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Last Updated At :- 27-04-2018 09:10 PM

आईसीसी ने चैंपियंस ट्राफी को टी-20 विश्वकप में बदला

कोलकाता, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा है कि वर्ष 2021 में चैंपियंस ट्रॉफी को टी-20 विश्व कप में बदल दिया जाएगा।

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेव रिचर्डसन ने यहां पांच दिवसीय बैठक की समाप्ति के बाद संवाददाताओं को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा, चैंपियंस ट्राफी, एक तरह से देखें तो विश्वकप (50 ओवर मैचों की प्रतियोगिता) की तरह ही है। इन दोनों में फर्क करना मुश्किल होता है। नए फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) में न केवल लीग को शामिल किया जाएगा बल्कि 50 ओवरों के दो विश्व कप, 2019 और 2023, को भी शामिल किया जाएगा। इसमें आस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 विश्व कप, पुरुष व महिला दोनों, शामिल हैं। आज की तारीख में इसमें 2021 की चैंपियन्स ट्राफी भी शामिल है लेकिन हमने सोचा है कि यह फैसला किया जाए कि इसे टी 20 विश्व कप में बदल दिया जाए।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) चैंपियंस ट्राफी को टी-20 विश्वकप में बदलने के खिलाफ था। लेकिन, रिचर्डसन का कहना है कि बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी बैठक में मौजूद थे और उन्होंने इसके पक्ष में अपना मत दिया है।

रिचर्डसन ने कहा, बीसीसीआई के प्रतिनिधि उस समय बैठक में मौजूद थे, जब यह सब फैसले लिए गए। फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। इसलिए मुझे नहीं लगता है कि यह कोई मुद्दा है।

यह पूछे जाने पर कि भारत में 2021 और 2023 में विश्वकप के आयोजनों से भारत के सामने कर एक मुद्दा बन सकता है और यह टूर्नामेंट को प्रभावित कर सकता है।

इस पर आईसीसी कार्यकारी ने कहा, हम कर छूट को इस समय किनारे रखना चाहते हैं। भारत के लिए कार्यक्रम (20121) निर्धारित है और 2023 में विश्वकप भी है। कर को लेकर हम बीसीसीआई के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि अब हर दो साल में टी-20 विश्वकप खेला जाएगा।

रिचर्डसन ने कहा, प्रत्येक दो साल में टी-20 विश्वकप होगा और प्रत्येक चार साल में विश्वकप खेला जाएगा।

यह पूछे जाने पर कि प्रथम एफटीपी में आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में भारत और पाकिस्तान शामिल नहीं हैं तो फिर आईसीसी इसे कैसे लागू करेगा।

उन्होंने कहा, यह एक मुद्दा है जो दायरे से काफी परे है। यहां तक की बीसीसीआई भी इस पर आसानी से फैसला नहीं कर सकता, न ही पाकिस्तान। यह और भी ज्यादा जटिल है।

 इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

इलोन मस्क अब चाहते हैं साइबोर्ग ड्रैगन बनाना

सैन फ्रांसिस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऐसा लगता है कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित होगा और न्यूरिलिंक के जरिए यह इंसानी दिमाग इंटरफेस की पेशकश कर सकता है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इलोन मस्क ने एक ट्वीट में यह सुझाव दिया है।

प्रौद्योगिकी के बादशाह ने बुधवार देर रात एक ट्वीट में कहा, ओह वैसे मैं साइबोर्ग ड्रैगन का निर्माण करने जा रहा हूं।

इनवर्स की रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क शायद अंतरिक्ष में इंटरनेट-संचालित सुपर-इंटेलीजेंस के साथ अंतरिक्षयात्रियों को ले जाना चाहते हैं।

मस्क की सभी कंपनियों में ड्रैगन नाम शामिल होता है, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भी है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के आगे-पीछे चक्कर लगाता है।

स्पेसएक्स का वर्तमान में बिग फाल्कन रॉकेट, या बीएफआर बनाने का लक्ष्य है, जिसे मंगल ग्रह पर अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा -- इलोन मस्क इस लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की उम्मीद करते हैं।

बीएफआर इतना विशाल होगा कि इसे एक विशाल समुद्री मालवाहक जहाज से पानामा नहर होते हुए फ्लोरिडा के केप केनावेरल पहुंचाया जाएगा।

मस्क के मुताबिक, स्पेसएक्स का विशाल नया रॉकेट करीब 350 फीट लंबा होगा तथा इसका व्यास 30 फीट तक फैला होगा।

--आईएएनएस

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