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Last Updated At :- 23-01-2019 03:39 PM

भारत चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करेगा : मोदी

वाराणसी, 22 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां कहा कि एक केंद्रीकृत पासपोर्ट प्रणाली के तहत भारतीय नागरिकों को चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करने पर काम चल रहा है।

उन्होंने यहां प्रवासी भारतीय दिवस(पीबीडी), 2019 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, हमारे दूतावास और वाणिज्यदूतावास पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट से वैश्विक स्तर पर जोड़े जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, यह आप सभी के लिए पासपोर्ट सेवा से जुड़ा एक केंद्रीकृत प्रणाली तैयार करेगा। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए, चिप आधारित ई-पासपोर्ट के लिए काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पीआईओ(भारतीय मूल के लोग) और ओसीआई(विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक) के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह है कि भारतीय खुश रहें और विदेश में जहां कहीं भी रहें, सुरक्षित रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा, बीते साढ़े चार वर्षो में, विदेशों में मुश्किल में फंसे दो लाख से ज्यादा भारतीयों को सरकार और सरकार के प्रयासों द्वारा मदद पहुंचाई गई है।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगनाथ समारोह के मुख्य अतिथि हैं। उन्होंने प्रवासियों तक पहुंचने के भारत के प्रयासों की सराहना की।

इससे पहले, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोगों का अभिवादन किया।

विदेश मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित भारतीय प्रवासी सम्मेलन में इस वर्ष 5,000 प्रतिनिधियों ने अपना पंजीकरण करवाया है।

 ब्रेन ट्रेनिंग एप डिकोडर लांच, एकाग्रता में सहायक

ब्रेन ट्रेनिंग एप डिकोडर लांच, एकाग्रता में सहायक

लंदन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक खास ब्रेन ट्रेनिंग एप तैयार किया हैं, जो कनेक्टेड दुनिया में लोगों का दैनिक ध्यानभंग होने और एकाग्रता नहीं होने में सुधार करता है।

शोधकर्ताओं के दल ने इस ब्रेन ट्रेनिंग एप का नाम डिकोडर रखा हैं, जिसकी आइपैड पर एक महीने तक रोजाना आठ घंटों तक परीक्षण किया गया और इससे ध्यान और एकाग्रता में सुधार दर्ज किया गया।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के बिहेविरल और क्लिनिकल न्यूरोसाइंस के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस एप को इस्तेमाल करने से लोगों की एकाग्रता बढ़ जाएगी।

साइकियाट्री विभाग की प्रोफेसर बारबरा ने कहा, जब हम कार्यालय से घर लौटते है, तो हमें महसूस होता है कि हम दिन भर काफी व्यस्त रहे हैं, लेकिन हमें यह ध्यान नहीं रहता है कि हमने पूरे दिन क्या काम किया।

बिहेविरल न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित इस शोध पत्र में उन्होंने कहा कि जटिल कार्यो के लिए हमें फ्लो और एकाग्रता की जरूरत होती है।

शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने 75 स्वस्थ वयस्कों को तीन समूहों में बांटा, जिसमें से एक समूह को डिकोडर एप दिया गया, दूसरे समूह को बिंगो गेम खेलने के लिए दिया और तीसरे समूह को कोई भी गेम नहीं दिया गया।

सभी प्रतिभागियों को चार हफ्तों तक एक निश्चित समय तक गेम और एप का इस्तेमाल करने को कहा गया।

शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि जिन्होंने डिकोडर एप का इस्तेमाल उन्होंने बिंगो खेलनेवालों या फिर गेम नहीं खेलनेवालों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

शोधकर्ताओं के दल ने कहा, प्रदर्शन में महत्वपूर्ण और सार्थक अंतर था, और इसका प्रभाव मेथाफेनिडेटी या निकोटीन जैसे स्टिमुलस का प्रयोग करने जितना ही प्रभावी था।

--आईएएनएस

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