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Last Updated At :- 23-01-2019 11:18 PM

गर्बाड को नहीं है असद से मुलाकात का अफसोस

वॉशिंगटन, 21 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की पहली हिंदू सांसद और देश के अगले राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से टिकट के दावेदारों में शामिल तुलसी गर्बाड का कहना है कि उन्हें साल 2017 में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से मुलाकात पर कोई अफसोस नहीं है। गौरतलब है कि असद पर सालों से चल रहे सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान अपने ही नागरिकों पर जैविक हथियारों का प्रयोग करने के आरोप हैं।

गर्बाड ने सीएनएन के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि देश की सुरक्षा और शांति को मद्देनजर रखते हुए अमेरिका के नेताओं को विदेशी नेताओं के साथ मुलाकात करनी ही होगी। जैविक हमलों के लिए असद पर शक जाहिर करने वालों का समर्थन करने के लिए इससे पहले भी गर्बाड की आलोचना हो चुकी है।

जब गर्बाड से पूछा गया कि क्या उन्हें असद के साथ हुई मुलाकात पर अफसोस है तो उन्होंने कहा, नहीं, मैं सोचती हूं कि इससे फर्क नहीं पड़ता। अगर हम अमेरिका की सुरक्षा और शांति के प्रति गंभीर हैं तो इस देश के किसी भी नेता के लिए विदेशी नेताओं से मुलाकात करने का महत्व बरकरार है, भले ही वह दोस्त हों, विरोधी या फिर संभावित विरोधी।

गर्बाड ने अपनी इस मुलाकात की तुलना अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन की साल 2018 में हुई मुलाकात से भी की।

इराक युद्ध में हिस्सा ले चुकीं गर्बाड ने कहा, मैंने क्यक्तिगत तौर पर युद्ध की कीमत देखी है, और इसी के चलते मैं शांति के लिए डटकर लोहा लेती हूं। और यह उन परिस्थितियों की सच्चाई है जिनसे आज हमारा सामना हो रहा है। इसी के चलते मैंने ट्रंप से पहले भी मांग की थी और अब भी करती हूं कि वह उत्तर कोरिया में किम जोंग उन जैसे लोगों से मुलाकात क रना जारी रखें, क्योंकि हमें पता है कि दांव पर क्या लगा है। ऐसी मुलाकातों से बचने का एक ही विकल्प है, ज्यादा युद्ध।

आपको बता दें कि अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने पछिले साल सीरिया के जैविक हथियारों के ठिकानों पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं। वॉशिंगटन ने यह भी धमकी दी है कि अगर असद ने जैविक हथियारों का प्रयोग नहीं रोका तो वे और भी हमले करेंगे। सीरिया की सरकार ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है।

 ब्रेन ट्रेनिंग एप डिकोडर लांच, एकाग्रता में सहायक

ब्रेन ट्रेनिंग एप डिकोडर लांच, एकाग्रता में सहायक

लंदन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक खास ब्रेन ट्रेनिंग एप तैयार किया हैं, जो कनेक्टेड दुनिया में लोगों का दैनिक ध्यानभंग होने और एकाग्रता नहीं होने में सुधार करता है।

शोधकर्ताओं के दल ने इस ब्रेन ट्रेनिंग एप का नाम डिकोडर रखा हैं, जिसकी आइपैड पर एक महीने तक रोजाना आठ घंटों तक परीक्षण किया गया और इससे ध्यान और एकाग्रता में सुधार दर्ज किया गया।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के बिहेविरल और क्लिनिकल न्यूरोसाइंस के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस एप को इस्तेमाल करने से लोगों की एकाग्रता बढ़ जाएगी।

साइकियाट्री विभाग की प्रोफेसर बारबरा ने कहा, जब हम कार्यालय से घर लौटते है, तो हमें महसूस होता है कि हम दिन भर काफी व्यस्त रहे हैं, लेकिन हमें यह ध्यान नहीं रहता है कि हमने पूरे दिन क्या काम किया।

बिहेविरल न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित इस शोध पत्र में उन्होंने कहा कि जटिल कार्यो के लिए हमें फ्लो और एकाग्रता की जरूरत होती है।

शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने 75 स्वस्थ वयस्कों को तीन समूहों में बांटा, जिसमें से एक समूह को डिकोडर एप दिया गया, दूसरे समूह को बिंगो गेम खेलने के लिए दिया और तीसरे समूह को कोई भी गेम नहीं दिया गया।

सभी प्रतिभागियों को चार हफ्तों तक एक निश्चित समय तक गेम और एप का इस्तेमाल करने को कहा गया।

शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि जिन्होंने डिकोडर एप का इस्तेमाल उन्होंने बिंगो खेलनेवालों या फिर गेम नहीं खेलनेवालों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

शोधकर्ताओं के दल ने कहा, प्रदर्शन में महत्वपूर्ण और सार्थक अंतर था, और इसका प्रभाव मेथाफेनिडेटी या निकोटीन जैसे स्टिमुलस का प्रयोग करने जितना ही प्रभावी था।

--आईएएनएस

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