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Last Updated At :- 24-06-2018 10:36 AM

कोविंद का क्यूबा से विकासशील देशों को सशक्त बनाने का आह्वान

हवाना, 23 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने क्यूबा से विकासशील देशों को सशक्त बनाने का आग्रह किया है, जिससे दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई जा सके।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, कोविंद ने शुक्रवार को इच्छा जताई कि क्यूबा और भारत विकासशील देशों के लिए एक बुलंद आवाज हैं।

कोई भारतीय नेता लगभग छह दशक बाद क्यूबा के दौरे पर रहा।

कोविंद ने हवाना विश्वविद्यालय में छात्रों, नेताओं और राजनयिकों के सामने अपने भाषण में इंडिया एंड ग्लोबल साउथ का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के लिए साझेदारी दोनों देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के केंद्र में रही है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्यूबा चिकित्सा राहत मिशन और विदेशों में चिकित्सकों की वजह से दुनियाभर के लाखों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक क्रम में बेहतर जगह हासिल करने के लिए देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

इस संबंध में, उन्होंने ब्यूनस आयर्स में मार्च 201 9 में दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर उच्च स्तरीय संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन आयोजित करने के लिए जून की शुरुआत में लिए गए निर्णय का स्वागत किया।

यह एक ऐतिहासिक क्षण था क्योंकि क्यूबा में 1959 की क्रांति के बाद से किसी भी भारतीय नेता ने द्वीप का दौरा नहीं किया था। इस क्रांति ने फिदेल कास्त्रो को सत्ता में लाने और वर्तमान कम्युनिस्ट प्रणाली की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

कोविंद ने यहां जेनेटिक इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी (सीआईजीबी) सेंटर का भी दौरा किया और क्यूबा के राष्ट्रीय नायक जोस मार्टिन और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित मूर्तियों को श्रद्धांजलि दी।

--आईएएनएस

 इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

इन्फोसिस ने कारोबार बढ़ाने डिजिटल रणनीति पर दांव लगाया

बेंगलुरू, 23 जून (आईएएनएस)। सॉफ्टवेयर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक व अध्यक्ष नंदन एम. नीलेकणि ने शनिवार को कहा कि मौजूदा रोमांचकारी दौर में इन्फोसिस कारोबार बढ़ाने के लिए डिजिटल रणनीति पर दांव लगा रही है।

कंपनी की 37वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को नीलेकणि ने बताया, हम अपने उद्योग के सफर के रोमांचकारी मोड़ पर हैं। आज हम साझेदारी करने और अपने ग्राहकों में इजाफा करने की जितनी संभावनाएं देख रहे हैं, उतनी संभावनाएं मैंने पहले कभी नहीं देखी है। डिजिटल क्रांति से हर उद्योग व क्षेत्र में बदलाव आ रहा है और हम उसमें निमग्न होते जा रहे हैं।

नीलेकणि (63) ने 10.94 अरब डॉलर का कारोबार करने वाली प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस में आठ साल बाद दोबारा अगस्त 2017 में अपनी नई पारी की शुरुआत की। पूर्व में कंपनी के सीईओ पद से त्यागपत्र देने के बाद वह केंद्र सरकार के संगठन यूआईडीएआई के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाले थे।

बतौर कंपनी अध्यक्ष पहली बार एजीएम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया, मनोरंजन, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाएं, खुदरा और फार्माश्युटिकल हर जगह डिजिटीकरण का क्षेत्र व्यापाक बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा, नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके, इंटरनेट ऑफ थिंग्स का लाभ उठाकर ग्राहक सेवा की नई विधि तैयार करके डिजिटल प्रौद्योगिकी व्यवसाय के नये तरीके पैदा कर रही है।

उन्होंने निवेशकों से कहा, जब मैं इन्फोसिस में अगस्त 2017 में दोबारा आया तो कंपनी की स्थिरता को लेकर आप चिंतित थे। हमारा बोर्ड काफी स्थायी है और सब लोग संगठित हैं और हम प्रभावशाली दौर में हैं।

एजीएम में पिछले साल की तरह कंपनी के सह संस्थापक एन. आर.नारायणमूर्ति मौजूद नहीं थे।

--आईएएनएस

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