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ईयू ने लीबिया में जारी हिंसा की निंदा की

त्रिपोली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। लीबिया में यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिनिधिमंडल और लीबिया के ईयू मिशन के प्रमुख ने शनिवार को त्रिपोली में हिंसा की निंदा की।

दो ईयू समूहों ने संयुक्त बयान में कहा, ईयू प्रतिनिधिमंडल और लीबिया में ईयू मिशन के प्रमुख त्रिपोली में हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। इन हिंसाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, लोग घायल हुए हैं और विस्थाति हुए हैं।

उन्होंने लीबिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत घसन सलामे के प्रयासों को भी सराहते हुए लीबिया संकट के लिए राजनीतिक समाधान के महत्व पर जोर दिया।

लीबिया में साल 2011 में पूर्व नेता मुअम्मर गद्दाफी के तख्तापलट के बाद से ही असुरक्षा और हिंसा का दौर जारी है।

--आईएएनएस

09:01 AM

ईरान के साथ आतंकवाद रोधी सहयोग के लिए तैयार : पुतिन

मॉस्को, 23 सितंबर (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आतंकवादी हमले को लेकर ईरान के अपने समकक्ष हसन रूहानी के प्रति सहानुभूति जताते हुए आतंकवाद रोधी सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।

पुतिन ने रूहानी को लिखे पत्र में कहा, हम इस अपराध से गुस्से में हैं। उम्मीद है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कठघरे में लाया जाएगा।

समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरान के आहवाज शहर में शनिवार को सैन्य परेड पर हुए आतंकवादी हमले में 24 लोगों की मौत हो गई थी।

पुतिन ने कहा, यह घटना इस बात की पुष्टि की है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ मिलकर मोर्चा खोलना पड़ेगा। मैं आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में ईरान ेक साथ अपने सहयोग को बढ़ाने की पुष्टि करना चाहता हूं।

--आईएएनएस

08:54 AM

भारत की हठी, नकारात्मक प्रतिक्रिया निराशाजनक : इमरान

इस्लामाबाद, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता रद्द होने पर शनिवार को निराशा जाहिर की और भारत की प्रतिक्रिया को हठी नकारात्मक करार दिया।

इस्लामाबाद पर आतंकवाद का महिमामंडन करने का दोषारोपण करते हुए नई दिल्ली द्वारा दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की वार्ता रद्द कर दी गई।

इमरान ने ट्वीट किया, शांति वार्ता बहाली के लिए मेरी अपील पर भारत की हठी व नकारात्मक प्रतिक्रिया से निराशा हुई।

उन्होंने कहा, हालांकि मैंने अपनी पूरी जिंदगी में यह पाया है कि बड़े पदों को धारण करने वाले छोटे लोगों में व्यापक परिदृश्य को देखने की दूरदर्शिता नहीं होती है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के मौके पर अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच वार्ता होने वाली थी।

भारत सरकार ने शुक्रवार को कहा कि इसने दो अत्यंत निराशाजनक घटनाक्रमों के बाद पाकिस्तान के साथ वार्ता रद्द कर दी है। इन घटनाक्रमों से इस्लामाबाद के बुरे एजेंडे की पोल खुल गई है।

पहली घटना में जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई, जो प्रदेश में आतंकी गतिविधियों में बढ़ावा का द्योतक है। भारत इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ बताता है।

वहीं, भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा जुलाई 2016 में मार गिराए गए हिजबुल मुजाहिदीन नेता बुरहान वानी की याद में इस्लामाबाद ने डाक टिकट जारी किया है।

कुरैशी ने वार्ता रद्द होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि नई दिल्ली ने आंतरिक दबाव में यह फैसला किया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, सार्वजनिक तौर पर पुष्टि के 24 घंटे के भीतर भारत की ओर से विदेश मंत्रियों की बैठक रद्द करने के फैसले के लिए बताए गए कारण बिल्कुल अविश्वसनीय हैं।

--आईएएनएस

05:41 PM

फ्रांस राफेल सौदे पर तथ्यों को छिपा रहा : कांग्रेस

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)।राफेल सौदे में फ्रांस और दसॉल्ट एविएशन द्वारा पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान से किनारा करने के बाद कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि फ्रांस का बयान जितना खुलासा करता है, उससे कहीं ज्यादा तथ्यों को छिपाने वाला है।

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा, फ्रांस का बयान जितना खुलासा करता है, उससे कहीं ज्यादा छिपाने वाला है। फ्रांस सरकार जानती है कि पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और भारतीय वार्ताकारों के बीच मौखिक बातचीत ब्योरेवार रही है, जो उभरकर सामने आ सकती है।

उन्होंने कहा,राफेल मामले में फ्रांस की संसदीय सुनवाई और फ्रांस ने सूचना की स्वतंत्रता के अधिकार 1978 के तहत प्रशासन के दस्तावेजों तक पहुंच बनाने की अटकलें हैं।

तिवारी ने कहा, क्या फ्रांसीसी सरकार/कॉर्पोरेट इकाई ने राफेल खरीद को फ्रांस की राजनीति में भी घरेलू मुद्दा बना दिया है।

वहीं, कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने ट्वीट कर कहा, राफेल सौदे में गलत जानकारी देने के मामले में फ्रांस सरकार ने दसॉल्ट से बात की है।

फ्रांस सरकार ने शुक्रवार रात यह बयान पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के उस बयान के बाद जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत सरकार ने राफेल सौदे के लिए एक निजी कंपनी का नाम सुझाया था।

ओलांद ने कहा था, हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। भारत सरकार ने यह नाम (रिलायंस डिफेंस) सुझाया था और दसॉल्ट ने अंबानी से बात की थी।

इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार रात जारी बयान में कहा गया, इस सौदे के लिए भारतीय औद्योगिक साझेदारों को चुनने में फ्रांस सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।

बयान में आगे कहा गया कि भारतीय अधिग्रहण प्रक्रिया के अनुसार, फ्रांस की कंपनी को पूरी छूट है कि वह जिस भी भारतीय साझेदार कंपनी को उपयुक्त समझे उसे चुने, फिर उस ऑफसेट परियोजना की मंजूरी के लिए भारत सरकार के पास भेजे, जिसे वह भारत में अपने स्थानीय साझेदारों के साथ अमल में लाना चाहते हैं ताकि वे इस समझौते की शर्ते पूरी कर सके।

राफेल विमानों के निमार्ता दसॉल्ट एविएशन ने भी शुक्रवार रात अपने बयान में कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने भारत के रिलायंस ग्रुप के साथ साझीदारी करने का फैसला किया था। यह दसॉल्ट एविएशन का फैसला था।

फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी और 2016 में सौदे पर हस्ताक्षर हुआ था।

--आईएएनएस

12:50 PM

चीन ने अमेरिका संग व्यापार वार्ता रद्द की : रिपोर्ट

बीजिंग, 22 सितंबर (आईएएनएस)। चीन ने अमेरिका के साथ अगले स्पताह होने वाली व्यापार वार्ता रद्द कर दी है और अपने उप प्रधानमंत्री लियू ही को वार्ता के लिए नहीं भेजने का फैसला किया है।

समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जनरल ने यह जानकारी दी है।

समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से कहा कि चीन लियू की योजनाबद्ध यात्रा से पहले अमेरिका में मध्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी नहीं भेज रहा है।

चीन सरकार ने इस संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की है।

चीन और अमेरिका दोनों के बीच व्यापार युद्ध चल रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के अरबों डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क लगा रहे हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका ने चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया और साथ में चीन के 267 अरब डॉलर के सामान पर भी आयात शुल्क लगाने की चेतावनी दी।

अमेरिका के इस रुख पर प्रतिक्रियास्वरूप बीजिंग ने अमेरिका के 60 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया।

इससे पहले भी दोनों देश एक-दूसरे के 50 अरब डॉलर के उत्पादों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगा चुके हैं।

--आईएएनएस

11:14 AM

वेनेजुएला के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे : पोम्पियो

वाशिंगटन, 22 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चेताते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन आगामी दिनों में वेनेजुएला सरकार के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा।

पोम्पियो ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा, मुझे लगता है कि आगामी दिनों में वेनेजुएला पर दबाव बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पोम्पियो ने कहा, हम यह सुनिश्चित करने चाहते हैं कि वेनेजुएला के लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका मिले।

यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा की अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने जा रही बैठक से पहले आया है।

--आईएएनएस

10:09 AM

पोम्पियो ने जापान के विदेश मंत्री से उत्तर कोरियाई मुद्दे पर चर्चा की

वाशिंगटन, 22 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री ने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो से फोन पर बात की।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हीथर नॉअर्ट की ओर जारी बयान के मुताबिक, पोम्पियो और कोनो ने गुरुवार को उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर बातची की।

बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा और अमेरिका, जापान संबंध के महत्व के वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की।

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को ऐलान किया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान वह जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे।

--आईएएनएस

08:43 AM

भारत का बातचीत रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण : पाकिस्तान

इस्लामाबाद, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शुक्रवार को भारत द्वारा अगले हफ्ते न्यूयार्क में भारत व पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली वार्ता को रद्द करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

कुरैशी ने डॉन ऑनलाइन से कहा, हमने पहले ही भारत को कह दिया था कि अगर वे हमारी तरफ एक कदम बढ़ाएंगे, तो हम दो कदम बढ़ाएंगे। लेकिन, इससे तो लगता है कि वे केवल एक कदम बढ़ाने के बाद लड़खड़ा गए।

पाकिस्तान पर जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षाकर्मी की हत्या और आतंकवाद का महिमामंडन करने का आरोप लगाते हुए भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ भारतीय विदेश मंत्री की प्रस्तावित वार्ता शुक्रवार को रद्द कर दी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करने वाली थीं।

कुरैशी ने कहा कि दुनिया को देखना चाहिए कि पाकिस्तान ने स्थिति को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाया है, जबकि भारत का रवैया आगे बढ़ने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि नई दिल्ली आंतरिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा, अगर मुलाकात को दोनों देशों के बीच वार्ता का हिस्सा नहीं माना जाता, तो इसका उद्देश्य क्या था?

कुरैशी ने कहा, मैं केवल यही कहूंगा, एक मौका था जिसे गंवा दिया गया। वार्ता केवल सम्मानजनक तरीके से हो सकती है..अगर वे इसके लिए इच्छुक नहीं हैं तो हम भी कोई जल्दबाजी में नहीं हैं।

--आईएएनएस

08:44 PM

सत्ता में बने रहने का हक खो चुकी है मोदी सरकार : कांग्रेस

नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर के हालात और पाकिस्तान के साथ संबंधों को खराब तरीके से संभालने का आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में बने रहने का अधिकार खो चुकी है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यहां कहा, पाकिस्तान नीति एक विरोधाभास है क्योंकि कोई पाकिस्तान नीति है ही नहीं। हमारे पास जो है वह अभी तत्काल के मूड के हिसाब से तय होने वाली क्षणिक, बिना सोची-समझी प्रतिक्रिया है।

कांग्रेस ने यह बयान गुरुवार को विदेश मंत्रालय द्वारा इस बात की पुष्टि किए जाने के बाद दिया कि संयुक्त राष्ट्र की सालाना महासभा से इतर भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मुलाकात होगी।

लेकिन, शुक्रवार को भारत सरकार ने इस वार्ता को रद्द करने का ऐलान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर एक जवान की हत्या और आतंकवादियों का महिमामंडन करने वाला डाक टिकट जारी कर पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि वह सुधरने वाला नहीं है।

सिंघवी ने कश्मीर में बीते चौबीस घंटे में स्पेशल पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) की हत्या पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, हमारे पास पूरी चुप्पी है या खोखले शब्द हैं। देश जानना चाहता है कि राष्ट्र के मुकुट (जम्मू एवं कश्मीर) को लेकर प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी क्या कर रही है। इसकी नाक के नीचे जो हो रहा है, वह भयावह है।

--आईएएनएस

07:26 PM

भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता रद्द की (लीड-1)

नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों की हत्या करने और आतंकवाद का महिमामंडन करने का आरोप लगाते हुए, भारत ने पाकिस्तान के विदेशमंत्री के साथ भारतीय विदेशमंत्री की प्रस्तावित वार्ता शुक्रवार को रद्द कर दी।

भारत ने कहा है कि इस्लामाबाद के शैतानी एजेंडे (इविल एजेंडा) का पर्दाफाश हो गया है।

विदेशमंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करने वाली थीं।

भारत सरकार ने अपने कड़े बयान में कहा कि गुरुवार को वार्ता के संबंध में घोषणा होने के बाद, काफी निराश करने वाले दो ताजा मामले सामने आए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, पाकिस्तान स्थित संगठनों द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में हमारे सुरक्षाकर्मियों की हाल में की गई जघन्य हत्या और पाकिस्तान की ओर से आतंक और आतंकवादियों का महिमामंडित करने वाली 20 डाक टिकट जारी करने का निर्णय दिखाता है कि वह अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा।

बयान के अनुसार, यह अब स्पष्ट है कि नई शुरुआत के लिए वार्ता का प्रस्ताव देने के पीछे पाकिस्तान के शैतानी एजेंडे का पर्दाफाश हो गया और पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान का असली चेहरा दुनिया के सामने आ गया है।

बयान के अनुसार, ऐसे माहौल में पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की वार्ता का कोई मतलब नहीं है।

बयान के अनुसार, बदले हुए परिदृश्य में, न्यूयॉर्क में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात नहीं होगी।

पाकिस्तान ने हिजबुल मुजाहिदीन के नेता बुरहान वानी की याद में एक डाक टिकट जारी किया है। बुरहान वानी को जुलाई 2016 में भारतीय सुरक्षा बलों ने मार गिराया था, जिसके बाद घाटी में लंबे समय तक प्रदर्शन हुए थे।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब आतंकवादियों ने जम्मू एवं कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों को अगवा किया और बाद में उनकी हत्या कर दी।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि भारत ने सुषमा स्वराज और कुरैशी के बीच मुलाकात के पाकिस्तान के प्रस्ताव को मान लिया है। इस घोषणा के 24 घंटे के अंदर ही भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता रद्द कर दी।

भारत ने कहा था कि वह पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान व कुरैशी द्वारा लिखित पत्र की भावना के जवाब में न्यूयॉर्क बैठक के लिए सहमत हुआ है।

--आईएएनएस

07:15 PM
 इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

बेंगलुरु, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के तकनीकी मामलों की समीक्षा के लिए गठित मंत्री समूह के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जीएसटी ने अपने सॉफ्टवेयर वेंडर (प्रदाता) इन्फोसिस को व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए हुई मंत्रिसमूह की 10वीं बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमने जीएसटी परिषद के सुझाव के अनुसार नेटवर्क पर व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने को सरल बनाने के लिए इन्फोसिस को नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्रिसमूह के प्रमुख मोदी ने कहा, हमने अगले चार से छह महीने में नया सरलीकृत जीएसटी फार्म लागू करने की योजना बनाई है जिससे डीलर या व्यापारी को नेटवर्क के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का भुगतान करने में लाभ मिलेगा।

मंत्रिसमूह ने छोटे करदाताओं के लिए यूनीफॉर्म अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए देशभर से 18 कंपनियों को चिन्हित किया।

मोदी ने कहा, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी छोटे व्यापारियों को नया सॉफ्टवेयर प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी परिषद ने जैसाकि फैसला लिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां एक अक्टूबर से प्रभावी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर संग्रहित कर (टीसीएस) का भुगतान करेंगी।

केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 52 के तहत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर एक फीसदी तक राज्य जीएसटी और एक फीसदी केंद्रीय जीएसटी के लिए टीडीएस कटौती करनी है।

वहीं, 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर दो फीसदी समेकित जीएसटी की कटौती की जाएगी।

--आईएएनएस

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