• Last Updates : 03:35 PM
Last Updated At :- 23-09-2018 07:15 PM

भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता रद्द की (लीड-1)

नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों की हत्या करने और आतंकवाद का महिमामंडन करने का आरोप लगाते हुए, भारत ने पाकिस्तान के विदेशमंत्री के साथ भारतीय विदेशमंत्री की प्रस्तावित वार्ता शुक्रवार को रद्द कर दी।

भारत ने कहा है कि इस्लामाबाद के शैतानी एजेंडे (इविल एजेंडा) का पर्दाफाश हो गया है।

विदेशमंत्री सुषमा स्वराज न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करने वाली थीं।

भारत सरकार ने अपने कड़े बयान में कहा कि गुरुवार को वार्ता के संबंध में घोषणा होने के बाद, काफी निराश करने वाले दो ताजा मामले सामने आए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, पाकिस्तान स्थित संगठनों द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में हमारे सुरक्षाकर्मियों की हाल में की गई जघन्य हत्या और पाकिस्तान की ओर से आतंक और आतंकवादियों का महिमामंडित करने वाली 20 डाक टिकट जारी करने का निर्णय दिखाता है कि वह अपना रास्ता कभी नहीं बदलेगा।

बयान के अनुसार, यह अब स्पष्ट है कि नई शुरुआत के लिए वार्ता का प्रस्ताव देने के पीछे पाकिस्तान के शैतानी एजेंडे का पर्दाफाश हो गया और पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान का असली चेहरा दुनिया के सामने आ गया है।

बयान के अनुसार, ऐसे माहौल में पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की वार्ता का कोई मतलब नहीं है।

बयान के अनुसार, बदले हुए परिदृश्य में, न्यूयॉर्क में भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात नहीं होगी।

पाकिस्तान ने हिजबुल मुजाहिदीन के नेता बुरहान वानी की याद में एक डाक टिकट जारी किया है। बुरहान वानी को जुलाई 2016 में भारतीय सुरक्षा बलों ने मार गिराया था, जिसके बाद घाटी में लंबे समय तक प्रदर्शन हुए थे।

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब आतंकवादियों ने जम्मू एवं कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों को अगवा किया और बाद में उनकी हत्या कर दी।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि भारत ने सुषमा स्वराज और कुरैशी के बीच मुलाकात के पाकिस्तान के प्रस्ताव को मान लिया है। इस घोषणा के 24 घंटे के अंदर ही भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता रद्द कर दी।

भारत ने कहा था कि वह पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान व कुरैशी द्वारा लिखित पत्र की भावना के जवाब में न्यूयॉर्क बैठक के लिए सहमत हुआ है।

 इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

इन्फोसिस डिजाइन करेगी जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म

बेंगलुरु, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के तकनीकी मामलों की समीक्षा के लिए गठित मंत्री समूह के प्रमुख सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जीएसटी ने अपने सॉफ्टवेयर वेंडर (प्रदाता) इन्फोसिस को व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए हुई मंत्रिसमूह की 10वीं बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने यहां संवाददाताओं को बताया, हमने जीएसटी परिषद के सुझाव के अनुसार नेटवर्क पर व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल करने को सरल बनाने के लिए इन्फोसिस को नया फॉर्म डिजाइन करने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और मंत्रिसमूह के प्रमुख मोदी ने कहा, हमने अगले चार से छह महीने में नया सरलीकृत जीएसटी फार्म लागू करने की योजना बनाई है जिससे डीलर या व्यापारी को नेटवर्क के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर का भुगतान करने में लाभ मिलेगा।

मंत्रिसमूह ने छोटे करदाताओं के लिए यूनीफॉर्म अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए देशभर से 18 कंपनियों को चिन्हित किया।

मोदी ने कहा, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में समानता सुनिश्चित करने के लिए सभी छोटे व्यापारियों को नया सॉफ्टवेयर प्रदान किया जाएगा।

जीएसटी परिषद ने जैसाकि फैसला लिया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां एक अक्टूबर से प्रभावी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर संग्रहित कर (टीसीएस) का भुगतान करेंगी।

केंद्र सरकार ने 13 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 52 के तहत टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्टूबर की तारीख अधिसूचित की थी।

ई-कॉमर्स कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर एक फीसदी तक राज्य जीएसटी और एक फीसदी केंद्रीय जीएसटी के लिए टीडीएस कटौती करनी है।

वहीं, 2.5 लाख रुपये से अधिक की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर दो फीसदी समेकित जीएसटी की कटौती की जाएगी।

--आईएएनएस

10:55 PM
Stock Exchange
Live Cricket Score

Create Account



Log In Your Account