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Last Updated At :- 27-04-2018 04:44 PM

भारत-चीन संबंधों की रणनीतिक दृष्टिकोण से समीक्षा करेंगे : मोदी

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि 27 और 28 अप्रैल को वुहान में होने वाली बैठक के दौरान वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में भारत-चीन संबंधों की समीक्षा करेंगे।

मोदी ने जारी बयान में कहा, मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग और द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों की समीक्षा करेंगे।

उन्होंने कहा, हम राष्ट्रीय विकास विशेष रूप से मौजूदा और भावी अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को लेकर अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे।

मोदी ने कहा, हम रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में भारत-चीन संबंधों के घटनाक्रमों की भी समीक्षा करेंगे।

दोनों देशों के नेताओं की यह बैठक भारत और चीन के बीच संबंधों के जीवंत होने का संकेत है, जो पिछले साल डोकलाम विवाद को लेकर बुरे दौरे से गुजरी।

मोदी के इस दौरे की 1998 के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दौरे से तुलना की जा रही है, जिन्होंने उस समय चीन के नेता डेंग शियाओपिंग से मुलाकात की थी और 1962 के युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच आए रिश्तों की तल्खी को दूर करने की कोशिश की थी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) मंत्रिस्तरीय बैठकों में शिरकत करने के लिए इस सप्ताह बीजिंग का दौरा किया था।

दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दों के अलावा कई ज्वलंत मुद्दे हैं।

 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

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