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Last Updated At :- 27-04-2018 09:57 PM

ट्रेन ने स्कूली वैन को टक्कर मारी, 13 छात्रों की मौत (राउंडअप)

नई दिल्ली/गोरखपुर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में एक मानवरहित रेल क्रासिंग के पास पैसेंजर ट्रेन और एक स्कूली वैन के बीच हुई टक्कर में 10 वर्ष से कम उम्र के 13 छात्रों की मौत हो गई।

डॉक्टरों और अधिकारियों ने कहा, वाहन चालक समेत कम से कम चार छात्र घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वाहन चालक वाहन चलाते वक्त कान में ईयरफोन लगाए हुए था।

यह घटना उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के मानव रहित दुदही बेहपुरवा रेलवे क्रासिंग पर गुरुवार सुबह 7:10 मिनट पर हुई जब गोरखपुर-सिवान पैसेंजर ट्रेन, स्कूली बच्चों से भरी वैन से टकरा गई। सभी बच्चे डिवाइन पब्लिक स्कूल के छात्र थे।

भारतीय रेल के प्रवक्ता वेद प्रकाश ने आईएएनएस से कहा, घायलों को घटनास्थल से 30 किलोमीटर दूर पंद्रुना अस्पताल ले जाया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताया है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने हादसे के बाद कहा कि भारतीय रेल मानवरहित स्तर के क्रासिंग को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

लोहानी ने नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, हम मानवरहित स्तर के क्रासिंग को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोहानी ने यात्रियों को मानवरहित क्रासिंग से गुजरते वक्त सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा, वस्तुत:, लोगों को रेलवे ट्रेक पार करते वक्त सावधान रहना चाहिए, इसका कोई विकल्प नहीं है। हम ऐसा कोई कदम नहीं उठा सकते, जो फुल-प्रूफ हो।

रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सिवान से गोरखपुर जा रही ट्रेन रुकने से पहले स्कूल वैन को घसीटते हुए करीब 100 मीटर तक आगे ले गई।

पूर्वोत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि घटना के वक्त वैन में 25 लोग सवार थे जिसमें अधिकतर 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे।

रेलवे मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख की सहायता राशि, गंभीर रूप से घायलों के लिए 1 लाख और मामूली रूप से घायलों के लिए 50,000 रुपये की घोषणा की है।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक बयान में कहा, मैं कुशीनगर के मानवरहित क्रासिंग पर स्कूली बच्चों के मारे जाने की घटना से काफी पीड़ा में हूं। मेरी संवेदना मृतकों के परिजनों के साथ है और मैं घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

गोयल ने कहा कि उन्होंने घटना के संबंध में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

रेल मंत्री ने कहा, हम भविष्य में ऐसे किसी भी संभावित घटना को टालने के हरसंभव प्रयास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सुबह हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में जुटने का निर्देश दिया है।

योगी ने घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल में घायल बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने गोरखपुर के विभागीय कमिश्नर को घटना की जांच करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायल बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

उन्होंने अस्पताल में घायलों से मुलाकात करने के बाद कहा, मुझे बताया गया कि वाहन चलाते वक्त चालक ने कान में ईयरफोन लगाया हुआ था। यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है।

उन्होंने कहा, एक जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच के आधार पर, दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।

योगी ने यह भी कहा कि उन्होंने घटना के संबंध में तत्काल मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी स्कूली वैन की जांच करने के आदेश दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि ये वाहन सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करते हैं या नहीं।

लखनऊ में, आम आदमी पार्टी (आप) ने लोगों की सलामती के लिए पूरे देश के सभी मानवरहित स्तर के क्रासिंग में रेलवे कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की है।

 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

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