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Last Updated At :- 16-01-2018 10:32 PM

मोदी ने इजरायली कंपनियों को मेक इन इंडिया के लिए आमंत्रित किया (राउंडअप)

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और इजरायल ने सोमवार को आतंकवाद से साथ मिलकर लड़ने का वादा किया, क्योंकि दोनों देश कूटनीतिक संबंधों के रजत वर्ष में अपने संबंधों को व्यापक बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली कंपनियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे भारत में रक्षा देश में उदार एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) का फायदा उठाएं और भारत में ज्यादा से ज्यादा निर्माण करें।

दोनों देशों ने मुक्त व्यापार और द्विपक्षीय निवेश संधि की आवश्यकता को रेखांकित किया।

अपने छह दिवसीय भारत दौरे के दूसरे दिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यहां हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता बाद भारत और इजरायल ने साइबर सुरक्षा, तेल व गैस क्षेत्र समेत नौ समझौतों पर हस्तक्षार किए। साइबर सुरक्षा में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। दूसरा समझौता ज्ञापन तेल एवं गैस क्षेत्र में भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और इजरायल के ऊर्जा मंत्रालय के बीच हुआ।

नेतन्याहू ने अपने साझा बयान में मोदी को क्रांतिकारी नेता बताया, जिन्होंने पूरे देश को आगे ले जाने की शुरुआत की है।

मोदी ने प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने साझा संबोधन में कहा, हम हमारे लोगों की जिंदगी को छूने वाले क्षेत्रों में सहयोग के मौजूदा स्तंभों को मजबूत करेंगे।

उन्होंने कहा, ये स्तंभ कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा हैं। हमने कृषि सहयोग में उत्कृष्टता केंद्रों का स्तर बढ़ाने पर विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने और नेतन्याहू ने हमारे पहले के निर्णय के कार्यान्वयन के लिए हमारी उत्सुकता को साझा किया।

उन्होंने कहा, इसके परिणाम धरातल पर दिखने भी लगे हैं। हमारी आज की चर्चा हमारे संबंधों के विस्तार और साझेदारी बढ़ने का सूचक है।

मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में उन्होंने इजरायली कंपनी को भारत में स्थानीय कंपनियों के साथ ज्यादा निर्माण करने के लिए उदार एफडीआई दौर का फायदा उठाने के लिए आमंत्रित किया है।

उन्होंने कहा, हम तेल व गैस, साइबर सुरक्षा, फिल्म और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में पहली बार निवेश कर रहे हैं।

मोदी ने कहा, हम अपने भौगोलिक क्षेत्रों के बीच लोगों और विचारों के प्रवाह को बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए सरकार से परे जाकर नीति सरलीकरण, बुनियादी ढांचे और संपर्क सूत्र और समर्थन जुटाने की जरूरत है।

बाद में विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) विजय गोखले ने कहा, दोनों देशों ने कहा कि वे आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

यह पूछे जाने पर कि संयुक्त बयान में कहीं भी पाकिस्तान का नाम क्यों नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि हर बार देश का नाम लेना जरूरी नहीं है। इस मुद्दे पर विचारों में कोई अंतर नहीं था।

नेतन्याहू ने पिछले वर्ष मोदी के ऐतिहासिक इजरायल दौरे के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे, जिससे सभी इजरायली और निश्चित ही भारतीय मूल के कई इजरायलियों को खुशी हुई थी।

नेतन्याहू ने कहा, हमें मुंबई में हुई आतंकवादी घटना याद है। हम ऐसी घटनाओं के आगे कभी हार नहीं मानेंगे और जवाब देंगे।

उन्होंने कहा, भारत में यहूदियों को कभी भी भेद-भाव का सामना नहीं करना पड़ा। यह भारत की महान सभ्यता, सहिष्णुता और लोकतंत्र का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि तीन चीजें भारत और इजरायल को एक साथ लाती हैं। एक दोनों के पास प्राचीन सभ्यता है, दोनों के पास जोशपूर्ण भविष्य है और दोनों भविष्य के अवसर का उपयोग करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, भारत और इजरायल की दोस्ती से काफी फायदा होगा।

मोदी ने प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने साझा संबोधन में कहा, हम हमारे लोगों की जिंदगी को छूने वाले क्षेत्रों में सहयोग के मौजूदा स्तंभों को मजबूत करेंगे।

उन्होंने कहा, ये स्तंभ कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा हैं। हमने कृषि सहयोग में उत्कृष्टता केंद्रों का स्तर बढ़ाने पर विचार साझा किए।

मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में उन्होंने इजरायली कंपनी को भारत में स्थानीय कंपनियों के साथ ज्यादा निर्माण करने के लिए उदार एफडीआई दौर का फायदा उठाने के लिए आमंत्रित किया है।

हवाई परिवहन समझौते में संशोधन पर भारत और इजरायल के बीच एक प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए गए। भारत और इजरायल के बीच संयुक्त रूप से फिल्म निर्माण पर भी एक समझौता हुआ।

होम्योपैथिक दवाओं में अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक तीसरे समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर आयुष मंत्रालय के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद और इजरायल के शारे जेडक मेडिकल सेंटर के सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड कंप्लीमेंटरी मेडिसिन के बीच हुआ।

अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के लिए भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) और टेक्नियन-इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत में निवेश और इजरायल में निवेश पर एक आशय ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुआ। इंडियन ऑयल और इजराइल के फिनर्जी लिमिटेड ने धातु-हवा बैटरी के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक आशय-पत्र पर हस्ताक्षर किए।

इंडियन ऑयल और इजरायल के येदा रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के बीच एक अन्य आशय पत्र पर हस्ताक्षर सकेंद्रित सौर तापीय प्रौद्योगिकी में सहयोग के लिए किए गए।

इससे पहले सोमवार को इजरायली प्रधानमंत्री का यहां राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया।

130 सदस्यीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ नेतन्याहू अपने छह दिवसीय भारत दौरे पर रविवार को पहुंचे। इस दौरान वह आगरा, अहमदाबाद और मुंबई जाएंगे।

किसी इजरायली प्रधानमंत्री का भारत दौरा 15 सालों बाद हो रहा है। इससे पहले 2003 में एरियल शेरॉन भारत दौरे पर आए थे।

 रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट देगी 5 फीसदी अंतरिम लाभांश

मुंबई, 16 जनवरी (आईएएनएस)। रिलायंस निप्पन लाइफ एस्सेट मैनेजमेंट लि. ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है और कंपनी ने शेयरधारकों को पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने घोषणा की है।

यहां जारी बयान में रिलांयस म्यूचुअल फंड की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने कहा है कि 31 दिसंबर, 2017 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 130 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की बढ़ोतरी है।

समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का राजस्व 470 करोड़ रुपये रहा, जोकि साल-दर-साल आधार पर 31 फीसदी की बढ़ोतरी है।

कंपनी के निदेशक मंडल ने पांच रुपये प्रति शेयर लाभांश जारी करने की घोषणा की है।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप सिक्का के हवाले से बयान में कहा गया है, हम लाभप्रद विकास की तरफ ध्यान जारी रखेंगे और भारत आ रहे खुदरा निवेशकों और विदेशी निवेशकों से पूंजी बाजार में सबसे अधिक हिस्सा प्राप्त करेंगे।

2017 के 31 दिसंबर तक कंपनी के प्रबंधन में 3,87,871 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थीं।

--आईएएनएस

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