• Last Updates : 09:33 PM

व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने 95 के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को करोड़ों रुपये के व्यापम परीक्षा घोटाले के 2011 के प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) मामले से जुड़े 95 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।

सीबीआई के आरोपपत्र में साल 2011 में व्यापमं द्वारा संचालित संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-3 में हुई अनियमितता से जुड़े 83 परीक्षार्थियों, चार व्यापमं अधिकारियों और आठ दलालों के नाम हैं।

व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) में 2013 में घोटाला सामने आया था, जब परीक्षार्थियों ने अधिकारियों को रिश्वत देकर खुद की कॉपियां दूसरों से लिखवाईं थीं।

यह घोटाला 1995 में शुरू हुआ था, जिसमें नेता, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारी शामिल थे।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले को 2015 में 9 जुलाई को अपने हाथ में लिया था।

यह आरोपपत्र 2011 के प्री-मेडिकल टेस्ट से संबंधित है, जो व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितताओं के कई मामलों में से एक है।

सीबीआई के आरोपपत्र के मुताबिक, व्यापमं के तत्कालीन प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट के कंप्यूटर के हार्ड डिस्क से पता चलता है कि अंतिम परिणाम में कई उम्मीदवारों के नंबर बढ़ा दिए गए थे, ताकि वे परीक्षा पास कर जाएं।

--आईएएनएस

09:33 PM

अमिश त्रिपाठी ने पद्मावत का समर्थन किया

मुंबई, 15 जनवरी (आईएएनएस)। पौराणिक कथाओं के विद्वान अमिश त्रिपाठी ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का समर्थन किया है। त्रिपाठी ने कहा कि यह फिल्म राजपूत वीरता व भारत की संस्कृति को सकारात्मक तरीके से पेश करती है।

त्रिपाठी ने फिल्म के रिलीज होने से पहले सोमवार को हुई स्क्रीनिंग में फिल्म को देखा।

उन्होंने ट्वीट किया, यह एक ऐसी फिल्म है जो राजपूत वीरता का गुणगान करती है। यह रानी पद्मावती का सम्मान करती है। यह हमारी संस्कृति के बारे में सकारात्मक बातें पेश करती है। मेरा मानना है कि यह संजय लीला भंसाली की बेहतरीन फिल्मों में से एक है।

भंसाली प्रोडक्शंस व वायकॉम18 मोशन पिक्चर्स की फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होनी है। इसमें दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह व शाहिद कपूर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। यह सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी के काव्य पद्मावत महाकाव्य पर आधारित है।

भंसाली प्रोडक्शंस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शोभा संत ने अमिश त्रिपाठी को ईमानदार राय के लिए धन्यवाद दिया है।

--आईएएनएस

08:39 PM

ओडिशा में 50000 कलाकारों को पेंशन

भुवनेश्वर, 15 जनवरी (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को राज्य के 50,000 कलाकारों को 1,200 रुपये मासिक पेंशन की घोषणा की।

मौजूदा समय में 4,000 कलाकारों को मुख्यमंत्री कलाकार साहित्य योजना के तहत 1,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रहा है। राज्य सरकार ने अब मासिक पेंशन को बढ़ाकर 1,200 रुपये कर दिया है।

राज्य सरकार ने महिला व पुरुष की आयु सीमा में भी ढील दी है।

पुरुष कलाकारों की आयु सीमा 60 से 50 साल कर दी गई है, जबकि महिला कलाकारों के आयु सीमा 50 से 40 साल कर दी गई है।

पटनायक ने कहा, ओडिशा कला व कलाकारों का राज्य है। हमारे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से ओडिशा के लिए ख्याति अर्जित की है। हम कलाकारों व उनकी कला के विकास के लिए वर्ष 2000 से काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों के व्यापक हित में भत्ता देने के कार्य को विकेंद्रीकृत करने का फैसला किया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन को यह कार्य सौंपा गया है।

--आईएएनएस

06:58 PM

ममता ने सरोद वादक बुद्धदेव दास गुप्ता के निधन पर शोक जताया

कोलकाता, 15 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दिग्गज सरोद वादक पंडित बुद्धदेव दास गुप्ता के निधन पर शोक जताया और इसे शास्त्रीय संगीत की दुनिया की बड़ी क्षति बताया।

ममता ने ट्विटर पर लिखा, पद्म विभूषण पंडित बुद्धदेब दास गुप्ताजी नहीं रहे। यह शास्त्रीय संगीत की दुनिया के लिए बड़ी क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।

दास गुप्ता (85) का सोमवार सुबह निधन हो गया।

दिग्गज सरोद वादक का जन्म फरवरी 1933 में बिहार के भागलपुर में हुआ था। उन्हें 2012 में पद्मभूषण से नवाजा गया था।

--आईएएनएस

05:20 PM

जेएनयू में छात्र हड़ताल विफल करने गार्ड तैनात

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने हाल ही में लागू किए गए अनिवार्य उपस्थिति के फैसले के विरोध में व्याख्यानों के बहिष्कार के छात्रसंघ के आह्वान को विफल करने के लिए कई स्कूलों के बाहर गार्ड तैनात कर दिए हैं।

प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा एजेंसी को पत्र लिखकर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात करने को कहा है, ताकि हड़ताली विद्यार्थी कक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को रोक नहीं सकें।

जेएनयूएसयू (जेएनयू छात्र संघ) ने 15 जनवरी को हड़ताल का आह्वान कर रखा है। अतीत में इस तरह के मौके पर वे विद्यार्थियों के संबंधित कक्षाओं व स्कूल के भवन में आने-जाने पर जबर्दस्ती रोक लगाते रहे हैं।

रजिस्ट्रार के पत्र में कहा गया है, इस वजह से पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड (पुरुष व महिला) की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी विद्यार्थी या प्राध्यापक के प्रवेश को हड़तालियों द्वारा जबर्दस्ती नहीं रोका जाए। सामान्य पोशाक में भी कुछ गार्डो की तैनाती का निर्देश दिया गया है और कुछ भी उपद्रव होने पर उसकी वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया गया है।

जेएनयूएसयू की अध्यक्ष गीता कुमारी ने आईएएनएस से कहा कि हड़ताल सफलतापूर्वक व शांति के साथ जारी है और बहुत से विद्यार्थियों ने खुद से कक्षाओं में जाने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, हम स्कूलों के बाहर खड़े रहे और विद्यार्थियों से कक्षाओं में भाग नहीं लेने को कहा। बहुत से विद्यार्थियों ने व्याख्यानों का बहिष्कार किया.. गार्ड के साथ कोई लड़ाई नहीं हुई, लेकिन यह पहली बार है कि गार्डो ने कहा कि हम हड़ताल नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि वे चाहते हैं कि कुछ विवाद हो, क्योंकि वे पूरे समय हमारी वीडियो रिकार्डिग कर रहे थे।

--आईएएनएस

03:55 PM

केवल एक पीढ़ी को ही आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए : सोनम वांगचुक

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। लद्दाख के शिक्षा सुधारक और अन्वेषक सोनम वांगचुक का कहना है कि आरक्षण नीति के तहत मिलने वाले लाभों को किसी परिवार की एक पीढ़ी तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। जिन परिवारों की एक पीढ़ी ने आरक्षण का लाभ ले लिया, उन्हें इस अधिकार को छोड़ देना चाहिए और अपनी अगली पीढ़ी को नहीं देना चाहिए।

फिल्म 3 इडियट्स में आमिर खान द्वारा निभाया गया प्रेरणादायक किरदार फुनशुक वांगडू शिक्षा सुधारवादी सोनम वांगचुक से ही प्रेरित था। वह कहते हैं कि शैक्षिक संस्थानों में सीटों में आरक्षण और रोजगार में आरक्षण देने वाली नीति में संशोधन किया जाना चाहिए और उसे एक परिवार में एक पीढ़ी तक ही सीमित रखा जाना चाहिए।

वांगचुक ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, हमारे यहां जो लोग आरक्षण के हकदार हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिन्हें ये लाभ मिल रहे हैं, उन्होंने शीर्ष पर एक क्रीमी लेयर बना लिया है।

आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण की आवश्यकता पर बात करते हुए वांगचुक ने कहा कि मौजूदा आरक्षण नीति में सुधार की आवश्यकता है।

वांगचुक शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने और प्रशिक्षण के व्यावहारिक पहलुओं पर अधिक जोर देने के उद्देश्य के साथ लद्दाख में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (एचआईएएल) विश्वविद्यालय खोलने की योजना बना रहे हैं।

विश्वविद्यालय के बारे में बात करते हुए वांगचुक ने कहा कि हालांकि अभी कोई ठोस योजना नहीं है लेकिन एक सोच यह है कि चूंकि पहाड़ इस संस्थान का मूल होंगे, इसलिए 50 फीसदी सीटों को लद्दाख के युवाओं के लिए अलग रखा जाना चाहिए।

एचआईएएल एक गैर-पारंपरिक विश्वविद्यालय होगा जो छात्रों को पर्वतों की जानकारी और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास का प्रशिक्षण देगा ताकि वे पहाड़ों में रहते हुए धन अर्जित कर सकें।

आईआईटी से पढ़े अन्वेषक ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर भी अपने विचार साझा किए जिसके बारे में कहा जा रहा है कि कुछ हद तक यह बेरोजगार इंजीनियरों को पैदा करने के लिए जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, मैं दो चीजें देख रहा हूं। पहला ये कि जिस तरह से छात्रों को सिखाया जाता है उस तरीके को बदला जाए ताकि उन्हें उपयोगी और प्रासंगिक ज्ञान हासिल मिले। दूसरी चीज यह है जो उतनी ही महत्वपूर्ण है कि क्यूं हर कोई व्यक्ति सोचता है कि उसे कोई शख्स, कंपनी या सरकारी संस्थान नौकरी पर रख ले। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो छात्र के अंदर अपने कौशल को उभारकर और उसका इस्तेमाल कर खुद आगे बढ़ने को प्रेरित कर सके।

वांगचुक को उम्मीद है कि उन्हें उनकी परियोजना के लिए 26 जनवरी तक सात करोड़ रुपये मिल जाएंगे जो देश के दुर्गम लद्दाख क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय के पहले पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए जरूरी 14 करोड़ रुपये का आधा हिस्सा है। इस पाठ्यक्रम का नाम इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट कोर्स होगा।

उन्होंने कहा कि अब तक आम लोगों से 4.6 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। बाकी की राशि औद्योगिक संस्थानों की पहल कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के जरिए 26 जनवरी तक इकट्ठी होने की उम्मीद है।

वांगचुक के अनुसार, कॉपोरेट सेक्टर से जैन इरिगेशन सिस्टम्स कंपनी ने हमेशा समर्थन किया है। इसी तरह एसेल और हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी ने हमारी परियोजना में रुचि दिखाई है और ये सभी हमारे लिए प्रतिबद्ध हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की पांच संस्थाओं ने परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि देने के लिए प्रतिबद्धता जताई है जिनमें भारतीय रेलवे, कोल इंडिया शामिल हैं। वह कहते हैं, चूंकि, यह सरकार का पैसा है, इसलिए इसे हम हमारी सहयोगी हिल काउंसिल ऑफ लद्दाख के माध्यम से हासिल कर सकते हैं।

वांगचुक विश्वविद्यालय को मान्यता दिलाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से संपर्क नहीं करेंगे। इसके बजाए वह उम्मीद करते हैं कि जम्मू और कश्मीर सरकार राज्य विधानसभा में एक विधेयक पारित करेगी जो संस्थान को राज्य विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता देगा।

--आईएएनएस

06:10 PM

मोदी ने मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू, उत्तरायण पर बधाई दी

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मकर संक्रांति, पोंगल, माघ बिहू व उत्तरायण पर देशवासियों को बधाई दी और समाज को ज्यादा शांतिपूर्ण व समृद्धि बनाने का आह्वान किया।

अपने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट में उन्होंने असम, तमिलनाडु, पंजाब व गुजरात में कई रूपों में मनाए जा रहे त्योहार पर विभिन्न समुदायों को उनकी भाषाओं में बधाई दी।

उन्होंने अपने पंजाबी व अंग्रेजी में किए गए पोस्ट में कहा, मेरी प्रार्थना है कि यह विशेष त्योहार हमारे समाज को खुशी व समृद्धि से परिपूर्ण करे। लोहड़ी मुबारक।

उन्होंने अपने हिंदी ट्वीट में कहा, मकर संक्राति के अवसर पर लोगों को हार्दिक बधाई।

मोदी ने अंग्रेजी व तमिल में अपनी पोस्ट में कहा, मेरे तमिल मित्रों को पोंगल की बधाई। यह त्योहार हर किसी के जीवन में खुशी, सौहार्द व अच्छा स्वास्थ्य लाए।

मोदी ने अंग्रेजी व असमिया में ट्वीट किया, माघ बिहू मुबारक। मेरी कामना है कि यह त्योहार भाईचारे के बंधन को मजबूत करे और हमारे समाज में प्रसन्नता व समृद्धि लाए।

मोदी ने अपने अंग्रेजी व गुजराती में किए ट्वीट में कहा, गुजरात के लोगों को उत्तरायण की बधाई।

--आईएएनएस

05:33 PM

हिंसा फैलाते हिंदुत्व को नकारें : नयनतारा सहगल

कोलकाता, 14 जनवरी (आईएएनएस)। दिग्गज लेखिका नयनतारा सहगल ने कहा है कि वर्तमान राजनीतिक हालात किसी के भी हित में नहीं हैं। उन्होंने साथ ही हिंसा को बढ़ावा दे रहे हिंदुत्व के विचार को खारिज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसका हिंदू धर्म से कुछ लेना देना नहीं है।

उन्होंने कहा, अभी बहुत मुश्किल हालात हैं। वर्तमान राजनीतिक हालात में, ताकतें हर प्रकार के विरोध और असहमति को खत्म करने का प्रयास कर रही हैं। जो लोग उनसे असहमत हैं, वे मारे जा रहे हैं। उनमें से आखिरी इंसान गौरी लंकेश थीं।

लेखक ने आईएएनएस को बताया, लेखक ही नहीं, मवेशियों को ले जा रहे लोगों को भी मारा जा रहा है। गोमांस रखने तक के संदेह में लोगों की हत्या की जा रही है।

सहगल ने शनिवार शाम को एपीजे कोलकाता साहित्य उत्सव 2018 के अवसर से इतर कहा, इसका उपाय यही है कि हिंदुत्व का चोला उतारकर फेंक दिया जाए और इसे दरकिनार किया जाए। यह हिंसा फैला रहा है। यह एक बहुत खतरनाक विचारधारा है और इसका हिंदू धर्म से कोई लेना देना नहीं है। कई लेखक इस विचारधारा के खिलाफ खुलकर बोल और लिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म कोई आतंकवादी पंथ नहीं है और न ही यह हिंसा को बढ़ावा देता है।

सहगल ने कहा, वर्तमान (राजनीतिक) हालात न सिर्फ लेखकों के लिए बल्कि किसी के लिए भी हित में नहीं हैं। जिसे भी वे पसंद नहीं करते, उनके खिलाफ मामले दर्ज कर देते हैं। उत्पीड़न और हत्याएं की जा रही हैं और बहुत ही खराब राजनीतिक माहौल है।

सम्मानित लेखिका ने कहा कि भारत ने आजादी के समय लोकतंत्र को विकास से पहले रखने का फैसला किया था और साथ ही धर्मनिरपेक्ष रहना भी तय हुआ था। इस पर सभी को गर्व होना चाहिए।

महोत्सव में महिला लेखिकाएं : शेपिंग ए न्यू इंडिया सत्र के दौरान प्रभा खैतान वुमेन्स वॉयस अवॉर्ड की घोषणा की गई।

इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, मैं हमेशा महिलाओं और पुरुषों के बीच रेखा खींचने से नफरत करती रही हूं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मेरे परिवार में पुरुष, महिलाओं के अधिकारों को पूरी तवज्जो देते हैं। मैं हमेशा से महिलाओं और पुरुषों के बीच साझेदारी में मजबूती से विश्वास रखती हूं।

बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, मैंने पढ़ने के दौरान पाया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया के लेखक अपने देशों की राजनीतिक परिस्थितियों से राजनीतिक रूप से काफी ज्यादा जुड़े हुए हैं। भारतीय लेखक भारत की परिस्थितियों से उतना अधिक नहीं जुड़े हैं।

उन्होंने कहा, मुझे यह नहीं पता कि यह सही मूल्यांकन है या नहीं। लेकिन जो मैंने पढ़ा उससे मुझे यह महसूस हुआ। उन्होंने अपने देशों के विभिन्न राजनीतिक हालातों के बारे में बड़ी प्रबलता से लिखा है।

--आईएएनएस

05:00 PM

गूगल ने महाश्वेता देवी को समर्पित किया डूडल

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। सर्च इंजन गूगल ने रविवार को जानी-मानी लेखिका व सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी को उनकी 92वीं जयंती पर अपने डूडल के जरिए श्रद्धांजलि दी।

14 जनवरी 1926 को ढाका (बांग्लादेश) में जन्मी महाश्वेता देवी बंगाली लेखिका थीं, जिन्हें कई साहित्य पुरस्कारों जैसे साहित्य अकादमी अवॉर्ड (बंगाली), ज्ञानपीठ अवॉर्ड, रमन मैगससे अवॉर्ड से नवाजा गया। उन्हें पद्मश्री और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया। 28 जुलाई 2016 को कोलकाता में उनका निधन हो गया।

उनकी प्रसिद्ध साहित्यिक रचनाओं में हजार चुराशिर मां, रुदाली और अरण्येर अधिकार शामिल हैं।

महाश्वेता देवी ने 100 से ज्यादा उपन्यास लिखे। उनका पहला उपन्यास झांसीर रानी था। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित यह उपन्यास 1956 में प्रकाशित हुआ था।

पत्रकारिता, साहित्य और रचनात्मक संचार कला में योगदान देने के लिए साल 1997 में उन्हें रमन मैगसेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

महाश्वेता देवी को साहित्य में योगदान देने के लिए 2003 में प्रतिष्ठित पुरस्कार ऑरद्रे देस आर्ट्स एत देस लेटर्स से भी सम्मानित किया गया था।

--आईएएनएस

01:44 PM

दीपिका मौजूदा समय की बेहतरीन कलाकारों में से एक : विशाल भारद्वाज

कोलकाता, 14 जनवरी (आईएएनएस)। दिग्गज फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज अपनी अगली फिल्म में दीपिका पादुकोण व इरफान खान के साथ काम करेंगे। उन्होंने शनिवार को कहा कि दीपिका वर्तमान में देश के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं और इरफान उनके पसंदीदा अभिनेताओं में से हैं।

विशाल ने एपीजे कोलकाता लिटररी फेस्टिवल में अपनी कविताओं की नई किताब के लिए आयोजित एक सत्र के इतर आईएएनएस को बताया, मैं वास्तव में दीपिका के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूं। वह इस समय के बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं और इरफान मेरे पसंदीदा में से एक है। इसलिए मैं उनके साथ काम करने के लिए वास्तव में उत्साहित हूं।

दीपिका के साथ पहली बार काम कर रहे फिल्म निर्माता ने कहा कि फिल्म की पटकथा काफी पहले ही लिख ली गई और वह फिल्म पद्मावत के विवाद के बावजूद दीपिका को अपनी अगली परियोजना में लेने को लेकर किसी संशय में नहीं थे।

उन्होंने कहा, इस पटकथा को मैंने दो साल पहले लिखा था और मैं किसी भी चीज को लेकर संशय में नहीं हूं।

--आईएएनएस

01:38 PM
 रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट मैनेजमेंट लि. ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है और कंपनी ने शेयरधारकों को पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने घोषणा की है।

यहां जारी बयान में रिलांयस म्यूचुअल फंड की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने कहा है कि 31 दिसंबर, 2017 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 130 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी है।

समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का राजस्व 470 करोड़ रुपये रहा, जोकि साल-दर-साल आधार पर 31 फीसदी की बढ़ोतरी है।

कंपनी के निदेशक मंडल ने पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने की घोषणा की है।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप सिक्का के हवाले से बयान में कहा गया है, हम लाभप्रद विकास की तरफ ध्यान जारी रखेंगे और भारत आ रहे खुदरा निवेशकों और विदेशी निवेशकों से पूंजी बाजार में सबसे अधिक हिस्सा प्राप्त करेंगे।

2017 के 31 दिसंबर तक कंपनी के प्रबंधन में 3,87,871 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थीं।

--आईएएनएस

09:33 PM
Stock Exchange
Live Cricket Score

Create Account



Log In Your Account