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Last Updated At :- 23-09-2018 02:21 PM

केजरीवाल का मोहल्ला क्लिनिकों के लिए किरायामुक्त आवास, जमीन का आग्रह

नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी मोहल्ला क्लिनिकों की स्थापना के लिए रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के लोगों से किरायामुक्त जमीन व आवास देने का आग्रह किया।

राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक अखबार में विज्ञापन के जरिए कहा, आपकी सरकार को आपकी मदद की जरूरत है और हम आपसे एक महान कार्य का साझेदार बनने का आग्रह करते हैं।

विज्ञप्ति में श्रृंखलाबद्ध सवालों के जरिए कहा गया, क्या आप मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने के लिए दिल्ली सरकार को बिना किसी किराए के अपने खाली पड़े घर या जमीन उपलब्ध कराएंगे?

दूसरे सवाल में कहा गया, क्या मोहल्ला क्लीनिकों की स्थापना के लिए लोगों का एक समूह सामूहिक रूप से अपने क्षेत्र में घर/जमीन बिना किसी किराए पर मुहैया करा सकता है?

इसके साथ एक और सवाल में कहा गया, अगर आपके या आपके संगठन के पास भगवान की कृपा से पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं तो क्या आप दिल्ली के कुछ इलाकों में कुछ परिसर किराए पर ले सकते हैं और दिल्ली सरकार को मोहल्ला क्लीनिक की स्थापना के लिए इन्हें बिना किसी किराए के मुहैया करा सकते हैं?

इसके आगे विज्ञापन में कहा गया, यदि आपका जवाब हां है तो दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक स्थापित कर हर किसी को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराएगी।

बिना किराए के घर की न्यूनतम अवधि दो साल जबकि बिना किराए के जमीन की अवधि 10 वर्ष होगी।

केजरीवाल ने ट्वीट कर भी लोगों से इस महान कार्य में साझेदार बनने का आग्रह किया।

केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि उनकी सरकार दिल्ली को 1,000 मोहल्ला क्लीनिक देगी।

 इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

बेंगलुरु, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के तकनीकी मामलों की समीक्षा के लिए गठित मंत्री समूह के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जीएसटी ने अपने सॉफ्टवेयर वेंडर (प्रदाता) इन्फोसिस को व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए हुई मंत्रिसमूह की 10वीं बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमने जीएसटी परिषद के सुझाव के अनुसार नेटवर्क पर व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने को सरल बनाने के लिए इन्फोसिस को नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्रिसमूह के प्रमुख मोदी ने कहा, हमने अगले चार से छह महीने में नया सरलीकृत जीएसटी फार्म लागू करने की योजना बनाई है जिससे डीलर या व्यापारी को नेटवर्क के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का भुगतान करने में लाभ मिलेगा।

मंत्रिसमूह ने छोटे करदाताओं के लिए यूनीफॉर्म अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए देशभर से 18 कंपनियों को चिन्हित किया।

मोदी ने कहा, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी छोटे व्यापारियों को नया सॉफ्टवेयर प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी परिषद ने जैसाकि फैसला लिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां एक अक्टूबर से प्रभावी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर संग्रहित कर (टीसीएस) का भुगतान करेंगी।

केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 52 के तहत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर एक फीसदी तक राज्य जीएसटी और एक फीसदी केंद्रीय जीएसटी के लिए टीडीएस कटौती करनी है।

वहीं, 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर दो फीसदी समेकित जीएसटी की कटौती की जाएगी।

--आईएएनएस

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