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Last Updated At :- 16-10-2018 03:09 PM

संयुक्त राष्ट्र में भारत के विभिन्न सांसदों ने पेश की देश की विविधता

संयुक्त राष्ट्र, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय लोकतंत्र की विविधता को दर्शाने के लिए राष्ट्र और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने महासभा पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल में उनकी भागीदारी को एक ऐसी लंबी परंपरा बताया, जिसने संसदीय नीति-निर्माताओं के बीच बहुपक्षीयता की बेहतर समझ को बढ़ावा देने में मदद की है।

उन्होंने कहा, इसके साथ ही, यह व्यापक रूप से आधारित भारत की स्थिति और हमारी राजनीतिक विविधता को ध्यान में रखने के महत्व को दर्शाता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अपने अनुभव के बारे में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रेम दास राय ने कहा कि यह हमें वैश्विक मुद्दों और विदेश नीति पर भारत में घरेलू चर्चाओं के बारे में अधिक जानकारी से जुड़ने में मदद करेगा।

महासभा के कार्य का बड़ा हिस्सा छह समितियों में होता है, जो एक साथ बैठती हैं और आतंकवाद व विकास के लिए निरस्त्रीकरण और बच्चों की सुरक्षा जैसे मुद्दों से निपटती हैं।

समितियों में सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर भारत के रुख को पेश किया, और उन्होंने एक क्रैश कोर्स में भी भाग लिया, जो अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति पर आधारित था।

राय ने कहा, समितियों की बैठक में शामिल होने से हमने विभिन्न देशों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और वह कैसे उसका सामना करते हैं उसे देखा। साथ ही हमने भारत की अपनी स्थिति और बहुपक्षीयता में योगदान को भी देखा।

भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के सदस्य शरद त्रिपाठी ने एक अन्य समिति के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग साइबर स्पेस को कैसे बच्चों के लिए सुरक्षित बना सकता है और उनके लिए नए अवसर खोल सकता है, इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।

अन्य समितियों में अरविंद गणपत सावंत (शिवसेना, महाराष्ट्र) ने तीव्र औद्योगीकरण का प्रबंधन करने में भारत के प्रयास, जबकि सुष्मिता देव (कांग्रेस असम) ने महिला सशक्तिकरण में भारत के प्रयास पर अपनी बात रखी।

इसके अलावा एन.के. प्रेमचंद्रन (रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल) ने भी सतत विकास के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता के बारे में बात की।

पिछले सप्ताह यहां पहुंचे पांच सांसदों ने महासभा की अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा से शुक्रवार को मुलाकात की।

 मेट्रो फेज-4 को मंजूरी नहीं दे रहे केजरीवाल : भाजपा

मेट्रो फेज-4 को मंजूरी नहीं दे रहे केजरीवाल : भाजपा

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को मेट्रो रेल परियोजना के चौथे चरण के निर्माण कार्य को मंजूरी नहीं देने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला।

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा, बीते ढाई सालों से केजरीवाल सरकार ने दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के निर्माण को मंजूरी नहीं दी है।

उन्होंने कहा कि अगर रेल परियोजना के चौथे चरण के निर्माण के लिए एक हफ्ते के भीतर अनुमति नहीं मिली तो मशीन व औजार वापस लौट जाएंगे।

मनोज तिवारी ने कहा कि इससे परियोजना में देरी होगी और लागत बढ़ेगी।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के चौथे चरण में 104 किमी के छह कॉरिडोर का निर्माण होना है।

इस संयुक्त उद्यम में डीएमआरसी, केंद्र व दिल्ली सरकार के साथ बराबर की साझेदार है।

--आईएएनएस

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