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इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

बेंगलुरु, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के तकनीकी मामलों की समीक्षा के लिए गठित मंत्री समूह के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जीएसटी ने अपने सॉफ्टवेयर वेंडर (प्रदाता) इन्फोसिस को व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए हुई मंत्रिसमूह की 10वीं बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमने जीएसटी परिषद के सुझाव के अनुसार नेटवर्क पर व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने को सरल बनाने के लिए इन्फोसिस को नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्रिसमूह के प्रमुख मोदी ने कहा, हमने अगले चार से छह महीने में नया सरलीकृत जीएसटी फार्म लागू करने की योजना बनाई है जिससे डीलर या व्यापारी को नेटवर्क के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का भुगतान करने में लाभ मिलेगा।

मंत्रिसमूह ने छोटे करदाताओं के लिए यूनीफॉर्म अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए देशभर से 18 कंपनियों को चिन्हित किया।

मोदी ने कहा, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी छोटे व्यापारियों को नया सॉफ्टवेयर प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी परिषद ने जैसाकि फैसला लिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां एक अक्टूबर से प्रभावी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर संग्रहित कर (टीसीएस) का भुगतान करेंगी।

केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 52 के तहत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर एक फीसदी तक राज्य जीएसटी और एक फीसदी केंद्रीय जीएसटी के लिए टीडीएस कटौती करनी है।

वहीं, 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर दो फीसदी समेकित जीएसटी की कटौती की जाएगी।

--आईएएनएस

10:55 PM

ए. के. चौधरी बने सेल के नए चेयरमैन

मुंबई, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। अनिल कुमार चौधरी ने शनिवार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के चेयरमैन (अध्यक्ष) का पदभार ग्रहण किया। यह जानकारी कंपनी ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की फाइलिंग में दी।

अनिल कुमार चौधरी देश के सबसे बड़े स्टील विनिर्माता कंपनी में 2011 से निदेशक (वित्त) के तौर पर अपनी सेवा दे रहे थे। उन्होंने पी. के. सिंह का स्थान ग्रहण किया है जो 30 जून को ही अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए।

कानून और प्रबंधन में दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट चौधरी ने लंदन के रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में वित्तीय प्रबंधन की पढ़ाई की है।

चौधरी को स्टील सेक्टर में 34 साल का अनुभव है और उन्हें विभिन्न संस्थानों व निकायों द्वारा कई अवार्ड से नवाजा गया है।

कंपनी ने बताया कि उन्हें वित्त और वित्तीय प्रबंधन में हैदराबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइज की ओर से 2012 और 2013 में दो बार कॉरपोरेट एक्सीलेंस अवार्ड मिला।

बतौर निदेशक (वित्त) उनके कार्यकाल में कंपनी को 2014 और 2017 के लिए कॉस्ट मैनेजमेंट में एक्सीलेंस अवार्ड मिला।

--आईएएनएस

10:47 PM

टाटा स्टील उषा मार्टिन के स्टील कारोबार का अधिग्रहण करेगा

कोलकाता, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। टाटा स्टील लिमिटेड (टीएसएल) ने शनिवार को कहा कि कर्ज तले दबे उषा मार्टिन के स्टील कारोबार का अधिग्रहण करने के लिए निर्णायक करार किया गया है। कंपनी ने कहा कि यह करार जैसा है जहां के आधार पर बिक्री में गिरावट के जरिए 4,300-4,700 करोड़ रुपये के बीच हुआ है।

टीएसएल ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा, जैसा है जहां के आधार पर बिक्री में गिरावट के जरिए उषा मार्टिन लिमिटेड (यूएमएल) के स्टील कारोबार का अधिग्रहण करने के लिए निर्णायक करार किया गया है।

कंपनी ने कहा, यूएमएल के स्टील कारोबार का अधिग्रहण 4,300-4,700 करोड़ रुपये के अंतिम लेन-देन के अधीन होगा।

अधिग्रहण अगले छह से नौ महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

09:25 PM

राफेल सौदे में निजी कंपनी के चयन में सरकार की कोई भूमिका नहीं : रक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन के ऑफसेट साझेदार के तौर पर भारत की निजी कंपनी के चयन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि यह मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) का वाणिज्यिक फैसला था जोकि 2012 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय ही लिया गया था।

सौदे को लेकर विवाद के जोर पकड़ने पर रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दसॉ के ऑफसेट साझेदार के तौर पर रिलायंस डिफेंस के चयन के संबंध में कथित तौर पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद द्वारा दिए गए बयान को लेकर मीडिया में आई रिपोर्ट के बाद अनावश्यक बहस की कोशिश हो रही है।

मंत्रालय का यह बयान मीडिया की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया है कि राफेल सौदे के ऑफसेट ठेके के लिए भारत की निजी कंपनी का नाम भारत सरकार ने सुझाया था।

फ्रांस की एक वेबसाइट ने अपने आलेख में ओलांद के बयान का जिक्र किया है जिसमें दावा किया गया है कि भारत सरकार ने फ्रांस की सरकार से सौदे में रिलायंस डिफेंस को साझेदार के रूप में नामित करने को कहा था। बकौल आलेख, उन्होंने कहा, हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है। भारत सरकार ने इस सर्विस ग्रुप का प्रस्ताव दिया और दसॉ ने अंबानी के साथ समझौता किया।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के बयान को शायद पूरे संदर्भ में देखने की जरूरत है, जहां फ्रांस की मीडिया ने पूर्व राष्ट्रपति के करीबी लोगों के हितों के टकराव का मुद्दा उठाया है।

मंत्रालय ने कहा, इस सबंध में उनके बाद के बयान भी प्रासंगिक हैं।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, सरकार ने पहले भी कहा था और दोबारा कह रही है कि रिलायंस डिफेंस के ऑफसेट साझेदार के रूप में चयन में इसकी कोई भूमिका नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि बताया जा रहा है कि रिलायंस डिफेंस और दसॉ एविएशन का संयुक्त उपक्रम फरवरी 2017 में अस्तित्व में आया।

मंत्रालय ने कहा, यह दो निजी कंपनियों के बीच पूरी तरह से वाणिज्यिक व्यवस्था है। संयोग से 2012 फरवरी की मीडिया रिपोर्ट बताती है कि दसॉ एविएशन ने, पूर्व सरकार द्वारा 126 विमान खरीद की सबसे कम बोली की घोषणा करने के दो सप्ताह के भीतर, रक्षा क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी का समझौता किया।

मंत्रालय ने कहा कि दसॉ एविएशन ने कहा एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि उसने कई कंपनियों के साथ साझेदारी का समझौता किया है और वह लगभग सौ अन्य कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू जेट खरीद के सौदे की घोषणा की थी और 2016 में इस सौदे पर हस्ताक्षर हुए थे।

संप्रग सरकार ने इससे पहले 126 राफेल जेट खरीद के सौदा पर बात की थी, जिनमें 18 उड़ान के लिए तैयार दशा में आने थे और 108 का विनिर्माण लाइसेंस के तहत एचएएल द्वारा किया जाना था।

--आईएएनएस

08:53 PM

पेट्रोल के दाम में वृद्धि जारी

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। पेट्रोल के दाम में शनिवार को लगातार तीसरे दिन वृद्धि जारी रही, जबकि डीजल की कीमत स्थिर रही।

दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 12 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मुंबई में 11 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ।

दिल्ली और मुंबई में शनिवार को पेट्रोल की कीमतें क्रमश: 82.44 रुपये प्रति लीटर और 89.80 रुपये प्रति लीटर थीं। कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल क्रमश: 84.27 रुपये और 85.69 रुपये प्रति लीटर बिका।

दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में डीजल की कीमतें क्रमश: 73.87 रुपये, 75.72 रुपये, 78.42 रुपये और 78.10 रुपये प्रति लीटर रहीं। डीजल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन स्थिरता बनी रही।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी या वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी या मंदी से प्रेरित होती है। विगत कुछ दिनों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी का रुख बना रहा है।

इस सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार आईसीई पर ब्रेंट क्रूड के नवंबर सौदे में 80.12 डॉलर प्रति बैरल तक का उछाल देखा गया, जबकि सौदा 78.68 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं नायमैक्स पर अमेरिकी लाइट क्रूड डब्ल्यूटीआई 71.78 डॉलर प्रति बैरल से फिसलने के बाद 0.57 फीसदी की बढ़त के साथ 70.72 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल का अक्टूबर डिलीवरी वायदा शुक्रवार को 5,195 रुपये प्रति बैरल तक उछला और कारोबार के अंत में 71 रुपये की बढ़त के साथ 5,134 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ।

--आईएएनएस

06:44 PM

राजग सरकार में फैसले लेने का साहस : मोदी (लीड-1)

भुवनेश्वर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस और अन्य दलों पर निशाना साधते हुए और इन पर तीन तलाक विधेयक को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे फैसलों को लेने का साहस किया है, जिसे अन्य लेने से डरते थे।

मोदी ने कहा, तीन दिन पहले केंद्र ने फैसला किया, जिसे दशकों पहले लिए जाने की जरूरत थी। जब मंशा साफ होती है तो फिर किसी को ऐसे फैसले लेने की जरूरत होती है, जो कोई और लेने का साहस नहीं कर सका। इनमें से एक फैसला तीन तलाक को लेकर था।

उन्होंने तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाने वाले अध्यादेश के संदर्भ में कहा, जब हमारी सरकार ने तीन तलाक पर फैसला किया, तो राज्य सभा में इसे रोकने का प्रयास किया गया। अब यह अवैध घोषित हो चुका है।

ओडिशा के तालचेर में देश के पहले कोयला-गैसीकरण कारखाने की आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नवीनीकृत ऊर्जा और तेज गति से देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने अंगुल जिले में कहा, तालचेर कारखाना पिछली सरकार की विफलता का सबूत है, लेकिन यह हमारी उपलब्धि का साक्षी होगा।

उन्होंने कहा कि यह कारखाना नए ओडिशा और नए भारत के लिए एक नया अध्याय लिखेगा और यह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सबसे सफल कार्यो में से एक होगा।

मोदी ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र में सत्ता में आई, तो उर्वरक कारखाने पर ्र काम ने रफ्तार पकड़ी।

उन्होंने कहा, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि तालचेर उर्वरक कारखाने के निर्माण का काम 36 महीनों में पूरा हो जाएगा और मैं इसका उद्घाटन करने के लिए दोबारा आऊंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यह जानकार हैरान रह गए कि ऐसे उवर्रक कारखाने स्थापित करने के वादे वर्षो से किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में इस पर कोई काम नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को नहीं अपनाने और स्वच्छता अभियान की गति को बनाए रखने में विफल रहने को लकेर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधा।

उन्होंेने कहा, करीब 10 करोड़ परिवार, जिसमें करीब 50 करोड़ लोग हैं, उन्हें आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभ होगा, जो कल (23 सितंबर) को झारखंड से लांच होगा।

मोदी ने कहा, अगर ओडिशा सरकार सहयोग नहीं करती है तो मैं आपकी सेवा नहीं कर सकूंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा के लोगों के स्वास्थ्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है, अन्यथा सफाई के मामले में ओडिशा पिछड़ जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा को पांच नए मेडिकल कॉलेज मिलेंगे और केंद्र सरकार इन कॉलेजों के लिए 570 करोड़ रुपये दे रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मशहूर कथन का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार के भेजे एक रुपये में से केवल 15 पैसा लाभार्थियों तक पहुंचता है, मोदी ने कहा, वे इस बीमारी के बारें में जानते थे, लेकिन इसका समाधान करने को लेकर उनके पास कोई विजन नहीं था।

मोदी ने कहा, आपको शायद याद होगा कि देश में हमारे एक प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने कहा था कि दिल्ली से अगर एक रुपया भेजा जाता है तो राज्यों तक महज 15 पैसा पहुंचता है। ऐसा भ्रष्टाचार सालों तक जारी रहा। हालांकि, हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जो भी धन आवंटित किया जाए, पूरा लोगों तक पहुंचे।

प्रधानमंत्री ने कहा, जन धन योजना के चलते ओडिशा में एक करोड़ तीस लाख गरीबों के पास बैंक खाते हैं और सरकार द्वारा दिया जा रहा लाभ सीधे इन खातों में पहुंच रहा है।

गरीबों को एक रुपये प्रति किलो चावल उपलब्ध कराने केनवीन पटनायक के दावे के बारे में मोदी ने कहा कि ऐसा केवल तभी संभव है, जब सरकार चावल पर सब्सिडी देती है।

उन्होंने कहा, हमने इन सब्सिडी के लिए नवीन पटनायक सरकार को 450 करोड़ रुपये दिए।

--आईएएनएस

05:21 PM

राफेल सौदा भारतीय रक्षा बलों पर सर्जिकल स्ट्राइक : राहुल (लीड-1)

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। करोड़ों डॉलर के राफेल सौदे में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान से फ्रांस सरकार और डसॉल्ट एविएशन के किनारा कर लेने के बाद कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि फ्रांस की सरकार जितना खुलासा करती है, उससे कहीं ज्यादा छिपाती है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे भारतीय रक्षा बलों पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया।

एक मीडिया रपट के अनुसार, ओलांद ने कहा है कि राफेल ऑफसेट सौदे के लिए भारत सरकार ने एक विशेष निजी कंपनी का नाम सुझाया था, जिसके बाद शुक्रवार रात फ्रांस सरकार के दूतावास ने यहां बयान जारी किया।

एक फ्रेंच समाचार पोर्टल ने एक लेख में ओलांद के हवाले से कहा है कि भारत सरकार ने फ्रांस सरकार से रिलायंस डिफेंस को इस सौदे के लिए भारतीय साझीदार के रूप में नामित करने के लिए कहा था।

ओलांद ने कहा है, हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। भारत सरकार ने यह नाम (रिलायंस डिफेंस) सुझाया था और डसॉल्ट ने अंबानी से बातचीत की थी।

इस दावे पर अपने स्पष्टीकरण में शुक्रवार रात जारी बयान में फ्रांस सरकार ने कहा, इस सौदे के लिए भारतीय औद्योगिक साझेदारों को चुनने में फ्रांस सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।

राफेल विमान निर्माता डसॉल्ट एविएशन ने भी शुक्रवार रात अपने बयान में कहा कि भारत के रिलायंस समूह के साथ साझेदारी करने का फैसला डसॉल्ट एविएशन ने किया था। यह डसॉल्ट एविएशन का फैसला था।

राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट किया, प्रधानमंत्री और अनिल अंबानी ने मिलकर भारतीय रक्षा बलों पर 130 हजार करोड़ रुपये का सर्जिकल स्ट्राइक किया है। मोदीजी आपने शहीद सैनिकों के खून का अपमान किया है। आप पर शर्म आती है। आपने भारत की आत्मा के साथ धोखा किया है।

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि फ्रांस सरकार जानती है कि पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और भारतीय वार्ताकारों के बीच हुई मौखिक बातचीत दस्तावेज के रूप में ब्योरेवार दर्ज है, जो सामने आएगी।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, राफेल मामले में फ्रांस में संसदीय सुनवाई और फ्रांस के सूचना की स्वतंत्रता कानून 1978 के तहत प्रशासनिक दस्तावेजों को हासिल करने की अटकलें हैं।

तिवारी ने कहा, क्या फ्रांस सरकार/कॉरपोरेट कंपनी ने राफेल खरीद को फ्रांस की राजनीति में भी घरेलू मुद्दा बना दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिंदी में ट्वीट कर प्रधानमंत्री से पूछा है, राफेल घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया, आपकी, भाजपा की या किसी अन्य की जेब में?

वहीं, कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने ट्वीट किया, राफेल सौदे में गलत जानकारी देने के मामले में फ्रांस सरकार डसॉल्ट को चुनौती दे रही है।

फ्रांस की सरकार ने आगे अपने बयान में कहा कि भारतीय अधिग्रहण प्रक्रिया के अनुसार, फ्रांस की कंपनी को पूरी छूट है कि वह जिस भी भारतीय साझेदार कंपनी को उपयुक्त समझे उसे चुने, फिर उस ऑफसेट परियोजना की मंजूरी के लिए भारत सरकार के पास भेजे, जिसे वह भारत में अपने स्थानीय साझेदारों के साथ क्रियान्वित करना चाहते हैं, ताकि वे इस समझौते की शर्तें पूरी कर सकें।

वहीं, डसॉल्ट एविएशन ने कहा है कि उसे बेहद गर्व है कि भारतीय प्रशासन ने राफेल लड़ाकू विमान का चयन किया है।

फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी और 2016 में सौदे पर हस्ताक्षर हुआ था।

--आईएएनएस

03:41 PM

मोदी ने तालचेर उर्वरक कारखाने की आधारशिला रखी

भुवनेश्वर, 22 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा में कहा कि तालचेर उर्वरक कारखाने के फिर से शुरू होने से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मोदी ने इस कारखाने के पुर्नसचालन के मौके पर कहा कि इसके साथ ही देश उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।

मोदी ने कहा कि 13,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ तालचेर कारखाना 36 महीनों में उत्पादन शुरू कर देगा।

देश के पहले कोयला-गैसीकरण आधारित उर्वरक कारखाने के पुनरुद्धार के काम को लॉन्च करते हुए मोदी ने कहा, क्षेत्र में 4,500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इससे गैस और यूरिया आयात पर भारत की निर्भरता भी कम होगी।

कारखाने के पुनरुद्धार का काम तालचेर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (टीएफएल) द्वारा किया जा रहा है, जो गेल (इंडिया) लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (आरसीएफएल) और फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशंस ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) का संयुक्त उद्यम है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी मौजूद थे और उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए राज्य सरकार से पूरा सहयोग मिलने का भरोसा दिलाया।

--आईएएनएस

01:41 PM

फ्रांस राफेल सौदे पर तथ्यों को छिपा रहा : कांग्रेस

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)।राफेल सौदे में फ्रांस और दसॉल्ट एविएशन द्वारा पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान से किनारा करने के बाद कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि फ्रांस का बयान जितना खुलासा करता है, उससे कहीं ज्यादा तथ्यों को छिपाने वाला है।

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा, फ्रांस का बयान जितना खुलासा करता है, उससे कहीं ज्यादा छिपाने वाला है। फ्रांस सरकार जानती है कि पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और भारतीय वार्ताकारों के बीच मौखिक बातचीत ब्योरेवार रही है, जो उभरकर सामने आ सकती है।

उन्होंने कहा,राफेल मामले में फ्रांस की संसदीय सुनवाई और फ्रांस ने सूचना की स्वतंत्रता के अधिकार 1978 के तहत प्रशासन के दस्तावेजों तक पहुंच बनाने की अटकलें हैं।

तिवारी ने कहा, क्या फ्रांसीसी सरकार/कॉर्पोरेट इकाई ने राफेल खरीद को फ्रांस की राजनीति में भी घरेलू मुद्दा बना दिया है।

वहीं, कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने ट्वीट कर कहा, राफेल सौदे में गलत जानकारी देने के मामले में फ्रांस सरकार ने दसॉल्ट से बात की है।

फ्रांस सरकार ने शुक्रवार रात यह बयान पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के उस बयान के बाद जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत सरकार ने राफेल सौदे के लिए एक निजी कंपनी का नाम सुझाया था।

ओलांद ने कहा था, हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। भारत सरकार ने यह नाम (रिलायंस डिफेंस) सुझाया था और दसॉल्ट ने अंबानी से बात की थी।

इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार रात जारी बयान में कहा गया, इस सौदे के लिए भारतीय औद्योगिक साझेदारों को चुनने में फ्रांस सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।

बयान में आगे कहा गया कि भारतीय अधिग्रहण प्रक्रिया के अनुसार, फ्रांस की कंपनी को पूरी छूट है कि वह जिस भी भारतीय साझेदार कंपनी को उपयुक्त समझे उसे चुने, फिर उस ऑफसेट परियोजना की मंजूरी के लिए भारत सरकार के पास भेजे, जिसे वह भारत में अपने स्थानीय साझेदारों के साथ अमल में लाना चाहते हैं ताकि वे इस समझौते की शर्ते पूरी कर सके।

राफेल विमानों के निमार्ता दसॉल्ट एविएशन ने भी शुक्रवार रात अपने बयान में कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने भारत के रिलायंस ग्रुप के साथ साझीदारी करने का फैसला किया था। यह दसॉल्ट एविएशन का फैसला था।

फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी और 2016 में सौदे पर हस्ताक्षर हुआ था।

--आईएएनएस

12:50 PM

चीन ने अमेरिका संग व्यापार वार्ता रद्द की : रिपोर्ट

बीजिंग, 22 सितंबर (आईएएनएस)। चीन ने अमेरिका के साथ अगले स्पताह होने वाली व्यापार वार्ता रद्द कर दी है और अपने उप प्रधानमंत्री लियू ही को वार्ता के लिए नहीं भेजने का फैसला किया है।

समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जनरल ने यह जानकारी दी है।

समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से कहा कि चीन लियू की योजनाबद्ध यात्रा से पहले अमेरिका में मध्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी नहीं भेज रहा है।

चीन सरकार ने इस संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की है।

चीन और अमेरिका दोनों के बीच व्यापार युद्ध चल रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के अरबों डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क लगा रहे हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका ने चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया और साथ में चीन के 267 अरब डॉलर के सामान पर भी आयात शुल्क लगाने की चेतावनी दी।

अमेरिका के इस रुख पर प्रतिक्रियास्वरूप बीजिंग ने अमेरिका के 60 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क लगा दिया।

इससे पहले भी दोनों देश एक-दूसरे के 50 अरब डॉलर के उत्पादों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगा चुके हैं।

--आईएएनएस

11:14 AM
 इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

बेंगलुरु, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के तकनीकी मामलों की समीक्षा के लिए गठित मंत्री समूह के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जीएसटी ने अपने सॉफ्टवेयर वेंडर (प्रदाता) इन्फोसिस को व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए हुई मंत्रिसमूह की 10वीं बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमने जीएसटी परिषद के सुझाव के अनुसार नेटवर्क पर व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने को सरल बनाने के लिए इन्फोसिस को नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्रिसमूह के प्रमुख मोदी ने कहा, हमने अगले चार से छह महीने में नया सरलीकृत जीएसटी फार्म लागू करने की योजना बनाई है जिससे डीलर या व्यापारी को नेटवर्क के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का भुगतान करने में लाभ मिलेगा।

मंत्रिसमूह ने छोटे करदाताओं के लिए यूनीफॉर्म अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए देशभर से 18 कंपनियों को चिन्हित किया।

मोदी ने कहा, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी छोटे व्यापारियों को नया सॉफ्टवेयर प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी परिषद ने जैसाकि फैसला लिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां एक अक्टूबर से प्रभावी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर संग्रहित कर (टीसीएस) का भुगतान करेंगी।

केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 52 के तहत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर एक फीसदी तक राज्य जीएसटी और एक फीसदी केंद्रीय जीएसटी के लिए टीडीएस कटौती करनी है।

वहीं, 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर दो फीसदी समेकित जीएसटी की कटौती की जाएगी।

--आईएएनएस

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