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Last Updated At :- 23-05-2019 03:37 PM

फेवरेट का तमगा भारत, इंग्लैंड को विश्व कप नहीं दिला सकता : शाकिब

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। मेजबान इंग्लैंड और भारत को 30 मई से शुरू हो रहे विश्व कप के प्रबल दावेदारों में गिना जा रहा है लेकिन बांग्लादेश के हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब-अल-हसन ने कहा है कि यह क्रिकेट है जो मैदान पर खेला जाता है कागजों पर नहीं।

शाकिब ने आईएएनएस से कहा कि इसमें कोई शंका नहीं है कि इंग्लैंड और भारत मौजूदा समय में विश्व कप में अपना प्रभुत्व जमाए हुए हैं लेकिन फेवरेट का तमगा इन दोनों देशों को विश्व कप नहीं दिला सकता।

शाकिब ने कहा, भारत और इंग्लैंड निश्चित तौर पर जीत के दावेदार हैं, लेकिन इससे उन्हें खिताब नहीं मिल जाएगा। आपको विश्व कप जैसे टूर्नामेंट को जीतने के लिए मेहनत करनी होती है। आस्ट्रेलिया हालिया दौर में अच्छा कर रही है और वेस्टइंडीज टीम ने सही समय पर राह पकड़ ली है। ईमानदारी से कहूं तो सभी टीमें तैयार हैं। अब जीतना इस बात पर निर्भर करता है कि कौन अच्छा करता है।

शाकिब के पास विश्व कप में हरफनमौला खिलाड़ियों की रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करने का मौका होगा जो अभी अफगानिस्तान के राशिद खान के पास है। शाकिब ने हालांकि कहा है कि उनके लिए विश्व कप ट्रॉफी मायने रखती है।

उन्होंने कहा, इस बार मुझे लगता है कि हमारे जीतने की संभावना है, लेकिन टूर्नामेंट का फॉर्मेट ध्यान में रखते हुए हमें लगातार अच्छा करना होगा। अगर हम यह कर सके तो हम निश्चित तौर पर नॉकाआउट्स के लिए क्वालीफाई कर जाएंगे और वहां से हम आगे जा सकते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि हम ऐसा कर सकते हैं।

शाकिब ने कहा, निजी तौर पर मुझे लगता है कि हम ट्रॉफी जीत सकते हैं, लेकिन इसके लिए कई चीजों का एक साथ होना जरूरी है। मैं आईपीएल में ज्यादा नहीं खेला, लेकिन मैं लगातार अपने खेल पर काम कर रहा था और विश्व कप की तैयारियां कर रहा था। मैंने अभ्यास सत्र में काफी मेहनत की।

बांग्लादेश ने बीते वर्षो में बड़े टूर्नामेंट्स में काफी अच्छा किया है, लेकिन शाकिब अभी भी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को लेकर चिंतित हैं। उन्हें हालांकि लगता है कि अनुभव मुश्किल समय में टीम के काम आएगा।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह अच्छी टीम है। मैं थोड़ा गेंदबाजी को लेकर चिंतित हूं, चाहे वो नई गेंद को लेकर हो या डेथ ओवरों में, लेकिन मैं काफी सकारात्मक भी हूं कि हम अच्छा कर सकते हैं। हमारे पास अनुभव है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने तीन-चार विश्व कप खेले हैं। यह अच्छी बात है क्योंकि हमें पता है कि हमें क्या करना है। हमें बस शुरुआत में लय हासिल करने की जरूरत है। मैं आश्वस्त हूं। अपने दिन कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है। इस टूर्नामें में निरंतरता अहम मुद्दा है।

 विदेशी संकेतों से कमजोर हुआ रुपया

विदेशी संकेतों से कमजोर हुआ रुपया

मुंबई, 23 मई (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के नतीजों में सत्ताधारी राजग को प्रचंड बहुमत मिलने की तस्वीर साफ होने के बावजूद गुरुवार को देसी मुद्रा रुपये में डॉलर के मुकाबले कमजोरी आई।

जानकारों की माने तो रुपये में कमजोरी घरेलू कारकों से ज्यादा कहीं विदेशी संकेतों से आई है।

बढ़ते संरक्षणवाद के कारण विदेशी बाजारों में आए नकारात्मक रुझान से उभरते हुए बाजारों के मुद्राओं में गिरावट आई जिसका असर मतगणना के दिन भारतीय मुद्रा पर भी दिखा।

रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 70.02 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ जबकि पिछले सत्र में यह 69.67 रहा रहा।

रुपया सुबह में 69.50 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 69.38-70.07 के दायरे में रहा।

कोटक सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (मुद्रा व ब्याज दर) अनिंद्य बनर्जी ने आईएएनएस को बताया, वैश्विक बाजारों में बिकवाली और उभरते हुए बाजार की मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में आई मजबूती के कारण रुपये में कमजोरी आई।

--आईएएनएस

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