• Last Updates : 04:02 PM

आंध्र प्रदेश : नक्सलियों ने विधायक, पूर्व विधायक की हत्या की (लीड-1)

विशाखापत्तनम, 23 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के विधायक के. सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमा की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

यह घटना विशाखापत्तनम से लगभग 125 किलोमीटर दूर थुटांगी गांव में हुई।

राव अराकू विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

नक्सलियों ने विधायक राव व पूर्व विधायक सोमा पर तब हमला किया, जब वह अराकू में एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।

दोनों को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी गई। हमले में कथित रूप से बड़ी संख्या में नक्सली शामिल थे।

राव ने 2014 में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित अराकू विधानसभा क्षेत्र की सीट से तेदेपा के सोमा को हराया था।

राव 2016 में तेदेपा में शामिल हो गए थे।

पुलिस के अनुसार, राव और सोमा दोनों को नक्सलियों की तरफ से पहले भी धमकियां मिली थी।

--आईएएनएस

03:35 PM

आंध्र प्रदेश : नक्सलियों ने विधायक की गोली मारकर हत्या की

विशाखापत्तनम, 23 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम जिले में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के विधायक के. सर्वेश्वर राव की नक्सलियों ने गोली मार कर हत्या कर दी।

यह घटना विशाखापत्तनम से लगभग 125 किलोमीटर दूर थुटांगी गांव में हुई।

राव अराकू विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

नक्सलियों ने विधायक पर तब हमला किया, जब वह तेदेपा नेता और पूर्व विधायक एस.सोमा के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।

--आईएएनएस

02:48 PM

केजरीवाल का मोहल्ला क्लिनिकों के लिए किरायामुक्त आवास, जमीन का आग्रह

नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी मोहल्ला क्लिनिकों की स्थापना के लिए रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के लोगों से किरायामुक्त जमीन व आवास देने का आग्रह किया।

राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक अखबार में विज्ञापन के जरिए कहा, आपकी सरकार को आपकी मदद की जरूरत है और हम आपसे एक महान कार्य का साझेदार बनने का आग्रह करते हैं।

विज्ञप्ति में श्रृंखलाबद्ध सवालों के जरिए कहा गया, क्या आप मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने के लिए दिल्ली सरकार को बिना किसी किराए के अपने खाली पड़े घर या जमीन उपलब्ध कराएंगे?

दूसरे सवाल में कहा गया, क्या मोहल्ला क्लीनिकों की स्थापना के लिए लोगों का एक समूह सामूहिक रूप से अपने क्षेत्र में घर/जमीन बिना किसी किराए पर मुहैया करा सकता है?

इसके साथ एक और सवाल में कहा गया, अगर आपके या आपके संगठन के पास भगवान की कृपा से पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं तो क्या आप दिल्ली के कुछ इलाकों में कुछ परिसर किराए पर ले सकते हैं और दिल्ली सरकार को मोहल्ला क्लीनिक की स्थापना के लिए इन्हें बिना किसी किराए के मुहैया करा सकते हैं?

इसके आगे विज्ञापन में कहा गया, यदि आपका जवाब हां है तो दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक स्थापित कर हर किसी को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराएगी।

बिना किराए के घर की न्यूनतम अवधि दो साल जबकि बिना किराए के जमीन की अवधि 10 वर्ष होगी।

केजरीवाल ने ट्वीट कर भी लोगों से इस महान कार्य में साझेदार बनने का आग्रह किया।

केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि उनकी सरकार दिल्ली को 1,000 मोहल्ला क्लीनिक देगी।

--आईएएनएस

02:21 PM

पिनराई विजयन इलाज के बाद अमेरिका से लौटे

तिरुवनंतपुरम, 23 सितंबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन अमेरिका से अज्ञात बीमारी का इलाज कराने के बाद रविवार को राज्य की राजधानी पहुंच गए।

वह दो सितंबर को पत्नी कमला विजयन के साथ अमेरिका के लिए रवाना हुए थे और मिनेसोटा के रोचेस्टर में मायो क्लीनिक में इलाज करा रहे थे।

वह 17 दिनों की अवधि के लिए अमेरिका गए थे और 19 अगस्त को लौटने वाले थे लेकिन राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के चलते यात्रा को टालना पड़ा।

अमेरिका लौटने से पहले उन्होंने केरल के समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि वह मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 150 करोड़ रुपये आने की उम्मीद करते हैं।

--आईएएनएस

09:58 AM

कांग्रेस ने रविशंकर के दावे को सफेद झूठ बताया

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने शनिवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि फ्रेंच कंपनी, दसॉ एविएशन ने ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट के क्रियान्वयन के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ 2012 में एक करार किया था।

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह सफेद झूठ है और सरासर बकवास किया जा रहा है, वह भी दुर्भाग्यवश रक्षा मंत्रालय और कानून मंत्री द्वारा।

उन्होंने कहा, दसॉ एविएशन और मुकेश अंबानी की कंपनी के बीच कभी भी इस तरह का कोई सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हुआ।

सुरजेवाला ने कहा, उनके पास रिकार्ड हैं। हम कानून मंत्री और रक्षामंत्री (निर्मला सीतारमण) को चुनौती देते हैं कि वे इस तरह का कोई दस्तावेज सार्वजनिक कर के दिखाएं। चूंकि कोई दस्तावेज है ही नहीं, तो झूठ बेनकाब हो जाएगा।

सुरजेवाला की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई, जब इसके पहले प्रसाद ने 2006 से समझौते का इतिहास उधेड़ते हुए कहा कि यह दिखाने के लिए सबूत मौजूद हैं कि ऑफसेट साझेदार के रूप में रिलायंस की एक कंपनी का चयन मोदी के प्रधानमंत्री बनने से काफी पहले संप्रग सरकार के दौरान 2012 में ही किया गया था।

उन्होंने कहा, इस बात का सबूत उपलब्ध है कि दसॉ एविएशन और रिलायंस इंडस्ट्री के बीच एक एमओयू 13 फरवरी, 2013 को हुआ था, यानी हमारे सत्ता में आने से चार महीने पहले।

प्रसाद ने कहा कि ऑफसेट के नियम संप्रग ने 2012 में बनाए थे और एचएएल के स्थान पर निजी कंपनी को चुनने का पूरा अधिकार दसॉ को था। उन्होंने कहा, वास्तव में संप्रग ने एचएएल को दरकिनार किया।

प्रसाद फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को लेकर पैदा हुए विवाद पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब मीडिया रपटों में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने दावा किया है कि राफेल ऑफसेट करार के लिए निजी कंपनी को भारत सरकार ने सुझाया था।

सुरजेवाला ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, सच्चाई यह है कि दसॉ एविएशन और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बीच एक वर्क-शेयर अरेंजमेंट हुआ था। और यह वार्षिक रपट 2013-14 में साबित हुआ है, जिसमें दसॉ के सीईओ एरिक ट्रेपीयर कहते हैं कि हमारा मुख्य साझेदार एचएएल है।

उन्होंने कहा कि 25 मार्च, 2015 (10 अप्रैल, 2015 को मोदी द्वारा 36 राफेल खरीदने की घोषणा के मात्र 17 दिनों पहले) दसॉ के सीईओ ने भारतीय वायुसेना प्रमुख और एचएएल के चेयरमैन की उपस्थिति में कहा था कि एचएएल के साथ बातचीत अंतिम चरण में है और करार को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा और उसपर हस्ताक्षर हो जाएगा।

सुरजेवाला ने कहा, 13 मार्च, 2014 को एचएएल और दसॉ एविएशन के बीच एक वर्क-शेयर समझौते पर हस्ताक्षर हुआ।

उसके आद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में 36 राफेल खरीद सौदे की घोषणा की और 2016 में इस सौदे पर हस्ताक्षर हुआ।

संप्रग सरकार इसके पहले 126 राफेल विमान खरीदने के लिए बातचीत कर रही थी, जिसमें से 18 तैयार स्थिति में आने थे, और बाकी 108 विमान एचएएल द्वारा विनिर्मित किए जाने थे।

मोदी सरकार बार-बार कह रही है कि भारतीय ऑफसेट साझेदार चुनने का अधिकार दसॉ के पास था और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

--आईएएनएस

10:22 PM

ओलांद ने मोदी को चोर कहा, प्रधानमंत्री जवाब दें : राहुल (लीड-1)

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करने का सिलसिला जारी रखते हुए शनिवार को कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने राफेल सौदे के संदर्भ में उन्हें चोर कहा है। इसका प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंने साथ ही इस सौदे की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग उठाई।

ओलांद ने कहा है कि ऑफसेट ठेका एक भारतीय कंपनी को देने में फ्रांस की सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। कंपनी का नाम भारत सरकार ने सुझाया था।

ओलांद का बयान आने के एक दिन बाद प्रेसवार्ता में राहुल ने मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि वह स्पष्ट बताएं कि ओलांद ने जो कहा, वह सच है या नहीं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, अब फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति कह रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री चोर हैं। यही बात बयान से निकल रही है। यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा का सवाल है। प्रधानमंत्री के लिए यह बहुत ही जरूरी है कि वह अब ओलांद के बयान को या तो स्वीकार करें या यह कहें कि ओलांद सच नहीं बोल रहे हैं और बताएं कि सच क्या है।

राहुल ने कहा कि यह भारतीय इतिहास में शायद पहली बार है कि एक पूर्व राष्ट्रपति हमारे प्रधानमंत्री को चोर कह रहा है। उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

राहुल ने कहा, यह प्रधानमंत्री कार्यालय की गरीमा का सवाल है। यह रक्षा, जवानों के भविष्य, वायु सेना से जुड़ा हुआ प्रश्न है। मैं इसको लेकर हैरत में हूं कि प्रधानमंत्री पूरी तरह चुप हैं। इस मसले पर प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकला है। आखिरकार यह महाशय फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति हैं जिनकी तरफ से बयान आया है, जिन्होंने हमारे प्रधानमंत्री के साथ बैठक की थी जिसमें राफेल सौदा तय हुआ था।

राहुल ने मोदी द्वारा खुद को चौकीदार कहे जाने का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने अपने उद्योगपति दोस्त को 30,000 करोड़ रुपये का मुफ्त उपहार दे दिया।

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, हम पूरी तरह से सहमत हैं कि देश का प्रधानमंत्री भ्रष्ट है। लोगों के दिमाग में यह बैठ गया है कि देश का चौकीदार चोर है। यह लोगों के दिमाग में बस गया है।

राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत ओलांदे द्वारा एक फ्रांसीसी वेबसाइट मीडियापार्ट से कही गई बात से की जिसमें उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी का नाम नहीं लिया।

यह पूछे जाने पर कि फ्रांस सरकार ने कहा है कि वह ऑफसेट पार्टनर के चयन में संलिप्त नहीं थी, राहुल ने कहा, यह बहुत स्पष्ट है कि फ्रांस सरकार ने एक बयान दिया है जो यह बताता है कि क्या प्रक्रिया थी।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री और फ्रांस के (तत्कालीन) राष्ट्रपति के बीच वन-ऑन-वन बैठक हुई थी। उस बैठक में कांट्रैक्ट पर हस्ताक्षर हुआ था। और, अब फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उस बैठक में मुझे स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि कांट्रैक्ट मिस्टर अंबानी को दिया जा रहा है। यह अब भारत के प्रधानमंत्री पर है कि वह अपना इस पर स्पष्टीकरण दे।

राहुल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की मदद करना चाहते हैं और इसीलिय उनसे बयान देने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, मैं उनके कार्यालय की गरीमा बनाए रखना चाहता हूं और लोगों को कहना चाहता हूं कि जो ओलांद ने कहा था वह गलत है। लेकिन आप अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करेगी, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मंत्री प्रधानमंत्री को बचाने के लिए झूठ बोल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संप्रग के कार्यकाल में राफेल विमान का सौदा 526 करोड़ रुपये में हुआ था, लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में 1600 करोड़ रुपये में हुआ।

राहुल ने कहा कि युवाओं का मोदी में भरोसा था।

राहुल ने कहा, उन्होंने आपकी जेब से पैसा लिया, रक्षाकर्मियों से पैसा लिया। आपने प्रधानमंत्री पर विश्वास जताया, उन्होंने आपका विश्वास तोड़ दिया।

--आईएएनएस

09:56 PM

सुमित्रा ने एक राष्ट्र एक चुनाव के पक्ष में आवाज उठाई

शिमला, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में लोकसभा और विधानसभाओं का चुनाव एक साथ कराने की अवधारणा का अनुमोदन किया।

लोकसभाध्यक्ष ने कहा कि बार-बार चुनाव आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य बाधित होता है।

सुमित्रा महाजन यहां कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन रीजन-4 के सम्मेलन में बोल रही थीं। सम्मेलन में हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर और गुजरात के अलावा मेजबान हिमाचल प्रदेश की विधानसभाओं के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और विधायकों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा, हम अपनी चिंताएं सामने लाने के लिए सिर्फ अपना विचार साझा कर रहे हैं। हम यहां कोई फैसला नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, भारत में पहले भी लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने की प्रथा रही है। हमें इस मसले पर चिंतन करने की जरूरत है। देश में एक के बाद दूसरे चुनाव के बीच चुनाव आचार संहिता से आमतौर पर विकास की प्रक्रिया बाधित होती है और योजनाएं अटक जाती हैं।

उन्होंने आगे कहा, इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा धन खर्च होता है।

महाजन ने कहा कि समुचित बहस और संवैधानिक पहलुओं समेत सभी मसलों पर विचार करने के बाद देश को इस पर फैसला लेना है।

उन्होंने कहा, एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा से निस्संदेह धन और समय की बचत होगी, लेकिन इसके मार्ग में संवैधानिक अड़चनों का पहले समाधान करने की जरूरत है।

जम्मू एवं कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह ने इस मामले में आम सहमति पर जोर दिया।

गुजरात के विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र सूर्यप्रसाद त्रिवेदी ने कहा कि एक साथ चुनाव से न सिर्फ धन की बचत होगी बल्कि समय भी बचेगा।

हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल ने कहा कि विभिन्न निकायों के चुनाव पूरे पांच वर्ष तक जारी रहते हैं और जनप्रतिनिधियों को अपना काम करने के लिए पूरा समय नहीं मिलता है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव वक्त की मांग है।

उधर, कांग्रेस नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक साथ चुनाव कराना असंवैधानिक और अव्यावहारिक होगा।

--आईएएनएस

09:07 PM

राहुल का बयान गैर जिम्मेदाराना, आधारहीन : रविशंकर

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। राफेल मामले पर राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधे जाने के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि गैर जिम्मेदाराना, आधारहीन और लापरवाही वाला बयान उस परिवार की ओर से आया है, जो नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर हैं और देश में सारे भ्रष्टाचार की जड़ हैं।

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का शुक्रवार को यह बयान आने के बाद कि राफेल निर्माण का ठेका रिलायंस कंपनी को देने का प्रस्ताव भारत सरकार ने दिया था सरकार की ओर से कहा गया कि ओलांद के बयान की जांच की जा रही है।

शनिवार को मीडिया से मुखातिब प्रसाद ने इस मुद्दे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच की मांग खारिज कर दी और कहा कि जेपीसी जांच एक अज्ञानी और घमंडी नेता के अहंकार को संतुष्ट नहीं करेगा।

ओलांद के बयान और उससे उपजे सवालों का जवाब न देते हुए मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष पर छींटाकशी कर सरकार के बचाव की तरकीब सोची। उन्होंने कहा, जिन्होंने देश में भ्रष्टाचार का उन्मूलन किया है, ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ बयान देकर, राहुल ने अपने चेहरे पर कालिख पोती है।

प्रसाद ने कहा, राहुल गांधी का बयान पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराराना है। वह राफेल की कीमत और अन्य चीजों का खुलासा कर पाकिस्तान और चीन के हाथों में खेल रहे हैं। इससे हमारे दुश्मनों को मदद मिलेगी। राहुल गांधी पाकिस्तान की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के आधार पर कांग्रेस की ओर से लगाए गए इस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार ने वर्ष 2015 में दसॉ एविएशन के ऑफसेट पार्टनर के रूप में रिलायंस डिफेंस का नाम सुझाया।

ओलांद ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें सिर्फ एक ही कंपनी का नाम सुझाया गया, इसलिए उनके पास रिलायंस को ठेका देने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं था।

प्रसाद ने कहा कि कुछ समकालिक सबूत हैं जो दिखाते हैं कि ऑफसेट पार्टनर के रूप में रिलायंस का चयन 2012 में खुद संप्रग सरकार ने किया था, जो मोदी के प्रधानमंत्री बनने से बहुत पहले हुआ था।

उन्होंने कहा, यह सबूत मौजूद हैं कि दसॉ और रिलायंस इंइस्ट्री के बीच 13 फरवरी, 2013 को समुचित समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ था, जिसका मतलब है कि यह हमारे सत्ता में आने से 1 वर्ष, चार माह पहले हुआ था।

कानून मंत्री ने सरकार के बचाव के लिए जिस रिलायंस इंडस्ट्री का जिक्र किया, वह मुकेश अंबानी की थी, जो कुछ ही दिनों बाद बंद हो गई थी। राफेल के लिए जो सौदा हुआ है और ओलांद ने जिस रिलायंस डिफेंस की बात कही है, वह अनिल अंबानी की है।

प्रसाद ने कहा, ऑफसेट के नियम को 2012 में यूपीए ने अंतिम रूप दिया था और एचएएल के स्थान पर एक निजी कंपनी के विकल्प को रखा गया था। वास्तव में यूपीए ने एचएएल को धोखा दिया।

उन्होंने कहा कि फ्रांस सरकार और दासॉ, दोनों ने आधिकारिक बयान जारी कर निजी कंपनी के चयन को लेकर फ्रांस की मैक्रों सरकार की संलिप्तता से इनकार किया है।

करार चूंकि ओलांद सरकार के समय हुई थी, इसलिए मैक्रों सरकार की इस सौदे में संलिप्तता से इनकार स्वाभाविक है। मुद्दा तो ओलांद के बयान का है और सवाल उठ रहा है कि ओलांद आखिर झूठ क्यों बोलेंगे।

प्रसाद ने कहा, मुझे नहीं पता कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कुछ भी कहा उस पीछे क्या कारण और मजबूरी है।

--आईएएनएस

09:03 PM

राफेल सौदे में निजी कंपनी के चयन में सरकार की कोई भूमिका नहीं : रक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन के ऑफसेट साझेदार के तौर पर भारत की निजी कंपनी के चयन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि यह मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) का वाणिज्यिक फैसला था जोकि 2012 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय ही लिया गया था।

सौदे को लेकर विवाद के जोर पकड़ने पर रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दसॉ के ऑफसेट साझेदार के तौर पर रिलायंस डिफेंस के चयन के संबंध में कथित तौर पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद द्वारा दिए गए बयान को लेकर मीडिया में आई रिपोर्ट के बाद अनावश्यक बहस की कोशिश हो रही है।

मंत्रालय का यह बयान मीडिया की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया है कि राफेल सौदे के ऑफसेट ठेके के लिए भारत की निजी कंपनी का नाम भारत सरकार ने सुझाया था।

फ्रांस की एक वेबसाइट ने अपने आलेख में ओलांद के बयान का जिक्र किया है जिसमें दावा किया गया है कि भारत सरकार ने फ्रांस की सरकार से सौदे में रिलायंस डिफेंस को साझेदार के रूप में नामित करने को कहा था। बकौल आलेख, उन्होंने कहा, हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है। भारत सरकार ने इस सर्विस ग्रुप का प्रस्ताव दिया और दसॉ ने अंबानी के साथ समझौता किया।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के बयान को शायद पूरे संदर्भ में देखने की जरूरत है, जहां फ्रांस की मीडिया ने पूर्व राष्ट्रपति के करीबी लोगों के हितों के टकराव का मुद्दा उठाया है।

मंत्रालय ने कहा, इस सबंध में उनके बाद के बयान भी प्रासंगिक हैं।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, सरकार ने पहले भी कहा था और दोबारा कह रही है कि रिलायंस डिफेंस के ऑफसेट साझेदार के रूप में चयन में इसकी कोई भूमिका नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि बताया जा रहा है कि रिलायंस डिफेंस और दसॉ एविएशन का संयुक्त उपक्रम फरवरी 2017 में अस्तित्व में आया।

मंत्रालय ने कहा, यह दो निजी कंपनियों के बीच पूरी तरह से वाणिज्यिक व्यवस्था है। संयोग से 2012 फरवरी की मीडिया रिपोर्ट बताती है कि दसॉ एविएशन ने, पूर्व सरकार द्वारा 126 विमान खरीद की सबसे कम बोली की घोषणा करने के दो सप्ताह के भीतर, रक्षा क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी का समझौता किया।

मंत्रालय ने कहा कि दसॉ एविएशन ने कहा एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि उसने कई कंपनियों के साथ साझेदारी का समझौता किया है और वह लगभग सौ अन्य कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू जेट खरीद के सौदे की घोषणा की थी और 2016 में इस सौदे पर हस्ताक्षर हुए थे।

संप्रग सरकार ने इससे पहले 126 राफेल जेट खरीद के सौदा पर बात की थी, जिनमें 18 उड़ान के लिए तैयार दशा में आने थे और 108 का विनिर्माण लाइसेंस के तहत एचएएल द्वारा किया जाना था।

--आईएएनएस

08:53 PM

राफेल मामले में विपक्ष के आरोप फर्जी थे, हैं और रहेंगे : राजनाथ

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिह ने शनिवार को राफेल सौदे पर विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि ये आरोप फर्जी हैं।

उन्होंने मीडिया से कहा, फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के बयान पर रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है कि इसकी जांच की जा रही है। मुझे लगता है कि सारे आरोप फर्जी थे, हैं और रहेंगे।

--आईएएनएस

07:46 PM
 इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

बेंगलुरु, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के तकनीकी मामलों की समीक्षा के लिए गठित मंत्री समूह के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जीएसटी ने अपने सॉफ्टवेयर वेंडर (प्रदाता) इन्फोसिस को व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए हुई मंत्रिसमूह की 10वीं बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमने जीएसटी परिषद के सुझाव के अनुसार नेटवर्क पर व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने को सरल बनाने के लिए इन्फोसिस को नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्रिसमूह के प्रमुख मोदी ने कहा, हमने अगले चार से छह महीने में नया सरलीकृत जीएसटी फार्म लागू करने की योजना बनाई है जिससे डीलर या व्यापारी को नेटवर्क के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का भुगतान करने में लाभ मिलेगा।

मंत्रिसमूह ने छोटे करदाताओं के लिए यूनीफॉर्म अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए देशभर से 18 कंपनियों को चिन्हित किया।

मोदी ने कहा, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी छोटे व्यापारियों को नया सॉफ्टवेयर प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी परिषद ने जैसाकि फैसला लिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां एक अक्टूबर से प्रभावी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर संग्रहित कर (टीसीएस) का भुगतान करेंगी।

केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 52 के तहत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर एक फीसदी तक राज्य जीएसटी और एक फीसदी केंद्रीय जीएसटी के लिए टीडीएस कटौती करनी है।

वहीं, 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर दो फीसदी समेकित जीएसटी की कटौती की जाएगी।

--आईएएनएस

10:55 PM
Stock Exchange
Live Cricket Score

Create Account



Log In Your Account