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रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट मैनेजमेंट लि. ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है और कंपनी ने शेयरधारकों को पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने घोषणा की है।

यहां जारी बयान में रिलांयस म्यूचुअल फंड की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने कहा है कि 31 दिसंबर, 2017 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 130 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी है।

समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का राजस्व 470 करोड़ रुपये रहा, जोकि साल-दर-साल आधार पर 31 फीसदी की बढ़ोतरी है।

कंपनी के निदेशक मंडल ने पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने की घोषणा की है।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप सिक्का के हवाले से बयान में कहा गया है, हम लाभप्रद विकास की तरफ ध्यान जारी रखेंगे और भारत आ रहे खुदरा निवेशकों और विदेशी निवेशकों से पूंजी बाजार में सबसे अधिक हिस्सा प्राप्त करेंगे।

2017 के 31 दिसंबर तक कंपनी के प्रबंधन में 3,87,871 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थीं।

--आईएएनएस

09:33 PM

बंगाल में दबाव, धमकी नहीं, सिर्फ प्यार है : ममता

कोलकाता, 16 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल को लेकर निवेशकों के मन में छवि सुधारने तथा पूंजी निवेश को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि राज्य के लोग अपने दिल को भारतीय और विदेशी उद्योगपतियों को समर्पित करेंगे, अगर वे राज्य में पूंजी निवेश करते हैं।

उन्होंने उद्योगपतियों को यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में कोई दवाब, भेदभाव, और धमकी का माहौल नहीं है और बंगाल में उनके लिए केवल प्रेम और स्नेह है।

उन्होंने कहा, अगर आप बंगाल में निवेश करेंगे, तो राज्य आपको सबकुछ देगा। हम निवेश नहीं कर सकते, लेकिन अपना दिल और अपने आप को आपको समर्पित कर सकते हैं।

बनर्जी ने कहा, हम भारत और भारत की एकता से प्यार करते हैं। हम सहिष्णु हैं। आपको बंगाल में निवेश करना चाहिए। यह राज्य पूरी दुनिया से निवेश आकर्षित कर रहा है, जैसा पहले कभी नहीं था। यहां कोई दवाब, भेदभाव या धमकी नहीं है.. यहां केवल स्नेह, प्रेम और आकर्षण है।

बंगाल व्यापार सम्मेलन में कई जानेमाने उद्योगपतियों ने भाग लिया, जिसमें आर्सेलर मित्तल के एल. एन. मित्तल, जेएसडब्ल्यू स्टील के सज्जन जिंदल, फ्यूचर समूह के किशोर बियानी, कोटक समूह के प्रमुख उदय कोटक और आरपी-संजीव गोयनका समूह के अध्यक्ष संजीव गोयनका प्रमुख थे।

इसके अलावा सम्मेलन में क्रेज रिपब्लिक, फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, इटली, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

--आईएएनएस

09:33 PM

व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने 95 के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को करोड़ों रुपये के व्यापम परीक्षा घोटाले के 2011 के प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) मामले से जुड़े 95 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।

सीबीआई के आरोपपत्र में साल 2011 में व्यापमं द्वारा संचालित संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-3 में हुई अनियमितता से जुड़े 83 परीक्षार्थियों, चार व्यापमं अधिकारियों और आठ दलालों के नाम हैं।

व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) में 2013 में घोटाला सामने आया था, जब परीक्षार्थियों ने अधिकारियों को रिश्वत देकर खुद की कॉपियां दूसरों से लिखवाईं थीं।

यह घोटाला 1995 में शुरू हुआ था, जिसमें नेता, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारी शामिल थे।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले को 2015 में 9 जुलाई को अपने हाथ में लिया था।

यह आरोपपत्र 2011 के प्री-मेडिकल टेस्ट से संबंधित है, जो व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितताओं के कई मामलों में से एक है।

सीबीआई के आरोपपत्र के मुताबिक, व्यापमं के तत्कालीन प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट के कंप्यूटर के हार्ड डिस्क से पता चलता है कि अंतिम परिणाम में कई उम्मीदवारों के नंबर बढ़ा दिए गए थे, ताकि वे परीक्षा पास कर जाएं।

--आईएएनएस

09:33 PM

बजट में पल्प आयात पर 10 फीसदी सीमा शुल्क की मांग

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। उद्योग मंडल एसोचैम ने केंद्र सरकार से हार्डवुड केमिकल पल्प और ब्लीच्ड केमी-थर्मो मैकेनिकल पल्प के आयात पर 10 फीसदी सीमा शुल्क लगाने की मांग की, ताकि घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन मिल सके।

उद्योग मंडल ने मंगलवार को एक बयान में कहा, इस कदम से नौकरी सृजन को बढ़ावा मिलेगा और देश के विशाल ग्रामीण इलाके की पल्पवुड बागानों के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

उद्योग संगठन ने सरकार को बजट-पूर्व भेजी सिफारिशों में कहा है, इस कदम से भारतीय लुगदी और कागज उद्योग के लिए आवश्यक फाइबर के स्थायी तों को विकसित करने में मदद मिलेगी।

बयान में कहा गया है, अनुमान के मुताबिक, भारत में सालाना 12.5 लाख टन पल्प का आयात किया जाता है, जिसका मूल्य 71 करोड़ डॉलर (4,600 करोड़ रुपये) होता है।

सरकार ने साल 2012 के मई में पल्प पर से सीमा शुल्क हटा लिया था। एसोचैम के मुताबिक, इससे सरकार को हर साल 245 करोड़ रुपये सीमा शुल्क का नुकसान हो रहा है।

एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, कागज और पेपरबोर्ड उद्योग के लिए कच्चे माल का निर्माण करनेवाली बागवानी से पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

--आईएएनएस

08:12 PM

रियल एस्टेट आ सकता है जीएसटी के अधीन : विशेषज्ञ

मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। संपत्ति के लेनदेन में पारदर्शिता लाने के लिए जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद आगामी एक अप्रैल से रियल एस्टेट क्षेत्र को एकीकृत अप्रत्यक्ष कर शासन जीएसटी के दायरे में ला सकती है। एक विशेषज्ञ ने यह जानकारी दी है।

सीबीईसी (केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड) के पूर्व-सदस्य वी. एस. कृष्णन ने बिजनेस न्यूज चैनल बीटीवीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, इसे एक अप्रैल से लागू किया जा सकता है, और इसे लागू करने के लिए विधायी परिवर्तन इसी सत्र (बजट) में किया जा सकता है।

कृष्णन ने कहा कि एक समन्वित सेवा के रूप में इस क्षेत्र को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

कृष्णन ने बीटीवीआई से कहा, जमीन कोई सेवा नहीं हो सकती, लेकिन आवासीय निर्माण के लिए आपके पास भूमि का अधिकार हो सकता है.. इसलिए इसे एक सेवा के रूप में माना जा सकता है।

उन्होंने कहा, इसके जीएसटी में शामिल होने से समूचा लेनदेन पारदर्शी हो जाएगा.. इसका मतलब है कि नोटबंदी के बाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.. संगठित कंपनियां इसका स्वागत करेंगी।

कृष्णन ने आगे कहा कि क्षेत्र पर लागू की जानेवाली जीएसटी दरें ज्यादा अधिक नहीं होंगी, क्योंकि रियल एस्टेट क्षेत्र किफायती आवास से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, सरकार इस क्षेत्र पर 12 फीसदी जीएसटी लागू कर सकती है। इससे विदेशी निवेशकों को भी इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली में गुरुवार को होनेवाली जीएसटी परिषद की अगली बैठक में इस पर चर्चा की जा सकती है।

--आईएएनएस

07:44 PM

पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी सुधारने पर 10743 करोड़ रुपये का निवेश होगा

गुवाहाटी, 16 जनवरी (आईएएनएस)। सरकार ने मंगलवार को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में दूरसंचार नेटवर्क सुधारने पर 10,743 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके तहत क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्गो पर भी दूरसंचार नेटवर्क मुहैया कराया जाएगा।

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री जयंत सिन्हा ने यह घोषणा गुवाहाटी में भारतनेट और पूर्वोत्तर क्षेत्र की अन्य प्रमुख दूरसंचार परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान की।

सिन्हा ने कहा, पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न परियोजनाओं पर 10,743 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा सके। मुझे उम्मीद है कि इनमें से ज्यादातर परियोजनाएं दिसंबर (2018) तक पूरी हो जाएंगी।

उन्होंने कहा, दूरसंचार आयोग ने हाल की बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों में भारतनेट परियोजना को लागू करने ेके लिए एक व्यापक रणनीति को मंजूरी दी है। इसके तहत पूर्वोत्तर के 4,240 ग्राम पंचायतों को दिसंबर तक ब्राडबैंड और सैटेलाइट कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि व्यापक दूरसंचार विकास परियोजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र में 6,673 टॉवर लगाए जाएंगे, जिससे 8,621 गांवों और राष्ट्रीय राजमार्गो को कनेक्टिविटी मिलेगी।

--आईएएनएस

07:41 PM

देश के मुद्दों पर विदेश में चर्चा करना अपरिपक्वता : राजनाथ (लीड-1)

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कांग्रेस द्वारा राष्ट्र के मुद्दों को विदेश में उठाने के कदम को अपरिपक्वता बताया और कहा कि यही वजह है कि लोग विपक्षी दल (कांग्रेस) को खारिज कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई की कार्यकारिणी की बैठक में कार्यकर्ताओं को अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर राष्ट्रीय मुद्दों को ले जाकर कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी अपरिपक्वता दिखाई है और लोग कांग्रेस को लगातार चुनावों में खारिज कर रहे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष राहुला गांधी के हाल के बहरीन दौरे का जिक्र कर रहे थे, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि भारत में रोजगार सृजन आठ वर्षो में निचले स्तर पर है।

बहरीन में भारतीय प्रवासियों को अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार के तहत भारत दो खतरों का सामना कर रहा है, इसमें रोजगार सृजन में अक्षमता व घृणा व विभाजकारी ताकतों का उभार शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की प्रशंसा करते हुए गृहमंत्री ने कहा, दोनों में अनुकरणीय संगठनात्मक कौशल है और इसका परिणाम दिख रहा है। अब हमारी 19 राज्यों में सरकारें हैं।

टकराव की राजनीति को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए गृहमंत्री ने कहा, केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार को सभी तरह का समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन यह दुखद है कि दिल्ली सरकार द्वारा की जा रही टकराव की राजनीति बाधा बनी हुई है।

राजनाथ सिंह ने कहा, हम चाहते हैं कि टकराव की राजनीति से दूर रहे।

उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में सीलिंग के संकट को हल करने का आश्वासन दिया।

गृहमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों का विश्वास हासिल करने व जमीनी स्तर पर कार्य सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, हमें राजनीति में सब चलता है का रवैया छोड़ना होगा।

उन्होंने कहा, हमें समाज को बेहतर बनाने के लिए कार्य करने की जरूरत है।

केंद्र सरकार के कामकाज की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, दुनिया व देश के लोगों का मानना है कि भारत में शासन के लिए भाजपा बेहतरीन पार्टी है। एक अंतर्राष्ट्रीय सर्वे में सामने आया है कि 88 फीसदी मानते हैं कि मोदी भारत के बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं..जबकि 70 फीसदी ने भाजपा को बेहतरीन राजनीतिक पार्टी के तौर पर रेटिंग दी है।

राजनाथ सिंह पीयू रिसर्च सेंटर के एक सर्वेक्षण का जिक्र कर रहे थे जिसे 2464 भारतीय पर किया गया था।

उन्होंने कहा भारत स्थिर जीडीपी के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। दुनिया में निवेशक भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।

उन्होंने कहा, मौजूदा समय में हमारे पास सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, मैं खुद जमीनी स्तर से उभर कर आया हूं व समझता हूं कि दिल्ली में सबसे कुशल राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से उनके राजनीतिक नैतिक अधिकार को बढ़ाने व राजनीति को जनता के सेवा का माध्यम बनाने की अपील करता हूं।

उन्होंने जोर दिया कि भाजपा एक कैडर आधारित पार्टी है और निस्वार्थ व मेहनती नेतृत्व ने इसे 70 सालों में उभारा है। उन्होंने कहा कि हमें इस नेतृत्व के दिशा-निर्देश का पालन करना है।

--आईएएनएस

07:35 PM

गोवा : मंत्री ने कर्नाटक सरकार को झूठा बताया

पणजी, 16 जनवरी (आईएएनएस)। कन्नड़ लोगों को हरामी कहने के कुछ दिनों बाद गोवा के जल संसाधन मंत्री विनोद पालिनकर ने मंगलवार को महादेई जल विवाद को लेकर कर्नाटक सरकार पर आदतन झूठ बोलने का आरोप लगाया।

पालिनकर ने मंगलवार को फेसबुक पर अपलोड किए एक पोस्ट में कर्नाटक सरकार पर अपने विशेषज्ञ गवाह को न्यायाधिकरण के सामने पेश होने से पहले भुगतान करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने अनुचित करार दिया।

पालिनकर ने कहा, कर्नाटक के डब्ल्यूआरडी मंत्री ने कहा कि उन्होंने किसी चीज का उल्लंघन नहीं किया है। कर्नाटक सरकार को महादेई मुद्दे पर झूठ बोलने की आदत है। हम तस्वीरों के साक्ष्य के साथ अवमानना दाखिल करेंगे।

उन्होंने आगे अपनी पोस्ट में कहा, गोवा कभी अपने गवाहों को भुगतान नहीं करता। हमारे गवाह महादेई मामले को ध्यान में रखकर काम करते हैं। कर्नाटक के गवाह ए.के.गोसाई ने कबूल किया कि उन्हें 50 हजार प्रतिदिन कर्नाटक सरकार की तरफ से गवाह बनने के लिए भुगतान किया गया है और पांच लाख रुपये रिपोर्ट तैयार करने के लिए।

फेसबुक पोस्ट में कर्नाटक जल संसाधन विभाग के विशेष कार्य अधिकारी एम.सतीश कुमार द्वारा हस्ताक्षरित एक नोट की छायाप्रति भी है, जिसमें अधिकारी न्यायाधिकरण के समक्ष प्रासंगिक रिपोर्ट रखने के लिए विशेषज्ञ के तौर पर प्रोफेसर ए.के.गोसाईं को भुगतान करने की बात कहते हैं।

पालिनकर ने शनिवार को कन्नड़ लोगों को हरामी कह कर विवाद खड़ा कर दिया था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया व कर्नाटक के पूर्व भाजपा नेता बी.एस. येदियुरप्पा ने गोवा के मंत्री के बयान की निंदा की। इसके बाद मंत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली।

गोवा, कर्नाटक व महाराष्ट्र में महादेई नदी पर कलसा-भंडुरा बांध परियोजना को लेकर न्यायाधिकरण में विवाद चल रहा है, कर्नाटक महादेई बेसिन से पानी पास के मालप्रभा नदी में मोड़ना चाहता है।

महादेई नदी को मंडोवी के नाम से भी जानते हैं। यह तटीय राज्य के उत्तरी हिस्से की जीवन रेखा मानी जाती है। इसका उद्गम स्थल कर्नाटक है और पणजी गोवा में यह अरब सागर में मिल जाती है।

नदी का 28.8 किमी हिस्सा कर्नाटक में और 50 किमी से ज्यादा हिस्सा गोवा में पड़ता है।

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बीते महीने येदियुरप्पा को एक पत्र लिखा था, जिसमें उनसे मानवीय आधार पर पीने के पानी की साझेदारी की चर्चा की बात कही थी। इसे लेकर गोवा व कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

--आईएएनएस

07:08 PM

कैनन इंडिया ने 6 नए प्रिंटर उतारे

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2017 में दोहरे अंकों का उल्लेखनीय विकास हासिल करने के बाद कैनन इंडिया ने मंगलवार को भारतीय बाजार में छह नए प्रिंटर लांच किए। ये प्रिंटर पिक्समा जी इंक टैंक सीरीज के तहत उतारे गए हैं।

नए पिक्समा जी सीरीज के तहत 8,195 रुपये से लेकर 17,425 रुपये तक के रेंज में प्रिंटर लांच किए गए हैं, जिसमें जी 1010, जी 2010, जी 2012, जी 3010, जी 3012 और जी 4010 शामिल हैं।

कैनन इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी काजुतदा कोबायाशी ने यहां संवाददाताओं से कहा, नई पिक्समा जी सीरीज के प्रिंटर की यह पेशकश उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला प्रिंटिंग अनुभव मुहैया कराने की एक और कोशिश है। इसके साथ कम लागत, उच्च प्रदर्शन वाली प्रिंटिंग और मशीन का ज्यादा चलना (टिकना) भी शामिल है।

पिक्समा जी सीरीज के प्रत्येक प्रिंटर में सामने की ओर टैंक बने हुए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर भरा जा सकता है।

इससे स्याही की मात्रा पर नजर रखना आसान होता है और जब कभी जरूरत हो, देखा जा सकता है। स्याही की ये बोतलें एक ऐसे टॉप के साथ हैं, जिससे अंदर की स्याही छलकती नहीं है।

प्रिंटर का स्थायित्व भी बेहतर है, इससे ज्यादा प्रिंटिंग की आवश्यकता वाले कारोबारों को प्रिंटर कम समय खराब रहने का लाभ मिलेगा।

कैनन के हाईब्रिड इंक सिस्टम के साथ नए प्रिंटर इस तरह बनाए गए हैं कि उच्च रिजोल्यूशन वाली तस्वीरें बेजोड़ फोटो क्वालिटी में प्रिंट कर सकें, ताकि जीवंत तस्वीरें हासिल हों और लिखे हुए दस्तावेज पढ़ने में बिल्कुल साफ हों।

कोबायाशी ने कहा, हमारी उत्पाद संभावनाओं में लगातार नवीनता और बेहतरी होते रहने के कारण हम पिछले दो दशक के दौरान अपने ग्राहकों का भरोसा जीतने में कामयाब रहे हैं। हमें यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि 2017 में हमारा विकास दो अंकों में हुआ है और इस सफलता का श्रेय हमारे प्रमुख हितधारकों के निरंतर समर्थन को है।

नई कैनन पिक्समा जी सीरीज में एकीकृत इंकटैंक लगे हुए हैं। इससे प्रिंटर की चौड़ाई काफी कम हो गई है और उपभोक्ता को स्याही खूब अच्छी तरह दिखाई देती है। स्याही की बोतलें इस तरह डिजाइन की गई हैं कि इनसे स्याही का छलकना, गिरना या लीक करना संभव नहीं है। घर पर आसान उपयोग का आश्वासन देने वाले ये प्रिंटर इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इसमें रख-रखाव का खर्च कम है और कनेक्टिविटी बेहतर की गई है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली बिना बॉर्डर की पूरी प्रिंटिंग संभव है।

कैनन इंडिया के उपाध्यक्ष (कंज्यूमर इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सेंटर) एड्डी युडागावा ने कहा, जी श्रृंखला के नए प्रिंटर अपनी बेहतर खासियतों के साथ किफायती कीमत पर उच्च उत्पादकता मुहैया कराते हैं और इस तरह यह छात्र, घर और छोटे ऑफिस के लिए एकदम उपयुक्त समाधान है।

कैनन इंडिया के निदेशक (कंज्यूमर सिस्टम प्रोडक्ट्स) सी सुकुमारन ने कहा, हमारी नई जी श्रृंखला कई अन्य खासियतों के साथ डायरेक्ट मोबाइल प्रिंटिंग संभव करती है। इससे आते-जाते प्रिंट करना संभव होता है। ज्यादा प्रिंट की जरूरत वाले कारोबारों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नई पिक्समा जी सीरीज स्याही की चार बोतल के बंडल सेट से 6000 ब्लैक एंड व्हाइट और 7000 कलर प्रिंट देने में सक्षम है। इंक कार्टरिज को बदलने की आवश्यकता के बगैर कारोबार इंक सप्लाई की लागत कम कर सकते हैं साथ ही उपकरण के रख-रखाव में उन्हें कम समय लगाने की आवश्यकता होगी।

--आईएएनएस

05:48 PM

पतंजलि ऑनलाइन, अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट, 1एमजी से करार (लीड-1)

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। देश के एफएमसीजी (तेज खपत उपभोक्ता वस्तु) के कारोबार में अपने पदचिन्ह का विस्तार करते हुए बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने मंगलवार को अपना ई-कॉमर्स प्लेटफार्म लांच किया, जिसका टैगलाइन हरिद्वार टू हर द्वार रखा गया है।

साथ ही पतंजलि ने अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए प्रमुख ई-रिटेलरों और एग्रीगेटरों के साथ भागीदारी की घोषणा की है, जिसमें अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट, ग्रोफर्स, 1एमजी, नेटमेड्स, शॉपक्लूज और पेटीएम मॉल शामिल हैं।

ई-कॉमर्स प्लेटफार्म डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट पतंजलिआयुर्वेद डॉट नेट को लांच करते हुए रामदेव ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री से अच्छा लाभ मिला है, जिससे कंपनी की बिक्री दिसंबर में 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गई है।

रामदेव ने लांचिंग के मौके पर कहा, हम पतंजलि उत्पादों का प्रतिदिन 10 लाख से अधिक लोगों तक डिलिवरी करने में सफल रहे हैं।

कंपनी ने अनुमान लगाया है कि उसके कुल कारोबार में ऑनलाइन बिक्री का योगदान 15 फीसदी होगा।

वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कंपनी को बधाई देते हुए ट्वीट किया, बधाई हो योगी श्री रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, विजयशेखर (पेटीएम के संस्थापक) को अल्प समय में शीर्ष एफएमसीजी के रूप में उभरने के लिए बधाई। हम विश्व स्तर पर आयुर्वेद के निर्यात को बढ़ावा देंगे।

पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. पी. आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ सहयोग की नई व्यवस्था कायम की गई है। कंपनी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी, जिसमें युवा शामिल हैं, जो ऑनलाइन खरीदारी करना पसंद करते हैं।

रामदेव ने कहा कि कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता 50,000 करोड़ रुपये मूल्य की है।

उन्होंने कहा, हरिद्वार और तेजपुर में बड़ी इकाइयों का परिचालन जारी है, इसके अलावा नोएडा, नागपुर और इंदौर में भी इकाइयां शुरू होने जा रही हैं, जिनका काम तेजी से जारी है।

रामदेव ने कहा कि निर्यात की मांग पूरी करने के लिए कंपनी ने सौ फीसदी निर्यातोन्मुख इकाइयों की स्थापना की है, जो मिहान सेज (विशेष आर्थिक क्षेत्र) और नागपुर (महाराष्ट्र) में हैं।

कंपनी के मुताबिक, पतंजलि के स्वदेशी उत्पादों का संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीकी देशों को निर्यात किया जाता है।

इस भागीदारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेजन इंडिया के उपाध्यक्ष (श्रेणी प्रबंधन) मनीष तिवारी ने कहा, हम एक शानदार ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव के साथ ग्राहकों को अनूठे उत्पाद मुहैया कराने के उद्देश्य से भारत में विकसित ब्रांडों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, अगले 3-4 सालों के लिए हमारे लिए एफएमसीजी और ग्रासरी मुख्य प्राथमिकता के क्षेत्र हैं। हरिद्वार से हर द्वार तक फ्लिपकार्ट के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है, जो कि शीर्ष गुणवत्ता के उत्पाद ग्राहकों को सर्वोत्तम मूल्य पर उपलब्ध कराना है। इसलिए इस भागीदारी से ग्राहकों को काफी फायदा होगा।

इस करार पर टिप्पणी करते हुए 1एमजी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत टंडन ने कहा, हमारा उद्देश्य ग्राहकों को स्वस्थ और बेहतर जीवन के लिए बेहतरीन सूचनाएं, उत्पाद और सेवाएं मुहैया कराना है। देश के सबसे बड़े ई-हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म होने के नाते हमारा विश्वास है कि पतंजलि के साथ रणनीतिक साझेदारी गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पादों और सही सूचना के प्रति ग्राहकों में जागरूकता पैदा करेगी।

उन्होंने आगे कहा, आयुर्वेद की क्षमता को जबरदस्त बढ़ावा देने वाली पतंजलि की बाजार में मजबूत स्थिति से आयुर्वेद लोगों की जीवनशैली और स्वास्थ्य का हिस्सा बन रहा है। पतंजलि परिवार में डिजिटल पार्टनर के रूप में शामिल होकर हमें बेहद खुशी हो रही है और इस क्षेत्र में साथ-साथ आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं।

--आईएएनएस

05:17 PM
 रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट मैनेजमेंट लि. ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है और कंपनी ने शेयरधारकों को पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने घोषणा की है।

यहां जारी बयान में रिलांयस म्यूचुअल फंड की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने कहा है कि 31 दिसंबर, 2017 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 130 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी है।

समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का राजस्व 470 करोड़ रुपये रहा, जोकि साल-दर-साल आधार पर 31 फीसदी की बढ़ोतरी है।

कंपनी के निदेशक मंडल ने पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने की घोषणा की है।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप सिक्का के हवाले से बयान में कहा गया है, हम लाभप्रद विकास की तरफ ध्यान जारी रखेंगे और भारत आ रहे खुदरा निवेशकों और विदेशी निवेशकों से पूंजी बाजार में सबसे अधिक हिस्सा प्राप्त करेंगे।

2017 के 31 दिसंबर तक कंपनी के प्रबंधन में 3,87,871 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थीं।

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