहू ने धमकी दी है कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।

सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा।

दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले बघेल अक्टूबर, 2014 से पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं।

पुनिया ने कहा कि रविवार को दोपहर 12 बजे नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक होगी और उसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी।

इसके पहले राहुल ने मुख्यमंत्री पद के चारों दावेदारों के साथ अपना एक चित्र साझा करते हुए अमेरिकी इंटरनेट उद्यम रीड हाफमैन के कथन का उद्धरण दिया था : आपका दिमाग और आपकी रणनीति चाहे कितना ही कुशल क्यों न हो, यदि आप अकेले खेलते हैं, तो एक टीम से आप हमेशा हार जाएंगे।

राहुल ने इसके पहले मध्य प्रदेश के घोषित मुख्यमंत्री कमलनाथ और इस पद के दूसरे दावेदार ज्योतिरादित्य सिंधिया के चित्र, तथा राजस्थान के घोषित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट के चित्र भी ट्वीट किए थे। पायलट को उपमुख्यमंत्री घोषित किया गया है।

--आईएएनएस

09:38 PM

स्टरलाइट संयंत्र खोलने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी तमिलनाडु सरकार

चेन्नई, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को फिर से खोलने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी।

यहां से 360 किलोमीटर दूर सलेम में संवाददाताओं से बातचीत में पलनीस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार ने स्टरलाइट संयंत्र को बंद करने का आदेश दिया था।

पलनीस्वामी ने कहा, राज्य सरकार एनजीटी के आदेश के खिलाफ अपील करेगी।

तमिलनाडु के पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण मंत्री के.सी. करुप्पन्नन ने भी समान विचार व्यक्त किए हैं।

करुप्पन्नन ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ढृढ़ता से स्टरलाइट तांबा संयंत्र को बंद करने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय में एनजीटी के आदेश को चुनौती देगी।

इसबीच पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने कहा कि एनजीटी का फैसला अपेक्षित है और इसमें कुछ भी चौंकाने वाला नहीं है।

रामदास ने कहा कि तांबा संयंत्र को फिर से खोलने का आदेश दिखाता है कि कॉर्पोरेट प्रभुत्व जीत गया है।

रामदास के मुताबिक, राज्य सरकार की संयंत्र को बंद करने में कोई रुचि नहीं है, बल्कि संयंत्र को बंद करने का आदेश इस साल 22 मई को पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत के बाद हालात को काबू करने के लिए दिया गया था।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के तमिलनाडु राज्य सचिव आर. मुथरासन ने कहा कि एनजीटी का आदेश हैरान और निराश कर देने वाला है।

--आईएएनएस

09:08 PM

माइक्रोसॉफ्ट का सर्फेस गो प्री-ऑर्डर के लिए फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। एप्पल आईपैड प्रो और सैमसंग गैलेक्सी टैब एस4 से टक्कर लेने के मकसद से माइक्रोसॉफ्ट ने शनिवार को भारत में सबसे छोटा और किफायती सर्फेस गो उपकरण पेश किया, जिसकी शुरुआती कीमत 38,599 रुपये रखी गई है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, वजन में मात्र 1.15 पाउंड का और 8.3 मिमी पतला, यह 10.इंच का टू इन वन डिवाइस फ्लिपकार्ट के साथ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है।

4जीबी रैम व 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज वाले सर्फेस गो की कीमत 38,599 रुपये जबकि 8जीबी रैम व 128जीबी वाले संस्करण की कीमत 50,999 रुपये रखी गई है।

सर्फेस गो टाइप कवर (ब्लैक) के लिए अतिरिक्त 8,699 रुपये और सिग्नेचर टाइप कवर (रंगीन) के लिए 11,799 रुपये चुकाने होंगे।

माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल की शुरुआत में सर्फेस गो को वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया था।

एक कार्यकुशल 2इन1 उपकरण, जो दबाव की संवेदनशीलता के 4,096 के स्तर के साथ सर्फेस पेन1 से लिखना सक्षम बनाता है।

7वें जनरेशन इंटेल पेंटियम गोल्ड प्रोसेसर 4415वाई द्वारा संचालित, सर्फेस गो गोरिल्ला ग्लास से सुरक्षित है और इसमें नौ घंटे तक चलने वाली बैटरी है।

सर्फेस गो में ग्राहकों की जरूरत के अनुसार पोर्ट्स भी दिये गए हैं, जिसमें चार्जिग और डॉकिंग करने के लिए सर्फेसकनेक्टय डेटा, वीडियो और चार्जिग के लिए यूएसबी- सी 3.1, एक हेडफोन जैक और स्टोरेज को बढ़ाने के लिए एक माइक्रोएसडी कार्ड रीडर शामिल है।

जिन उपयोगकर्ताओं को वीडियो कॉल के माध्यम से कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है, उनके लिए सर्फेस गो में 5 मेगापिक्सल एचडी कैमरा और रीयर ऑटो फोकस 8.0.मेगापिक्सल एचडी कैमरा है। जिसके साथ-साथ दो माइक्रोफोन भी दिए गए हैं।

--आईएएनएस

09:08 PM

कर्नाटक फूड पॉयजनिंग मामले में मृतकों की संख्या 13 हुई

बेंगलुरू, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। कर्नाटक के चामराजनगर जिले में एक गांव के मंदिर में शुक्रवार को संदिग्ध फुड पॉयजनिंग की घटना में मृतकों की संख्या शनिवार को बढ़कर आठ से 13 हो गई। इस बीच पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वरा ने ट्वीट किया, चामराजनगर जिले के हानुर तालुका में सुलावादी के मारम्मा मंदिर में घटी त्रासदीपूर्ण घटना में अभी तक 13 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। परमेश्वरा के पास गृह विभाग भी है।

मिलावटी भोजन खाने के बाद बीमार हुए लगभग 65 लोगों का जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

परमेश्वरा ने कहा, मैंने मुजाराई विभाग को सतर्क रहने और राज्य के किसी भी मंदिर में इस तरह की घटनाओं से बचने का निर्देश दिया है।

मंदिर की देवी मारम्मा को हिंदू देवी दुर्गा का एक अवतार माना जाता है और कोई काम या कार्यक्रम शुरू करने से पूर्व उनका आशीर्वाद लेने के लिए उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने अस्पताल में इलाजरत बीमार श्रद्धालुओं का सरकार की तरफ से दवा का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। कुमारस्वामी ने प्रत्येक मृतक के परिजन के लिए पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।

कुमारस्वामी ने शुक्रवार रात एक बयान में कहा था, मैंने पुलिस सहित जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि घटना की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने प्रत्येक मृतक के परिजन के लिए पार्टी कोष से एक लाख रुपये देने की घोषणा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी मैसूर में अस्पतालों में जाकर बीमार श्रद्धालुओं का हालचाल लिया।

सिद्धारमैया ने बाद में संवाददाताओं से कहा, मैंने मंदिर के प्रसाद में जहर मिलाए जाने के बारे में कभी नहीं सुना। इस तरह की घटना कल्पना से परे है। मैं इस त्रासदी से चकित हूं। यह एक अत्यंत अमानवीय कार्रवाई है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

--आईएएनएस

08:44 PM

एनजीटी वेदांता के स्टरलाइट प्लांट पर मेहरबान

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शनिवार को तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को स्थायी रूप से बंद करने के तमिलनाडु सरकार के आदेश को निरस्त करते हुए इसे फिर से खोलने की अनुमति दे दी है। एनजीटी ने राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीन हफ्ते के भीतर कॉपर प्लांट की सहमति के नवीकरण को इजाजत देने के लिए नया आदेश जारी करने का निर्देश दिया।

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) को खतरनाक तत्वों के निपटान के लिए सहमति और अधिकृत करने के लिए ताजा आदेश देने का निर्देश देते हुए न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली एनजीटी की अध्यक्ष पीठ ने कहा कि वेदांता अपने संचालन के लिए बिजली की बहाली का हकदार होगा।

बोर्ड को शनिवार से तीन सप्ताह के भीतर आवश्यक नवीकरण आदेश जारी करने का निर्देश देते हुए हरित अधिकरण ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण इकाई द्वारा संयंत्र को सील करने के आदेश को निरस्त कर दिया।

अधिकरण ने कहा कि वेदांता अपने संचालनों के लिए बिजली का इस्तेमाल कर सकता है। कंपनी को आने वाले तीन सालों में कल्याणकारी योजनाओं पर 100 करोड़ रुपये खर्च करने को कहा है। इसमें जल आपूर्ति, अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल विकास जैसी परियोजनाएं शामिल होंगी।

इसके अलावा वेदांता को एक समर्पित व इंटरएक्टिव वेबसाइट बनानी होगी, जहां हितधारक पर्यावरण से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, टीएनपीसीबी द्वारा अनिवार्य भूजल गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर सकेंगे और समिति के निष्कर्षो के प्रभावकारी पालन के लिए समयसीमा दे सकेंगे।

यह आदेश तमिलनाडु सरकार द्वारा कथित प्रदूषण पर संयंत्र को बंद करने के आदेश के कई महीने बाद आया है।

इस साल मई में तूतीकोरिन में कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई थी, जिसमें 13 लोगों की जान गई थी। घटना के तुरंत बाद ही सरकार ने प्लांट को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश दिया था।

--आईएएनएस

08:42 PM

मिजोरम के मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को विभाग बांटे

आइजोल, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण करने के कुछ ही घंटों बाद अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। उन्होंने हालांकि वित्त, लोक निर्माण विभाग और छह अन्य विभाग अपने पास रखे हैं।

मुख्य सचिव अरविंद राय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उपमुख्यमंत्री तानलुइया को सार्वजनिक स्वास्थ्य, शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन सहित चार विभाग दिए गए हैं।

आर. लालथंगलियाना को परिवार कल्याण, उच्च एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा, वाणिज्य, औद्योगिक विभाग, जबकि लालचमलियाना को गृह विभाग का जिम्मा दिया गया है।

आर. ललजिरलियाना को ऊर्जा और कला व संस्कृत और सी. ललरिंसांगा को कृषि, सिंचाई और जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

इससे पहले मिजो नेशनल फ्रंट(एमएनएफ) के प्रमुख जोरमथांगा ने शनिवार को तीसरी बार इस पूर्वोत्तर राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।

राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन ने यहां राजभवन में एक समारोह में जोरमथांगा और मंत्रिपरिषद के 11 सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

--आईएएनएस

08:40 PM

ओप्पो ने भारत में पहला आरएंडडी केंद्र हैदराबाद में खोला

हैदराबाद, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। चीन के स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो ने शनिवार को यहां अपना पहला भारतीय अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र खोला।

आरएंडडी केंद्र भारत में रोमांचक नवाचार और उन्नत प्रौद्योगिकियों को लाने में योगदान देगा। आरएंडडी विश्वस्तर पर चीनी कंपनी का चौथा केंद्र है और चीन के बाहर दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है।

ओप्पो ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में आरएंडडी को हमेशा अधिक महत्व दिया है और कंपनी भारत में इस केंद्र के माध्यम से अपनी वैश्विक स्थिति का निर्माण करने पर ध्यान दे रही है।

ओप्पो इंडिया के आरएंडडी हेड व उपाध्यक्ष तस्लीम आरिफ ने कहा, यह केंद्र हमें भावी उत्पादों में अभिनव और रोमांचक प्रौद्योगिकियों को लागू करने में मदद करेगा, जिसे हम भारत में पेश करेंगे और साथ ही इससे हमें स्मार्टफोन उपकरणों के लिए स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र बनाने में मदद मिलेगी।

ओप्पो आरएंडडी केंद्र में भारतीय उपभोक्ताओं की बेहतर समझ और उत्पादों के निर्माण में योगदान देने के लिए आईआईटी जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो सर्वोत्तम तकनीक और डिजाइन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

ओप्पो ने हाल ही में 2019 के लिए आरएंडडी स्पेस की ओर 10 अरब युआन के वैश्विक निवेश की घोषणा की है।

--आईएएनएस

08:19 PM

कश्मीर : मुठभेड़ में सैनिक, 3 आतंकी, 7 नागरिक मारे गए (राउंडअप)

श्रीनगर, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार का दिन लहूलुहान रहा। आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया और सात नागरिक मारे गए, तथा तीन आतंकवादियों को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में तीन दर्जन से अधिक नागरिक घायल हो गए।

पुलवामा जिले में शनिवार को हुई मुठभेड़ और उसके बाद संघर्षो में 11 लोग मारे गए। घाटी में यहां हाल के इतिहास में यह एक सबसे रक्तरंजित दिन रहा।

इलाके में आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और इसके बाद सिरनू गांव में मुठभेड़ शुरू हो गई।

पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए और एक जवान शहीद हो गया।

मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक जहूर अहमद ठोकर ने आतंकवाद में शामिल होने के लिए सेना छोड़ दी थी।

मुठभेड़ के तुरंत बाद, कई नागरिक प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ झड़प हो गई, जिसके कारण भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की और पेलेट्स दागे।

मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्ष के दौरान गोलीबारी में घायल हुए दो युवक आमिर अहमद और आबिद हुसैन को अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि पांच अन्य घायल प्रदर्शनकारियों -सुहैल अहमद, शाहबाज लियाकत डार, तौसेफ अहमद, मुर्तजा बशीर- की बाद में मौत हो गई।

इलाके से मिली रपटों में कहा गया है कि संघर्ष में 35 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। उनमें से तीन की हालत नाजुक है।

घाटी में नागरिकों के मारे जाने की खबर फैलते ही अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

प्रदर्शनकारियों की उत्तर कश्मीर के सोपार शहर में सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई, जहां सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

इन प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों या सुरक्षाबलों को कोई चोट नहीं आई है।

श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा में भी प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने यहां आजादी के पक्ष में और भारत विरोधी नारे लगाए।

पुलवामा जिले में नागरिकों के मारे जाने के बाद कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

प्रशासन ने पुलवामा में कर्फ्यू लगा दिया है और नागरिकों की मौत के चलते कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उच्च सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

दक्षिण कश्मीर में मोबाइल सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और जम्मू क्षेत्र में कश्मीर घाटी और बनिहाल शहर के बीच रेल सेवाएं रद्द कर दी गई हैं।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट किया, कश्मीर में एक और खूनी सप्ताहांत। छह प्रदर्शनकारी मारे गए, ड्यूटी पर तैनात एक जवान शहीद हो गया। सुबह की मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों सहित 10 लोग मारे गए। मुठभेड़ स्थल से कई लोगों के घायल होने की खबर है। क्या भयानक दिन है।

उमर ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर निशाना साधते हुए कहा, राज्यपाल मलिक के प्रशासन में केवल एक काम और सिर्फ एक काम है। जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना और घाटी में शांति बहाल करना। अफसोस की बात है कि एकमात्र यही चीज प्रशासन नहीं कर पा रहा है। प्रचार अभियान और विज्ञापन भरे पृष्ठ शांति नहीं लाते।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी दिन की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने कहा, हम अपने युवाओं के ताबूतों को कब तक कंधा देते रहेंगे? पुलवामा में आज मुठभेड़ के बाद कई नागरिक मारे गए। कोई भी देश अपने लोगों की हत्या करके युद्ध नहीं जीत सकता है। मैं इन हत्याओं की दृढ़ता से निंदा करती हूं और एक बार फिर इस खून-खराबे को रोकने के प्रयास करने की अपील करती हूं।

वरिष्ठ अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने इस घटना को कश्मीरियों का नरसंहार कहा और पूरी घाटी में शनिवार से शुरू तीन-दिवसीय बंद की घोषणा की।

उन्होंने ट्वीट किया, पुलवामा नरसंहार, गोलियों और पेलेट्स की बारिश! चूंकि भारत सरकार ने अपने सशस्त्र बलों के जरिए कश्मीरियों की हत्या करने का फैसला किया है, इसलिए जेआरएल (संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व) और लोग सोमवार 17 दिसंबर को बदामी बाग सेना छावनी की ओर मार्च करेंगे, और कहेंगे कि हमें रोज मारने के बदले एक बार में एकसाथ मार दिया जाए।

उन्होंने विश्व समुदाय से अपील की कि कश्मीर की गंभीर स्थिति को संज्ञान में लिया जाए।

डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट (डीपीएन) के गुलाम हसन मीर सहित अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी नागरिक हत्याओं की निंदा की।

--आईएएनएस

08:17 PM

राफेल मामले में तथ्यात्मक गलती के पीछे मोदी सरकार : कांग्रेस

नई दिल्ली, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। राफेल सौदा मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में तथ्यात्मक गलती के लिए नरेंद्र मोदी सरकार पर को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि अदालत सौदे में भ्रष्टाचार की जांच के लिए सही मंच नहीं है और न ही यह फैसला केंद्र की भाजपा नीत सरकार को क्लीन चिट है।

कैग की रपट, जिसके आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में याचिकाएं खारिज कीं, वह कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच ताजा संघर्ष का विषय बना हुआ है।

कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने यहां मीडिया को संबांधित करते हुए कहा कि शुक्रवार का फैसला तथ्यात्मक रूप से गलत था, जिसके लिए मोदी नीत केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

सिब्बल ने कहा, फैसले में तथात्मक गलती है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है, न कि अदालत। अगर आप अदालत को गलत तथ्य देंगे और उस आधार पर अदालत तथ्यात्मक दावे करती है, तो इस मामले में सरकार जिम्मेदार है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि सौदे की कीमत से संबंधित जानकारी कैग के साथ साझा की गई है और कैग की रपट लोक लेखा समिति(पीएसी) द्वारा जांची गई। सिब्बल ने कहा कि कैग की रपट के किसी भी हिस्से को संसद में पेश नहीं किया गया और न हीं यह सार्वजनिक है।

उन्होंने कहा, हमें महान्यायवादी को पीएसी में तलब करना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्यों इस प्रकार के दावे अदालत के समक्ष किए गए और क्यों ऐसे हलफनामे पेश किए गए, जो सच्चाई नहीं दर्शाते हैं।

पूर्व कानून मंत्री ने कहा, अदालत के समक्ष इस तरह के गलत तथ्य पेश करने के लिए महान्यायवादी जिम्मेदार हैं। यह एक संगीन मुद्दा है और संसद में इसपर चर्चा होनी चाहिए। पीएसी महान्यायवादी को बुलाएंगे।

इस ओर ध्यान दिलाते हुए कि सर्वोच्च न्यायालय ने कीमत के मुद्दे या फिर विमान के तकनीकी पहलुओं पर फैसला नहीं सुनाया, सिब्बल ने मोदी सरकार को फैसले को खुद के लिए क्लीन चिट बताने पर निशाना साधा।

सिब्बल ने भाजपा के प्रमुख नेताओं द्वारा फैसले को मोदी सरकार के लिए क्लीन चिट बताने और कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाने वाले बयानों के संदर्भ में कहा, यह बचकानी बात है कि सरकार और भाजपा जीत का दावा कर रही है।

--आईएएनएस

07:05 PM
 स्टरलाइट संयंत्र खोलने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी तमिलनाडु सरकार

स्टरलाइट संयंत्र खोलने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी तमिलनाडु सरकार

चेन्नई, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को फिर से खोलने के आदेश के खिलाफ अपील करेगी।

यहां से 360 किलोमीटर दूर सलेम में संवाददाताओं से बातचीत में पलनीस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार ने स्टरलाइट संयंत्र को बंद करने का आदेश दिया था।

पलनीस्वामी ने कहा, राज्य सरकार एनजीटी के आदेश के खिलाफ अपील करेगी।

तमिलनाडु के पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण मंत्री के.सी. करुप्पन्नन ने भी समान विचार व्यक्त किए हैं।

करुप्पन्नन ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ढृढ़ता से स्टरलाइट तांबा संयंत्र को बंद करने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय में एनजीटी के आदेश को चुनौती देगी।

इसबीच पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने कहा कि एनजीटी का फैसला अपेक्षित है और इसमें कुछ भी चौंकाने वाला नहीं है।

रामदास ने कहा कि तांबा संयंत्र को फिर से खोलने का आदेश दिखाता है कि कॉर्पोरेट प्रभुत्व जीत गया है।

रामदास के मुताबिक, राज्य सरकार की संयंत्र को बंद करने में कोई रुचि नहीं है, बल्कि संयंत्र को बंद करने का आदेश इस साल 22 मई को पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत के बाद हालात को काबू करने के लिए दिया गया था।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के तमिलनाडु राज्य सचिव आर. मुथरासन ने कहा कि एनजीटी का आदेश हैरान और निराश कर देने वाला है।

--आईएएनएस

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