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दिल्ली में गतिरोध समाप्त, केजरीवाल धरना खत्म करेंगे

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। दिल्ली में आईएएस अधिकारियों द्वारा सरकारी बैठकों में शामिल होने का फैसला करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय-सह-आवास पर नौ दिनों से जारी धरने को समाप्त करने का फैसला किया है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संवाददाताओं को बताया, मंत्रियों द्वारा आज (मंगलवार) बुलाई गई बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

केजरीवाल अपने मंत्रिमंडलीय साथी गोपाल राय के साथ राज निवास में नौ दिन रुकने के बाद आज मंगलवार को राजनिवास छोड़ेंगे।

कथित रूप से हड़ताल पर चल रहे आईएएस अधिकारियों को उनकी सरकार की बैठक में शामिल होने की मांग को लेकर केजरीवाल सिसोदिया, मंत्रियों सत्येंद्र जैन और गोपाल राय के साथ 11 जून से राजनिवास में धरना दे रहे थे।

--आईएएनएस

06:47 PM

भाजपा ने कश्मीर में गठबंधन सरकार से नाता तोड़ा (लीड-2)

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के साथ गठबंधन समाप्त कर दिया और पीडीपी की अगुवाई वाली जम्मू एवं कश्मीर सरकार से इस्तीफा दे दिया।

भाजपा ने घाटी में आतंकवादी गतिविधियों व कट्टरवाद की बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा कि गठबंधन में बने रहना मुश्किल हो गया था।

जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी ने अचानक इस फैसले की घोषणा की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव राम माधव ने कहा कि उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता व अन्य नौ मंत्रियों ने राज्यपाल एन.एन.वोहरा व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राज्य के नेताओं को परामर्श के लिए तत्काल राष्ट्रीय राजधानी बुलाया गया था।

यह कदम ऐसे समय में आया है, जब 2019 के आम चुनाव में साल भर से भी कम समय बाकी है।

इस कदम से दो महीने पहले भाजपा ने कठुआ दुष्कर्म मामले में लोगों की नाराजगी को लेकर अपने उपमुख्यमंत्री को बदला था।

केंद्र सरकार के संघर्षविराम नहीं जारी रखने के फैसले के दो दिन बाद यह कदम सामने आया है।

राम माधव ने कहा, सरकार के बीते तीन सालों के कार्यो की समीक्षा करने व गृह मंत्रालय व एजेंसियों से परामर्श करने व प्रधानमंत्री व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से सलाह के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि जम्मू एवं कश्मीर में गठबंधन का आगे बढ़ना मुश्किल है।

राम माधव ने कहा, भाजपा के लिए जम्मू एवं कश्मीर में आज के समय में पैदा हुए हालात में गठबंधन में बने रहना मुश्किल हो गया है। घाटी में आतंकवाद व हिंसा बढ़ी है और कट्टरता तेजी से फैल रही है। घाटी में नागरिकों के मूल अधिकार और अभिव्यक्ति के अधिकार खतरे में हैं और श्रीनगर में दिनदहाड़े वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या इसका मिसाल है।

पीडीपी व भाजपा ने दिसंबर 2014 के चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में दो महीने से ज्यादा समय बाद गठबंधन सरकार का गठन किया था। जम्मू एवं कश्मीर की 89 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 25 व पीडीपी को 28 सीटें मिलीं थीं, जबकि नेशनल कांफ्रेस को 15 व कांग्रेस 12 सीटों पर जीत मिली थी। पीडीपी-भाजपा सरकार एक मार्च, 2015 को सत्ता में आई थी।

भाजपा नेता ने कहा कि गठबंधन कश्मीर में शांति बहाल करने की मंशा व राज्य के जम्मू एवं लद्दाख सहित सभी तीनों क्षेत्रों में तेजी से विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।

उन्होंने कहा, भाजपा ने एक अच्छी सरकार देने के लिए अपना बेहतरीन प्रयास किया। केंद्र ने 80,000 करोड़ रुपये का एक पैकेज दिया था। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य का कई बार दौरा किया और केंद्र सरकार ने कश्मीर में मुद्दों को हल करने के एक गंभीर प्रयास के तौर पर एक वार्ताकार की नियुक्ति की थी। सीमा पर भी हमने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए 4,000 बंकरों के निर्माण का कदम उठाया। राज्य सरकार जो भी चाहती थी हम उसे देने को तैयार थे।

लेकिन माधव ने कहा कि उन्हें दुख है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन में विफल रही और जम्मू एवं लद्दाख क्षेत्र के साथ भेदभाव की भावना जारी रही।

उन्होंने कहा, तीन साल के बाद आज हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि पूरे राष्ट्र के हित में जिसका जम्मू एवं कश्मीर अखंड हिस्सा है और देश की अखंडता व संप्रभुता के हित में सुरक्षा के बड़े हित को ध्यान में रखते हुए स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हमने यह फैसला किया है कि राज्य की मौजूदा स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए यह राज्य की सत्ता की बागडोर राज्यपाल (एन.एन.वोहरा) को थोड़े समय के लिए सौंपने का समय है। स्थिति के सुधरने के बाद हम विचार करेंगे कि भविष्य में क्या करना है और राजनीतिक प्रक्रिया को आगे ले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि संघर्षविराम की घोषणा केंद्र द्वारा राज्य में शांति लाने की मंशा से व रमजान के पवित्र महीने में कश्मीर के लोगों को राहत देने के लिए की गई थी।

उन्होंने कहा, हमें उम्मीद थी कि हमें हुर्रियत जैसी अलगाववादी ताकतों व आतंकवादियों से एक अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी। हमारी कोई मजबूरी नहीं थी। यह एक सद्भावना संकेत था और हमने इसे दृढ़ता से किया।

भाजपा नेता ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के बाद संघर्षविराम को बढ़ाने का कोई सवाल नहीं था। अगर आतंकवादी शहर में दाखिल होते हैं और उच्च सुरक्षा वाले इलाके में दिनदहाड़े बुखारी की हत्या करते हैं तो संघर्षविराम को जारी रखने का कोई सवाल नहीं है।

राम माधव ने यह भी कहा कि बीते तीन सालों में कट्टरवाद को रोकने के दौरान 600 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं।

उन्होंने कहा, आतंकवादियों के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा और इसके बारे में कोई संदेह नहीं है। इसी वजह से हम सरकार से बाहर जा रहे हैं।

सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दिए गए कारणों के अलावा सरकार से बाहर जाने का कोई अन्य कारण नहीं है। हम राज्य में अपनी जमीन खोने को लेकर चिंतित नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव में मिले जनादेश का सम्मान करने के लिए गठबंधन बना था और दोनों पार्टियां साथ आईं और सरकार चलाने की कोशिश कीं।

उन्होंने कहा कि राज्य अतीत में हिंसा बढ़ने और इस पर नियंत्रण की अवधि के दौरान ऐसी स्थिति का सामना करना कर चुका है।

उन्होंने कहा, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि वर्तमान हालात व परिस्थिति में हम सरकार में बने रहने में असमर्थ हैं।

--आईएएनएस

06:04 PM

कांग्रेस ने राहुल गांधी का जन्मदिन मनाया

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर जाकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनके 48वें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी।

पार्टी के समर्थकों ने इस अवसर पर अपनी खुशी का इजहार यहां अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य करके किया।

इसी तरह का दृश्य यहां 10 जनपथ रोड पर सोनिया गांधी के आवास के बाहर भी देखा गया, जहां कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर खुशियां मनाई।

सोनिया गांधी के आवास पहुंचने वाले नेताओं में वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह, ए.के. एंटनी, अंबिका सोनी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत और अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला, पी.सी. चाको शामिल थे।

पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी का यह पहला जन्मदिवस है।

राहुल का जन्म 1970 में हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर राहुल को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैं उनके लंबे और स्वस्थ्य जीवन की कामना करता हूं।

--आईएएनएस

05:54 PM

भाजपा ने कश्मीर को बर्बाद कर दिया : कांग्रेस

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर कश्मीर में स्थिति को चौपट करने और उसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार गठबंधन से नाता तोड़ने का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा, जो कुछ भी हुआ वह अच्छा हुआ। जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने कश्मीर को बर्बाद कर दिया और अब गठबंधन से हाथ पीछे खींच लिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पीडीपी के साथ कांग्रेस के गठबंधन का सवाल ही नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बीते चार वर्षो में आतंकवाद बढ़ने से जम्मू एवं कश्मीर में 373 सुरक्षाकर्मी और 239 नागरिक मारे गए।

उन्होंने कहा, भाजपा की सत्ता की भूख ने जम्मू एवं कश्मीर को आतंकवाद की आग में झोंक दिया। बीते चार वर्ष में 373 जवान और 239 नागरिक मारे गए।

सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा, इससे देश को क्या मिला?

उन्होंने कहा, अगर घर बर्बाद होने के बाद आपको ध्यान आता है, तो इसका क्या फायदा है? आपने खुद से ही घर में आग लगाई और उसके बाद एक तमाशाबीन बन गए। भाजपा ने नया खेल खेलने के लिए एक नया चोला ओढ़ा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने दावा किया था कि 2016 में की गई नोटबंदी से जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट गई है, लेकिन यह सच मालूम नहीं होता है।

उन्होंने कहा, क्या भाजपा ने नहीं बोला था कि नोटबंदी ने कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ दी है? तो फिर क्या हुआ?

--आईएएनएस

05:41 PM

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का जनादेश नहीं : उमर

श्रीनगर, 19 जून (आईएएनएस)। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी राज्य में सरकार बनाने का दावा नहीं पेश करेगी, क्योंकि उसके पास जनादेश नहीं है।

उन्होंने कहा, मैंने अभी राज्यपाल से मुलाकात की है। मैंने उनसे कहा कि एनसी के पास 2014 में जनादेश नहीं था और न ही 2018 में है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, हम सरकार बनाने के लिए किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं। हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया है। हम भी किसी से संपर्क नहीं करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति में राज्यपाल शासन लागू होना चाहिए, लेकिन यह लंबे समय तक के लिए नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, राज्य में राज्यपाल शासन लगाए जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हमने राज्यपाल से जल्द चुनाव कराने का आग्रह किया है, ताकि लोग फैसला कर सकें कि वे किसे राज्य की सत्ता में लाना चाहते हैं।

--आईएएनएस

05:24 PM

राज्यपाल शासन से कश्मीर में हालात सामान्य नहीं होंगे : ओवैसी

हैदराबाद, 19 जून (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को कहा कि पीडीपी नीत जम्मू एवं कश्मीर सरकार से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाहर होने का फैसला और संभावित राज्यपाल शासन लागू होने से राज्य में हालात सामान्य नहीं होंगे।

ओवैसी ने यहां संवाददाताओं से कहा, राज्यपाल शासन लागू होने के बाद भी हालात सामान्य नहीं होंगे..इससे अधिक दबाव पड़ेगा। भाजपा का वास्तविक एजेंडा अनुच्छेद 370 को रद्द करने का है। कोई भी कश्मीरी इसे मंजूर नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से कोई हमदर्दी नहीं है और उन्हें कश्मीर घाटी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और महबूबा के लिए कोई राजनीतिक भविष्य दिखाई नहीं देता। महबूबा ने भाजपा की घोषणा बाद इस्तीफा दे दिया।

--आईएएनएस

05:15 PM

कश्मीर में राज्यपाल शासन अपरिहार्य

श्रीनगर, 19 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार गिरने के बाद राज्य में मंगलवार से राज्यपाल शासन अपरिहार्य हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यहां राज भवन जाकर राज्यपाल एन.एन. वोहरा को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि गठबंधन से अलग होने के बाद भाजपा भ्रष्टाचार के लिए पीडीपी को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास करेगी।

कांग्रेस द्वारा नई सरकार के गठन के लिए पीडीपी को समर्थन देने के सवाल पर आजाद ने कहा, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता।

इसबीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल्ला ने पीडीपी को समर्थन देने की सभी संभावनाओं को खारिज कर दिया।

87 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2014 में चुनाव हुए थे, जिसमें पीडीपी को 28, नेशनल कांफ्रेंस को 15, भाजपा को 25, कांग्रेस को 12, पीपुल्स कांफ्रेंस को दो, माकपा, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट को एक-एक सीटें मिली थीं और तीन निर्दलीय निर्वाचित हुए थे।

--आईएएनएस

04:58 PM

ममता बनर्जी ने 48वें जन्मदिन पर राहुल को बधाई दी

कोलकाता, 19 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनके 48वें जन्मदिन पर बधाई दी।

ममता ने ट्वीट किया, जन्मदिन की आपको बहुत बधाई, राहुल गांधी।

--आईएएनएस

04:41 PM

केजरीवाल के धरने पर दाखिल पीआईएल पर तत्काल सुनवाई से इंकार

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक पीआईएल पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य के धरने को असंवैधानिक और अवैध घोषित करने के लिए दाखिल एक याचिका पर तेजी के साथ सुनवाई करे।

न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति इंदू मल्होत्रा की अवकाश पीठ ने कहा कि मामले पर सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद अदालत के दोबारा से खुलने के पहले दिन होगी। वहीं पीआईएल याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील शशांक देव सुधी ने अदालत को बताया कि यहां एक संवैधानिक संकट और खालीपन है। साथ ही प्रशासन अपंग हो चुका है।

पीआईएल याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सुधी और वकील हरिनाथ राम ने अवकाश पीठ को बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष मामले को सोमवार (18 जून) को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन अदालत ने इस पर 22 जून को सुनवाई के लिए टाल दिया।

उच्च न्यायालय को तुरंत मामले की सुनवाई का आदेश देने की मांग करते हुए सुधी ने पीठ को बताया कि राजनेता कानून से बड़े नहीं हैं और यहां कानून के शासन को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

उन्होंने अदालत के पहले वाले आदेश को संदर्भित किया, जिसमें हड़ताल को अवैध करार दिया गया था।

वकील ने कहा कि उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष आग्रह किया है कि दिल्ली सरकार में सेवारत नौकरशाहों द्वारा हड़ताल पर परस्पर-विरोधी दावों के लिए उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के खिलाफ झूठ बोलने की कार्यवाही शुरू की जाए।

--आईएएनएस

03:10 PM

केजरीवाल की तरफ से औपचारिक आश्वासन की प्रतीक्षा : आईएएस अधिकारी

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। दिल्ली के आईएएस अधिकारियों के एक समूह ने मंगलवार को कहा कि वे मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल की तरफ से सुरक्षा के मुद्दे पर औपचारिक आश्वासन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

हड़ताल पर नहीं होने की बात कहते हुए आईएएस एजीएमयूटी (अरुणाचल, गोवा, मिजोरम व केंद्र शासित प्रदेश) एसोसिएशन ने ट्वीट किया कि वे दिल्ली सचिवालय में एक बैठक के लिए तैयार हैं।

एसोसिएशन ने कहा, मुख्यमंत्री के भरोसे के संदर्भ में हम उनके साथ दिल्ली सचिवालय में एक बैठक के लिए औपचारिक सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हम फिर दोहरा रहे हैं किहम लगातार काम कर रहे हैं।

केजरीवाल द्वारा आईएएस अधिकारियों की सुरक्षा व गरिमा का भरोसा दिए जाने के एक दिन बाद दिल्ली में आईएएस अधिकारियों ने सोमवार को कहा था कि दिल्ली में गतिरोध समाप्त करने के लिए वे चर्चा के लिए तैयार हैं।

केजरीवाल ने रविवार को कहा था, मैं उन्हें भरोसा देना चाहता हूं कि मैं अपनी पूरी क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के साथ उनकी सुरक्षा करूंगा। मैंने इसी तरह का भरोसा पहले भी मुझसे निजी तौर पर मिलने आए कई अधिकारियों को दिया है।

केजरीवाल 11 जून से राज निवास के प्रतीक्षा कक्ष में दिल्ली प्रशासन में काम कर रहे आईएएस अधिकारियों को अपनी अघोषित हड़ताल खत्म करने का निर्देश देने और गरीबों को घर-घर राशन पहुंचाने की अपनी सरकार की योजना को मंजूरी दिए जाने की मांग को लेकर धरने पर हैं।

--आईएएनएस

02:54 PM
 गूगल ने मैप्स से उबर राइड बुक करने का फीचर हटाया

गूगल ने मैप्स से उबर राइड बुक करने का फीचर हटाया

सैन फ्रांसिस्को, 19 जून (आईएएनएस)। बताया जा रहा है कि गूगल ने अपने गूगल मैप के अंदर से उबर राइड बुक करने की सुविधा खत्म कर दी है और इसका कोई कारण नहीं बताया है।

इस फीचर को गूगल मैप में पिछले साल जनवरी में जोड़ा गया था, इसके माध्यम से यूजर्स गंतव्य की इंट्री कर उबर का किराया पता लगकार सीधे मैप एप से ही राउड बुक कर सकते थे और उन्हें मैप बंद कर उबर एप को खोलने या उबर एप को इंस्टाल रखने की जरूरत नहीं होती थी।

एंड्रायड पुलिस की सोमवार देर रात की रिपोर्ट में कहा गया कि गूगल मैप्स हेल्प पेज पर गूगल ने केवल इतना कहा है, अब आप उबर राइड्स सीधे गूगल मैप्स से बुक नहीं कर सकते हैं।

गूगल मैप्स के इस कदम से अब यूजर्स को उबर राउड बुक करने के लिए उबर एप को इंस्टाल करना पड़ेगा, जिसकी आक्रामक लोकेशन ट्रैकिंग को लेकर आलोचना होती रही है।

--आईएएनएस

07:10 PM
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