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अमेरिका पाकिस्तान को यकीन दिला रहा कि भारत खतरा नहीं : मंत्री

इस्लामाबाद, 16 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तानी रक्षामंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान को यह यकीन दिलाने की कोशिश कर रहा है कि भारत खतरा नहीं है और पाकिस्तान को अपने पड़ोसी के साथ अपने रणनीतिक रुख में बदलाव करना चाहिए।

डॉन ने मंगलवार को दस्तगीर खान के हवाले से कहा, लेकिन सच्चाई तो सच्चाई है। भारत की क्षमता व मंशा दोनों आज पाकिस्तान के प्रति शत्रुतापूर्ण है।

मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, क्योंकि अमेरिका अफगानिस्तान में जीत नहीं रहा है।

उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) व सीमा पर भारत के आक्रामक रुख को अमेरिका वास्तविकता से कम आंक रहा है।

उन्होंने सभी तरह की गलतफहमी को दूर करने के लिए अमेरिका से स्पष्ट रूप से वार्ता की मांग की।

दस्तगीर खान ने कहा, यह समय अमेरिका व पाकिस्तान के साथ शिष्ट व स्पष्ट रूप से सभी चीजों पर वार्ता का है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने पाकिस्तान से लगी सीमा पर सामग्री व सेना जमा कर रखा है।

उन्होंने कहा कि भारत आज तेजी से युद्ध करने वाला पड़ोसी है।

उन्होंने 2017 को एलओसी उल्लंघन में व नागरिकों की हत्याओं को लेकर सबसे घातक साल बताया।

मंत्री ने कहा, मौजूदा भारत सरकार द्वारा लगातार शत्रुतापूर्ण व पाकिस्तान विरोधी रुख से शांति के समर्थन के लिए जगह काफी कम हो गई है।

दस्तगीर खान ने कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तान की निंदा तेज कर दी है।

नेशन डॉट कॉम पीके ने मंत्री के हवाले से कहा, कुलभूषण जाधव का मामला दूसरे देशों में अशांति पैदा करने के प्रयास का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु देश है और यह अपनी व्यापक बचाव की नीति जारी रखेगा।

--आईएएनएस

08:25 PM

13वीं बार जवाबदेही अदालत में पेश हुए नवाज शरीफ

इस्लामाबाद, 16 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी और दामाद के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में इस्लामाबाद में जवाबदेही अदालत में सुनवाई हो रही है।

अपदस्थ प्रधानमंत्री 13वीं बार जवाबदेही अदालत में पेश हुए।

डॉन डॉट कॉम की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, नवाज मंगलवार सुबह बेटी मरियम और दामाद रिटायर्ड कैप्टन सफदर के साथ लाहौर से इस्लामाबाद पहुंचे। कुछ देर के लिए पंजाब हाउस में रुकने के बाद वह अदालत के लिए रवाना हो गए।

उनके आगमन पर अदालत के बाहर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात नजर आया।

तीन गवाहों द्वारा न्यायाधीश मोहम्मद बशीर के सामने गवाही देने की उम्मीद है, जो मामले की सुनवाई करेंगे।

पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने 28 जुलाई को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) को नवाज और उनके बच्चों के खिलाफ छह सप्ताह में जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार मामले में याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया था और ट्रायल कोर्ट को छह सप्ताह में इस संदर्भ में फैसला करने का निर्देश दिया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति इजाजुल अहसान को जवाबदेही अदालत की कार्यवाही में प्रगति पर नजर बनाए रखने के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त भी किया था।

--आईएएनएस

12:04 PM

इस्लामिक संगठन ने बगदाद आत्मघाती हमले की निंदा की

रबात, 16 जनवरी (आईएएनएस)। इस्लामिक शैक्षणिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (आईएसईएससीओ) ने बगदाद में सोमवार को हुए दोहरे आत्मघाती हमले की निंदा की।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने आईएसईएससीओ की ओर से जारी बयान के हवाले से बताया, नागरिकों, निजी और सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाकर किया गया हमला एक भयावह अपराध है, जिसके लिए सख्त से सख्त दंड मिलना चाहिए।

इस्लामिक संगठन ने आतंकवाद झेल रहे इराक को हरसंभव सहयोग देने की बात कही और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

चिकित्सीय सूत्रों के मुताबिक, बगदाद में सोमवार को हुए दोहरे आत्मघाती हमले में 36 लोगों की मौत हो गई और 91 घायल हैं।

--आईएएनएस

08:49 AM

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने बगदाद हमले की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र, 16 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को इराक की राजधानी बगदाद में हुए दोहरे आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुटेरेस ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।

उन्होंने कहा, महासचिव ने दोहराया है कि संयुक्त राष्ट्र इराक की सरकार और वहां के लोगों के आतंकवाद से निपटने के प्रयासों और देश के पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए उनके साथ दृढ़ता से खड़ा रहेगा।

गौरतलब है कि बगदाद के एक बाजार में सोमवार सुबह दो आत्मघाती बम विस्फोट हुए थे, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

--आईएएनएस

08:36 AM

एशियाई वित्तीय मंच में नहीं पहुंचा भारत

हांगकांग, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार का कोई प्रतिनिधि इस साल एशियाई वित्तीय मंच (एएफएफ) के कार्यक्रम में यहां शामिल नहीं हो रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि इसी महीने दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के कार्यक्रम में मंत्री व अधिकारी हिस्सा लेने वाले हैं। लिहाजा, समयावभाव के कारण भारत ने उनका आमंत्रण स्वीकार नहीं किया।

हांगकांग ट्रेड डेवलपमेंट काउंसिल (एचकेटीडीसी) के अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, भारतीय मंत्रीगण व अधिकारियों ने समय की कमी के चलते हमारा निमंत्रण स्वीकार नहीं किया, क्योंकि वे 23-26 जनवरी के दौरान दावोस में होने वाले चार दिवसीय डब्ल्यूईएफ कार्यक्रम में जाने वाले हैं।

इसके अलावा, एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट (2018-19) की तैयारी और बैठक भी एक कारण है, जिसके चलते भारत हांगकांग में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन के 11वें संस्करण से अनुपस्थित है।

यहां इस कार्यक्रम में वैश्विक वित्तीय समुदाय के 100 वक्ता और 50 देशों के 3,000 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें चीन और अमेरिका भी शामिल हैं।

इससे पहले इस कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड के पूर्व चेयरमैन यू. के. सिन्हा और भारत की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति पहुंचे थे।

हालांकि, मुंबई से करीब 10 भारतीय प्रतिनिधि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्र्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए इस एएफएफ के 11वें संस्करण में हिस्सा ले रहे हैं।

--आईएएनएस

09:09 PM

इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज भवन का हिस्सा गिरा

जकार्ता, 15 जनवरी (आईएएनएस)। इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज भवन की प्रथम मंजिल का एक हिस्सा गिरने से सोमवार को वहां कई लोग जख्मी हो गए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक स्थानीय टीवी चैनल में क्षतिग्रस्त कॉफी शॉप की फूटेज दिखाई गई।

हादसे में जख्मी दर्जनों लोगों में ज्यादातर महिलाएं थीं। घायलों को अस्पताल भेजा गया।

स्थानीय समयानुसार सुबह के कारोबार सत्र के अपराह्न् 12.10 बजे समाप्त होने के तुरंत बाद यह हादसा हुआ। बाद में, स्टॉक एक्सचेंज प्रशासक ने दोबारा कारोबार शुरू करने का आदेश दिया।

एक चश्मदीद ने बताया कि भोजनावकाश के दौरान हुए हादसे के वक्त अनेक लोग टॉवर-2 की प्रथम मंजिल पर थे, जो टूटकर ढह गई।

राष्ट्रीय पुलिस के प्रवक्ता, इंस्पेक्टर जनरल सेतयो वसिस्टो ने कहा कि हादसे के बाद जांचकर्ता भवन की रूपरेखा की पड़ताल करेंगे।

प्रवक्ता ने हादसे में किसी प्रकार के विस्फोट की बात से इनकार किया।

--आईएएनएस

08:08 PM

ट्रंप की मध्यपूर्व शांति योजना मुंह पर तमाचे जैसी : अब्बास

रामल्लाह, 15 जनवरी (आईएएनएस)। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित शांति समझौते को मुह पर तमाचा मारने जैसा बताया।

अब्बास ने फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन(पीएलओ) की केंद्रीय परिषद के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ट्रंप का शताब्दी समझौता मुंह पर तमाचा मारने के समान है। उन्होंने साथ ही कहा कि हम भी जवाबी तमाचा मारेंगे।

केंद्रीय समिति की यहां इजरायल के साथ संबंध, शांति प्रक्रिया पर रणनीतिक निर्णय और पिछले वर्ष दिसंबर में ट्रंप के जेरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के निर्णय के खिलाफ चर्चा करने के लिए दो दिवसीय बैठक हो रही है।

अब्बास ने कहा, जेरूसलम का दर्जा मक्का जैसा है। जेरूसलम से महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है।

फिलिस्तीन पूर्वी जेरूसलम को अपने स्वतंत्र देश की भविष्य की राजधानी के तौर पर मानता है, जिसे इजरायल ने 1967 के अरब-इजरायल युद्ध के दौरान अपने कब्जे में ले लिया था। इजरायल पूरे जेरूसलम को अपना अभिन्न अंग मानता है।

अब्बास ने कहा, हमारे भाग्य, हमारे भविष्य, हमारे कारण और हमारे लोगों के जो विरुद्ध होता है, उसे हम ना कहते हैं। नहीं और हजार बार नहीं और हम अब ट्रंप को ना और ना कहते हैं और हमने ट्रंप के शताब्दी समझौते को शताब्दी का तमाचा कहा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा, फिलिस्तीन भविष्य की गलतियों को नहीं करेगा या दोहराएगा। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण क्षण है, जो सभी फिलिस्तीनियों को तत्काल खड़ा होकर पवित्र राजधानी के भाग्य का बचाव करने के लिए कहता है।

इस बीच, अब्बास ने इस्लामिक हमास आंदोलन और इस्लामिक जिहाद की पीएलओ केंद्रीय परिषद की बैठक के बहिष्कार करने की आलोचना की।

अब्बास ने कहा, मैं इससे बहुत व्यथित हूं कि हमारे भाई अंतिम समय पर कहते हैं कि वे लोग इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि बैठक की जगह सही नहीं है। उनकी आंखों में वह कौन-सी जगह है, जहां महत्वपूर्ण निर्णय स्वतंत्र रूप से लिए जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, मैं इस्लामिक जिहाद पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, क्योंकि वे लोग राजनीति का कार्य नहीं करते हैं, लेकिन मुझे हमास में मेरे भाइयों की चिंता होती है।

--आईएएनएस

07:15 PM

मेघन के बारे में प्रेमिका की नस्लीय टिप्पणी ने यूकेआईपी नेता को उलझाया

लंदन, 15 जनवरी (आईएएनएस)। ब्रिटेन के दक्षिणपंथी राजनीतिक दल यूकेआईपी के नेता हेनरी बोल्टन से उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व या प्रेमिका में से एक को चुनने का आग्रह किया है। यह कदम बोल्टन की प्रेमिका द्वारा कथित रूप से मेघन मार्कल पर नस्लीय टिपण्णी करने के बाद उठाया गया है। मेघन, राजकुमार हैरी से जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक, बोल्टन की 25 वर्षीय प्रेमिका मॉडल जो मार्ने हैं। बोल्टन पिछले सितंबर में दक्षिणपंथी राजनीतिक दल युनाइटेड किंगडम इंडीपेंडेंस पार्टी (यूकेआईपी) के नेता चुने गए थे।

ब्रिटिश कंजरवेटिव अखबार डेली मेल के मुताबिक, मार्ने ने अपने एक दोस्त को श्रंखलाबद्ध संदेश भेजे, जिसमें उन्होंने मार्कल और अश्वेत लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। मार्ने ने उसमें कहा कि मार्कल अपने बीज से शाही परिवार को दूषित कर देंगी और एक अश्वेत राजा के लिए रास्ता तैयार करेंगी।

मार्ने ने बाद में एक अखबार में बयान जारी किया और कहा कि वह संदेश में प्रयोग की गई स्तब्धकारी भाषा के लिए बिना शर्त खुलकर माफी मांगती हैं।

यूकेआईपी के अध्यक्ष 54 वर्षीय पॉल ओकडेन ने कहा कि उन्होंने संदेशों के बारे में पढ़ने के बाद मार्ने की पार्टी सदस्यता को तत्काल निलंबित करने का फैसला किया है।

ओकडेन ने रविवार को मेल को बताया कि यूकेआईपी ने ना तो कभी किया और ना ही कभी नस्लवाद का समर्थन करेगी।

लंदन एसेंबली में यूकेआईपी प्रतिनिधिमंडल के नेता पीटर व्हिटल ने मार्ने को उनकी शर्मनाक प्रतिक्रिया के लिए पूर्ण रूप से पार्टी से बाहर करने की मांग की है। पार्टी के कई नेताओं ने बोल्टन के इस्तीफे की मांग की है।

प्रिंस हैरी और मार्कल मई में शादी करने वाले हैं, जिसके बाद मार्कल आधिकारिक तौर पर एक राजकुमारी और ब्रिटिश शाही परिवार की सदस्य बन जाएंगी। उनकी सगाई को प्रिंस हैरी की दादी क्वीन एलिजाबेथ का समर्थन प्राप्त है।

--आईएएनएस

06:58 PM

परमाणु चेतावनी के बावजूद भारत-पाकिस्तान वार्ता की जरूरत

इस्लामाबाद, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की यह चेतावनी कि उनकी सेना पाकिस्तान के परमाणु धमकी के खिलाफ सीमा पार जाकर भी कार्रवाई करने के लिए तैयार है, इस सत्य को नहीं मिटा सकता कि दोनों देशों को आपस में बातचीत करने की जरूरत है। यह बात पाकिस्तान के एक अखबार ने सोमवार को कही।

अखबार डॉन ने भारत का आक्रामक बयान शीर्षक अपने संपादकीय में पाकिस्तान और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच बैंकॉक में हुई हाल की बैठक को याद करते हुए कहा कि यह बैठक दर्शाती है कि दोनों देश यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि उनमें बातचीत पूरी तरह बंद हो जाने की चाहत नहीं है।

अखबार ने कहा कि जनरल बिपिन रावत के युद्धकारी और लापरवाह किस्म के बयान से सप्ष्ट है कि कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति का प्रमुख हिस्सा बन गई है।

आखबार ने आगे कहा, अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करना युद्ध जैसा है और तब पाकिस्तान के पास इसका जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। पाकिस्तान अपनी धरती है, पर भारत की कार्रवाई को स्वीकार नहीं कर सकता।

--आईएएनएस

05:52 PM

कुर्दिश बलों को प्रशिक्षण देने के अमेरिकी फैसले से तुर्की परेशान

अंकारा, 15 जनवरी (आईएएनएस)। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने रविवार को उत्तरी सीरिया में सीमा नियंत्रण बल स्थापित करने के अमेरिकी कदम को एक एकतरफा निर्णय करार दिया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एक लिखित बयान में मंत्रालय ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका ने गठबंधन के किस सदस्य से इस पर सलाह ली और इस तरह के बल के गठन का फैसला किया।

बयान के अनुसार, गठबंधन के नाम पर इस एकतरफा कदम की व्याख्या बहुत ही गलत है जो दाएश (आतंकी संगठन आईएस) के खिलाफ हमारी लड़ाई को नुकसान पहुंचा सकता है।

मंत्रालय ने कहा, तुर्की अपने क्षेत्र को आसन्न किसी भी तरह के खतरे से निपटने को लेकर दृढ़ है।

मंत्रालय ने निंदा करते हुए इस कदम को गलत दृष्टिकोण करार दिया और कहा है कि तुर्की सभी प्रकारों के खतरों को समाप्त करने को लेकर सक्षम है।

तुर्की कुर्दिश मिलिशिया वाईपीजी को प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) की एक शाखा मानता है जिसे अमेरिका ने प्रशिक्षण देकर एक विशेष बल बनाने का निर्णय लिया है।

कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी का लक्ष्य एक स्वतंत्र कुर्दिस्तान की स्थापना है जिसमें तुर्की के कुर्द बहुल हिस्से शामिल हों। कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी पर अमेरिका ने भी प्रतिबंध लगाया हुआ है।

लेकिन, सीरियाई कुर्दिश मिलीशिया को अमेरिकी समर्थन को लेकर तुर्की और अमेरिका में विवाद रहा है।

--आईएएनएस

05:33 PM
 रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट मैनेजमेंट लि. ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है और कंपनी ने शेयरधारकों को पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने घोषणा की है।

यहां जारी बयान में रिलांयस म्यूचुअल फंड की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने कहा है कि 31 दिसंबर, 2017 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 130 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी है।

समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का राजस्व 470 करोड़ रुपये रहा, जोकि साल-दर-साल आधार पर 31 फीसदी की बढ़ोतरी है।

कंपनी के निदेशक मंडल ने पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने की घोषणा की है।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप सिक्का के हवाले से बयान में कहा गया है, हम लाभप्रद विकास की तरफ ध्यान जारी रखेंगे और भारत आ रहे खुदरा निवेशकों और विदेशी निवेशकों से पूंजी बाजार में सबसे अधिक हिस्सा प्राप्त करेंगे।

2017 के 31 दिसंबर तक कंपनी के प्रबंधन में 3,87,871 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थीं।

--आईएएनएस

09:33 PM
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